कोतवाली क्षेत्र के नगवां गांव निवासी गोरखपुर जनपद में ट्रैफिक पुलिस में दीवान के पद पर तैनात एक युवक की रविवार को देवरिया बाईपास के खोराबार थाना क्षेत्र के बसडीला गांव के सामने अज्ञात वाहन से कुचलकर मौत हो गई थी। सोमवार को शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। इधर दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
नगवां गांव निवासी राम कृपाल सिंह यादव उर्फ राम कुंवर यादव (40) गोरखपुर में ट्रैफिक दीवान के पद पर तैनात थे। शनिवार की रात करीब दो बजे देवरिया बाईपास पर ड्यूटी लगी थी। रविवार की सुबह करीब नौ बजे वह बाइक से फोरलेन से वापस आ रहे थे कि खोराबार थाना क्षेत्र के बसडीला गांव के सामने किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए और उनकी कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। खोराबार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव गोरखपुर पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि के रखा गया। इधर सुबह दीवान का शव पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार के लोग दहाड़े मार कर रोने लगे। देखते ही देखते दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। गांव के लोग काफी दु:खी और मर्माहत दिखाई पड़ रहे थे। वह वर्ष 1995 में उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे। रामकृपाल की मां बदामी देवी, पत्नी सरस्वती देवी, पुत्र अभिषेक, विशाल एवं पुत्री प्रिया के बिलखने से सन्नाटा पसर गया। उनका अंतिम संस्कार गाजीपुर स्थित श्मशान घाट पर किया गया।