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जिनपिंग के दौरे की तैयारी: ट्रंप एयरपोर्ट पर करेंगे स्वागत; किन मुद्दों पर होगी बात, क्या व्यापार तनाव घटेगा?
Sat, 19 Sep 2026 07:45 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 19 Sep 2026 07:45 AM IST
सार
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचेंगे। ट्रंप खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करेंगे। टैरिफ, एआई और दुर्लभ खनिज जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं की अहम बातचीत होगी, तो क्या इस मुलाकात से अमेरिका-चीन के व्यापार तनाव में नरमी आएगी? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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शी जिनपिंग, डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते अमेरिका आएंगे। यह एक दशक से ज्यादा समय बाद चीन के किसी नेता की पहली राजकीय यात्रा होगी। शी वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्हाइट हाउस में अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके साथ ही दोनों के बीच अनौपचारिक बातचीत भी होगी। शी का विमान बुधवार को वाशिंगटन के बाहर स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचेगा। ट्रंप खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने मौजूद रहेंगे। वरिष्ठ अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों ने पत्रकारों को यह जानकारी दी।
आमतौर पर ट्रंप विदेशी नेताओं से व्हाइट हाउस में मिलते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करना असामान्य है। शी की यात्रा का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार को होगा। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। इसके लिए व्हाइट हाउस के स्टेट फ्लोर पर एक स्वागत समारोह होगा। यह समारोह घर के अंदर आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद ट्रंप और शी रोज गार्डन में सैनिकों का निरीक्षण करेंगे। फिर दोनों नेता बंद कमरे में बातचीत करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन का अलग कार्यक्रम होगा। उधर उनके पति दोनों देशों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी।
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गुरुवार को शी और उनकी पत्नी राजकीय रात्रिभोज में मेहमान होंगे। ट्रंप और प्रथम महिला इस रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। यह रात्रिभोज व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में होगा। ट्रंप ने कहा कि हर कोई इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहता है। दोनों नेता इस मौके पर भाषण भी देंगे।
रात्रिभोज पर कौन-कौन मेहमान होंगे शामिल?
ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हजारों लोग इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि व्हाइट हाउस में बनाया जा रहा 1,000 लोगों की क्षमता वाला नया बॉलरूम अभी तैयार नहीं है। इस वजह से यह कार्यक्रम वहां नहीं हो सकेगा। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कई बहुत अच्छे दोस्तों से कह दिया है कि वे इस कार्यक्रम में नहीं आ सकते। व्हाइट हाउस ने रात्रिभोज में आने वाले कुछ लोगों के नाम बताए लेकिन ट्रंप के तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कुछ दोस्तों को रात्रिभोज में आमंत्रित किया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, रात्रिभोज में शामिल होने वाले लोगों में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस भी हैं। टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क भी शामिल होंगे। गूगल के सुंदर पिचाई भी मेहमानों की सूची में हैं। डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल भी इसमें शामिल होंगे।
सूची में एनवीडिया के जेंसन हुआंग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, सिटीग्रुप की सीईओ जेन फ्रेजर भी आएंगी। एपल के सीईओ पद से हाल ही में हटे टिम कुक भी मेहमान पेंग लियुआन फिर व्हाइट हाउस आएंगे।
अगले शुक्रवार को शी और पेंग लियुआन फिर व्हाइट हाउस आएंगे। वे ट्रंप दंपती के साथ निजी चाय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद ट्रंप दंपती उन्हें नेशनल आर्काइव्स का दौरा कराएंगे। यहां अमेरिका के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पुराने दस्तावेज रखे हैं। अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है।
क्या टैरिफ पर दोनों देशों के बीच बनेगी बात?
दौरे के बाद शी ज्वाइंट बेस एंड्र्यूज जाएंगे। यात्रा के दूसरे अहम मुद्दों पर भी अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी। इनमें टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दुर्लभ खनिज शामिल हैं। अमेरिका और चीन कुछ गैर-जरूरी सामान पर टैरिफ कम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों को फायदा हो सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उनके अनुसार, यह कदम कुछ सीमित सामानों पर लागू हो सकता है। इससे दोनों देशों को फायदा हो सकता है। अधिकारियों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस ने उनके लिए ऐसी शर्तें तय की थीं।
ये भी पढ़ें: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?
क्या दुर्लभ खनिज पर अमेरिका देगा कोई राहत?
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका अभी अपने निर्यात नियंत्रण में ढील देने के लिए तैयार नहीं है। इसका मतलब है कि दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर अमेरिकी नियंत्रण में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दुर्लभ खनिज कई तरह के उत्पादों के लिए जरूरी होते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि चीन की ओर से इन खनिजों की पर्याप्त और स्वीकार्य आपूर्ति बनाए रखने पर चर्चा होगी। लेकिन अमेरिका के निर्यात नियंत्रण कम करने के बदले चीन की ओर से कुछ देने जैसा कोई समझौता होने की संभावना कम है।
अमेरिकी वित्त मंत्री और चीनी उपप्रधानमंत्री की बैठक में क्या होंगे मुद्दे?
अलग से, अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट न्यूयॉर्क में सप्ताहांत के दौरान चीन के उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम से जुड़े व्यक्ति ने यह जानकारी दी। इस बैठक में कई आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इस व्यक्ति के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा होगा। चीन के पास मौजूद दुर्लभ खनिजों का भंडार भी बातचीत के एजेंडे में होगा। ये खनिज स्मार्टफोन से लेकर लड़ाकू विमानों तक कई चीजों के लिए जरूरी हैं।
दुर्लभ खनिजों पर चीन का एकाधिकार
दुर्लभ खनिजों पर चीन का लगभग एकाधिकार है। ट्रंप के टैरिफ और चीन पर लगाए गए दूसरे प्रतिबंधों के बाद चीन ने इन खनिजों की ताकत का इस्तेमाल अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने के लिए किया है। यह व्यापार युद्ध ट्रंप के टैरिफ और चीन पर लगाए गए दूसरे प्रतिबंधों से शुरू हुआ था। इस मुद्दे पर बातचीत सोमवार तक कामकाजी स्तर पर जारी रह सकती है। बैठक से परिचित व्यक्ति ने यह जानकारी दी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भी रविवार को हे लाइफेंग के साथ बैठक में बेसेंट के साथ शामिल होंगे। ग्रीर के कार्यालय ने शुक्रवार शाम इसकी घोषणा की।
ट्रंप मई में चीन गए थे। वे अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी चीन गए थे। उन्होंने दोनों मौकों पर शी के साथ बातचीत की थी। उस समय शी ने अपने अमेरिकी समकक्ष का भव्य स्वागत किया था। शी आखिरी बार सितंबर 2015 में अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आए थे। उस समय अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा राष्ट्रपति थे।
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आमतौर पर ट्रंप विदेशी नेताओं से व्हाइट हाउस में मिलते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करना असामान्य है। शी की यात्रा का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार को होगा। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। इसके लिए व्हाइट हाउस के स्टेट फ्लोर पर एक स्वागत समारोह होगा। यह समारोह घर के अंदर आयोजित किया जाएगा।
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इसके बाद ट्रंप और शी रोज गार्डन में सैनिकों का निरीक्षण करेंगे। फिर दोनों नेता बंद कमरे में बातचीत करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन का अलग कार्यक्रम होगा। उधर उनके पति दोनों देशों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी।
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गुरुवार को शी और उनकी पत्नी राजकीय रात्रिभोज में मेहमान होंगे। ट्रंप और प्रथम महिला इस रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। यह रात्रिभोज व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में होगा। ट्रंप ने कहा कि हर कोई इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहता है। दोनों नेता इस मौके पर भाषण भी देंगे।
रात्रिभोज पर कौन-कौन मेहमान होंगे शामिल?
ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हजारों लोग इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि व्हाइट हाउस में बनाया जा रहा 1,000 लोगों की क्षमता वाला नया बॉलरूम अभी तैयार नहीं है। इस वजह से यह कार्यक्रम वहां नहीं हो सकेगा। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कई बहुत अच्छे दोस्तों से कह दिया है कि वे इस कार्यक्रम में नहीं आ सकते। व्हाइट हाउस ने रात्रिभोज में आने वाले कुछ लोगों के नाम बताए लेकिन ट्रंप के तकनीकी क्षेत्र से जुड़े कुछ दोस्तों को रात्रिभोज में आमंत्रित किया गया है।
व्हाइट हाउस के अनुसार, रात्रिभोज में शामिल होने वाले लोगों में अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस भी हैं। टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क भी शामिल होंगे। गूगल के सुंदर पिचाई भी मेहमानों की सूची में हैं। डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल भी इसमें शामिल होंगे।
सूची में एनवीडिया के जेंसन हुआंग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, सिटीग्रुप की सीईओ जेन फ्रेजर भी आएंगी। एपल के सीईओ पद से हाल ही में हटे टिम कुक भी मेहमान पेंग लियुआन फिर व्हाइट हाउस आएंगे।
अगले शुक्रवार को शी और पेंग लियुआन फिर व्हाइट हाउस आएंगे। वे ट्रंप दंपती के साथ निजी चाय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद ट्रंप दंपती उन्हें नेशनल आर्काइव्स का दौरा कराएंगे। यहां अमेरिका के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पुराने दस्तावेज रखे हैं। अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मना रहा है।
क्या टैरिफ पर दोनों देशों के बीच बनेगी बात?
दौरे के बाद शी ज्वाइंट बेस एंड्र्यूज जाएंगे। यात्रा के दूसरे अहम मुद्दों पर भी अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी। इनमें टैरिफ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और दुर्लभ खनिज शामिल हैं। अमेरिका और चीन कुछ गैर-जरूरी सामान पर टैरिफ कम कर सकते हैं। इससे दोनों देशों को फायदा हो सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उनके अनुसार, यह कदम कुछ सीमित सामानों पर लागू हो सकता है। इससे दोनों देशों को फायदा हो सकता है। अधिकारियों ने अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। व्हाइट हाउस ने उनके लिए ऐसी शर्तें तय की थीं।
ये भी पढ़ें: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?
क्या दुर्लभ खनिज पर अमेरिका देगा कोई राहत?
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका अभी अपने निर्यात नियंत्रण में ढील देने के लिए तैयार नहीं है। इसका मतलब है कि दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर अमेरिकी नियंत्रण में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दुर्लभ खनिज कई तरह के उत्पादों के लिए जरूरी होते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि चीन की ओर से इन खनिजों की पर्याप्त और स्वीकार्य आपूर्ति बनाए रखने पर चर्चा होगी। लेकिन अमेरिका के निर्यात नियंत्रण कम करने के बदले चीन की ओर से कुछ देने जैसा कोई समझौता होने की संभावना कम है।
अमेरिकी वित्त मंत्री और चीनी उपप्रधानमंत्री की बैठक में क्या होंगे मुद्दे?
अलग से, अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट न्यूयॉर्क में सप्ताहांत के दौरान चीन के उपप्रधानमंत्री हे लाइफेंग से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम से जुड़े व्यक्ति ने यह जानकारी दी। इस बैठक में कई आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी। इस व्यक्ति के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा होगा। चीन के पास मौजूद दुर्लभ खनिजों का भंडार भी बातचीत के एजेंडे में होगा। ये खनिज स्मार्टफोन से लेकर लड़ाकू विमानों तक कई चीजों के लिए जरूरी हैं।
दुर्लभ खनिजों पर चीन का एकाधिकार
दुर्लभ खनिजों पर चीन का लगभग एकाधिकार है। ट्रंप के टैरिफ और चीन पर लगाए गए दूसरे प्रतिबंधों के बाद चीन ने इन खनिजों की ताकत का इस्तेमाल अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने के लिए किया है। यह व्यापार युद्ध ट्रंप के टैरिफ और चीन पर लगाए गए दूसरे प्रतिबंधों से शुरू हुआ था। इस मुद्दे पर बातचीत सोमवार तक कामकाजी स्तर पर जारी रह सकती है। बैठक से परिचित व्यक्ति ने यह जानकारी दी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर भी रविवार को हे लाइफेंग के साथ बैठक में बेसेंट के साथ शामिल होंगे। ग्रीर के कार्यालय ने शुक्रवार शाम इसकी घोषणा की।
ट्रंप मई में चीन गए थे। वे अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी चीन गए थे। उन्होंने दोनों मौकों पर शी के साथ बातचीत की थी। उस समय शी ने अपने अमेरिकी समकक्ष का भव्य स्वागत किया था। शी आखिरी बार सितंबर 2015 में अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आए थे। उस समय अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा राष्ट्रपति थे।