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किसानों की मजबूरी का लाभ उठा रहे कारोबारी.
Updated Mon, 28 May 2018 11:04 PM IST
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गाजीपुर। गेहूं क्रय केंद्रों की स्थिति में अब भी सुधार नहीं हुआ है। कई केंद्रों पर भंडारण की समस्या बनी हुई है। गोदाम भर जाने के कारण परेशान किसान कारोबारियों के हाथों कम कीमत में गेहूं बेचने के लिए विवश हैं।
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष 54 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 75 क्रय केंद्र खोले गए। इसमें खाद्य विभाग के 16, पंजीकृत सहकारी समिति आठ, पीसीएफ 30, यूपी एग्रो , यूपीपीसीयू, कर्मचारी कल्याण निगम 3-3, एनसीसीएफ 10 एवं भारतीय खाद्य निगम के 2 केंद्र हैं। क्रय केंद्रों को लक्ष्य आवंटित करते हुए खरीद के लिए पहली अप्रैल से 15 जून तक की अवधि निर्धारित की गई। जिले में अब तक 44463 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। गेहूं की यह खरीद 76 सौ से ज्यादा किसानों से की गई है। भंडारण के लिए प्रशासन की ओर से गोदामों की व्यवस्था की गई है लेकिन अब भी कई क्रय केंद्रों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। गोदाम भर जाने का हवाला देते हुए किसानों को वापस कर दिया जा रहा है। कुछ केंद्रों पर खरीद न होने के कारण कई किसान कारोबारियों के हाथों कम कीमत में गेहूं बेचने के लिए विवश हैं। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि 44463 एमटी गेहूं खरीद के सापेक्ष 25743 एमटी गेहूं का संप्रदान कर दिया गया है। शेष का संप्रदान किया जा रहा है। कुछ एजेंसियों से किसानों का भुगतान अवशेष है। उनको किसानों को जल्द भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। बताया कि लघु एवं सीमांत किसानों से वरीयता के आधार पर गेहूं की खरीद करने के क्रम में जिलाधिकारी की ओर से बुधवार एवं शनिवार का दिन निर्धारित किया गया।
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शासन की ओर से जिले को इस वर्ष 54 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 75 क्रय केंद्र खोले गए। इसमें खाद्य विभाग के 16, पंजीकृत सहकारी समिति आठ, पीसीएफ 30, यूपी एग्रो , यूपीपीसीयू, कर्मचारी कल्याण निगम 3-3, एनसीसीएफ 10 एवं भारतीय खाद्य निगम के 2 केंद्र हैं। क्रय केंद्रों को लक्ष्य आवंटित करते हुए खरीद के लिए पहली अप्रैल से 15 जून तक की अवधि निर्धारित की गई। जिले में अब तक 44463 एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। गेहूं की यह खरीद 76 सौ से ज्यादा किसानों से की गई है। भंडारण के लिए प्रशासन की ओर से गोदामों की व्यवस्था की गई है लेकिन अब भी कई क्रय केंद्रों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। गोदाम भर जाने का हवाला देते हुए किसानों को वापस कर दिया जा रहा है। कुछ केंद्रों पर खरीद न होने के कारण कई किसान कारोबारियों के हाथों कम कीमत में गेहूं बेचने के लिए विवश हैं। इस संबंध में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रतन कुमार शुक्ला ने बताया कि 44463 एमटी गेहूं खरीद के सापेक्ष 25743 एमटी गेहूं का संप्रदान कर दिया गया है। शेष का संप्रदान किया जा रहा है। कुछ एजेंसियों से किसानों का भुगतान अवशेष है। उनको किसानों को जल्द भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। बताया कि लघु एवं सीमांत किसानों से वरीयता के आधार पर गेहूं की खरीद करने के क्रम में जिलाधिकारी की ओर से बुधवार एवं शनिवार का दिन निर्धारित किया गया।
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