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अनामिका को अमर उजाला की मुहिम से मिला रोजगार
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12द्दस्रड्डश्च2-गोंडा में अमर उजाला दफ्तर में अनामिका शुक्ला को नियुक्ति प्रमाण पत्र देते एक वित्
- फोटो : GONDA
गोंडा। अनामिका को लेकर अमर उजाला की मुहिम को सफलता मिली है। गोंडा के एक कॉलेज ने असली अनामिका को नौकरी देने का फैसला किया है। तरबगंज के भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक इंटर कॉलेज रामपुर टेंगरहा के प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डे ने अनामिका को अस्थाई शिक्षिका के पद पर तैनात करने का फैसला लिया है। इसका प्रस्ताव भी कॉलेज की प्रबंध समिति ने पास कर दिया है।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में असली अनामिका तो बेरोजगार निकली, गोंडा में मिली, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद कॉलेज के प्रबंधक ने अनामिका को बताया कि संस्थान में आपको अस्थाई तौर नियुक्ति दी जा रही है। बाकी जब भी प्रदेश सरकार की ओर से कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी तो आप उसके लिए आवेदन कर सकती हैं। शिक्षिका बनने का सपना पूरा होने से उत्साहित अनामिका शुक्ला को प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डेय ने नियुक्ति पत्र भी सौंपा। प्रबंधक ने कहा कि स्कूल के गैर सरकारी सहायता के प्राइमरी अनुभाग में अनामिका को सेवा का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के लिए तय वेतनमान दिया जाएगा।
उनका कहना था कि अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी सीमाओं को देखते हुए अनामिका शुक्ला को शिक्षक के पद पर नौकरी का अवसर प्रदान किया है। अनामिका शुक्ला नियुक्ति पत्र लेकर उत्साह से लबरेज दिखीं। अनामिका ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि जिले में ऐसी विचारधारा के लोग हैं। बच्चों को पढ़ाने की इच्छा मन में काफी सालों से थी लेकिन व्यक्तिगत परेशानियों के चलते सफल नहीं हो पाईं थीं। उन्हें जब यह जानकारी हुई कि उनके नाम पर दूसरे लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें दुख हुआ। बीएसए के पास अपना पक्ष रखने गईं थीं तो बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने भी उनको प्रोत्साहित किया था। बात मानदेय या वेतन का नहीं है, बात अवसर की है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। जिससे उनका सपना पूरा हो सका।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के लिए अनामिका शुक्ला ने आवेदन किया था, वह भी पद भी संविदा पर ही था। 22 हजार रुपये मासिक मानेदय पर ही 11 महीने के लिए कस्तूरबा गांधी स्कूलों में शिक्षकों को नियुक्ति होती है हर साल जुलाई माह में नवीनीकरण की व्यवस्था है।
अनामिका शुक्ल ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने बीएड व टीईटी बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से ही किया था। नियुक्ति अस्थाई है लेकिन इससे कोई फर्क नही पड़ता है खुशी है कि उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि दो बच्चों के होने से दूसरे जिलों में नियुक्ति होती भी तो स्कूल में ही रहकर नौकरी करना होता। इससे परिवार में समय नही दे पातीं और दिक्कत होती, इस विवशता से भी उन्होंने आवेदन करने के बाद इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब अपने जिले में ही नौकरी मिल गई।
भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक इंटर कॉलेज में प्राइमरी अनुभाग मान्यता प्राप्त है। अनामिका शुक्ला को सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति दी गई है। नियुक्ति का पत्र विभाग के अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से भेजा जा रहा है। जिससे जुुलाई में अनामिका शुक्ला को कार्यभार ग्रहण कराया जा सके।
दिग्विजय नाथ पांडे, प्रबंधक
पुलिस ने अनामिका शुक्ला की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर पर जांच शुरू कर दी है। नगर कोतवाल आलोक राव ने बताया कि प्रदेश के नौ जिलों में दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सभी जिलों में हो रही कार्रवाई की जानकारी की जाएगी। हर पहलू की जांच होगी।
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अमर उजाला ने बुधवार के अंक में असली अनामिका तो बेरोजगार निकली, गोंडा में मिली, शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद कॉलेज के प्रबंधक ने अनामिका को बताया कि संस्थान में आपको अस्थाई तौर नियुक्ति दी जा रही है। बाकी जब भी प्रदेश सरकार की ओर से कोई भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी तो आप उसके लिए आवेदन कर सकती हैं। शिक्षिका बनने का सपना पूरा होने से उत्साहित अनामिका शुक्ला को प्रबंधक दिग्विजय नाथ पाण्डेय ने नियुक्ति पत्र भी सौंपा। प्रबंधक ने कहा कि स्कूल के गैर सरकारी सहायता के प्राइमरी अनुभाग में अनामिका को सेवा का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के लिए तय वेतनमान दिया जाएगा।
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उनका कहना था कि अमर उजाला में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी सीमाओं को देखते हुए अनामिका शुक्ला को शिक्षक के पद पर नौकरी का अवसर प्रदान किया है। अनामिका शुक्ला नियुक्ति पत्र लेकर उत्साह से लबरेज दिखीं। अनामिका ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि जिले में ऐसी विचारधारा के लोग हैं। बच्चों को पढ़ाने की इच्छा मन में काफी सालों से थी लेकिन व्यक्तिगत परेशानियों के चलते सफल नहीं हो पाईं थीं। उन्हें जब यह जानकारी हुई कि उनके नाम पर दूसरे लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें दुख हुआ। बीएसए के पास अपना पक्ष रखने गईं थीं तो बीएसए डॉ. इंद्रजीत प्रजापति ने भी उनको प्रोत्साहित किया था। बात मानदेय या वेतन का नहीं है, बात अवसर की है। उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अमर उजाला का आभार जताया। जिससे उनका सपना पूरा हो सका।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के लिए अनामिका शुक्ला ने आवेदन किया था, वह भी पद भी संविदा पर ही था। 22 हजार रुपये मासिक मानेदय पर ही 11 महीने के लिए कस्तूरबा गांधी स्कूलों में शिक्षकों को नियुक्ति होती है हर साल जुलाई माह में नवीनीकरण की व्यवस्था है।
अनामिका शुक्ल ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद खुशी का इजहार करते हुए कहा कि उन्होंने बीएड व टीईटी बच्चों को पढ़ाने के उद्देश्य से ही किया था। नियुक्ति अस्थाई है लेकिन इससे कोई फर्क नही पड़ता है खुशी है कि उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि दो बच्चों के होने से दूसरे जिलों में नियुक्ति होती भी तो स्कूल में ही रहकर नौकरी करना होता। इससे परिवार में समय नही दे पातीं और दिक्कत होती, इस विवशता से भी उन्होंने आवेदन करने के बाद इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब अपने जिले में ही नौकरी मिल गई।
भैय्या चंद्रभान दत्त स्मारक इंटर कॉलेज में प्राइमरी अनुभाग मान्यता प्राप्त है। अनामिका शुक्ला को सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति दी गई है। नियुक्ति का पत्र विभाग के अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से भेजा जा रहा है। जिससे जुुलाई में अनामिका शुक्ला को कार्यभार ग्रहण कराया जा सके।
दिग्विजय नाथ पांडे, प्रबंधक
पुलिस ने अनामिका शुक्ला की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर पर जांच शुरू कर दी है। नगर कोतवाल आलोक राव ने बताया कि प्रदेश के नौ जिलों में दुरुपयोग का मामला सामने आया है। सभी जिलों में हो रही कार्रवाई की जानकारी की जाएगी। हर पहलू की जांच होगी।