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Gonda News: हत्या के बाद विनोद को अपना बताने की सियासी होड़
Fri, 11 Sep 2026 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:26 PM IST
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विनोद की पोस्ट और हत्या के बाद अखिलेश यादव की पोस्ट। सोशल मीडिया
गोंडा। विनोद साहनी की हत्या के बाद अब उन्हें अपने पाले का बताने की सियासी होड़ शुरू हो गई है। सपा ने उन्हें अपना कार्यकर्ता बताया तो निषाद पार्टी की ओर से उन्हें प्रचारक बताया गया। हालांकि विनोद के करीबियों का कहना है कि वह वर्तमान में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से जुड़े थे। वह पार्टी में किस पद पर थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
बर्तन की दुकान चलाने वाले विनोद ने निषाद समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह पहले निषाद पार्टी से जुड़े रहे थे। हालांकि चार सितंबर को फेसबुक पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने खुद निषाद पार्टी से किसी तरह का संबंध होने से इन्कार किया था। पोस्ट में उन्होंने निषाद पार्टी और उसके नेतृत्व पर कई सवाल भी उठाए थे। अंत में उन्होंने “जय वीआईपी” लिखकर विकासशील इंसान पार्टी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का संकेत दिया था।
विनोद सोशल मीडिया पर राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय थे। वह वीआईपी के कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट भी अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते थे। उनके करीबियों के मुताबिक, इसी वजह से वर्तमान में उनका जुड़ाव वीआईपी से माना जा रहा है। पार्टी के नेता मुकेश भी सोशल मीडिया पर उन्हें अपना ‘क्रांतिकारी साथी’ बता चुके हैं।
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हत्याकांड के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विनोद को पार्टी से जुड़ा बताया था। वहीं, निषाद पार्टी की ओर से उन्हें अपना प्रचारक बताए जाने के बाद अब उनके पुराने और हालिया सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में हैं। इन पोस्टों से विनोद के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर अलग तस्वीर सामने आती है।
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बर्तन की दुकान चलाने वाले विनोद ने निषाद समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी। वह पहले निषाद पार्टी से जुड़े रहे थे। हालांकि चार सितंबर को फेसबुक पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने खुद निषाद पार्टी से किसी तरह का संबंध होने से इन्कार किया था। पोस्ट में उन्होंने निषाद पार्टी और उसके नेतृत्व पर कई सवाल भी उठाए थे। अंत में उन्होंने “जय वीआईपी” लिखकर विकासशील इंसान पार्टी के प्रति अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता का संकेत दिया था।
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विनोद सोशल मीडिया पर राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय थे। वह वीआईपी के कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट भी अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते थे। उनके करीबियों के मुताबिक, इसी वजह से वर्तमान में उनका जुड़ाव वीआईपी से माना जा रहा है। पार्टी के नेता मुकेश भी सोशल मीडिया पर उन्हें अपना ‘क्रांतिकारी साथी’ बता चुके हैं।
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हत्याकांड के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विनोद को पार्टी से जुड़ा बताया था। वहीं, निषाद पार्टी की ओर से उन्हें अपना प्रचारक बताए जाने के बाद अब उनके पुराने और हालिया सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में हैं। इन पोस्टों से विनोद के राजनीतिक जुड़ाव को लेकर अलग तस्वीर सामने आती है।

विनोद की पोस्ट और हत्या के बाद अखिलेश यादव की पोस्ट। सोशल मीडिया