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Ghazipur News: 27 वाद निस्तारित हुए, तीन में सजा हुई

Tue, 14 Apr 2026 12:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:55 AM IST
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27 cases disposed of convictions in three
गाजीपुर। अभियोजन की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट के सभागार में सोमवार को हुई। मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि सत्र न्यायालय में कुल 27 वाद निस्तारित हुए जिसमें 3 में सजा हुई। 18 वाद में अभियुक्त रिहा हुए तथा 15 वाद में अभियुक्त पक्षद्रोहिता के कारण रिहा हुए। अन्य अधिनियम के अन्तर्गत 9 वाद निस्तारित हुए, जिसमें 9 वाद में अभियुक्त को सजा हुई।
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थाना भुड़कुड़ा मु.अ.सं. 120/2024 वाद सं. 1087/2024 धारा 80, 85, बीएनएसएस एवं 3/4 डीपी एक्ट स्टेट बनाम संदीप कश्यप में जनपद न्यायाधीश न्यायालय की ओर से अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 8000 अर्थदंड लगाया गया। इस वाद में कुशल पैरवी डीजीसी कृपाशंकर राय ने की। जमानिया थाना मु.अ.सं. 641/2008 वाद सं. 312/2011 धारा 308 भादवि स्टेट बनाम रविंद्र यादव में एडीजे प्रथम- न्यायालय द्वारा अभियुक्त को 3 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा दी गई।
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इस वाद में एडीजीसी नीरज श्रीवास्तव ने कुशल पैरवी की। जमानिया थाना मु.अ.सं. 208/2012 वाद सं. 300/2012 धारा 323/34, 504,304/34 भादवि स्टेट बनाम कलामुद्दीन में एडीजे तृतीय न्यायालय ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 12000 अर्थदंड लगाया। उक्त वाद में एडीजीसी जयप्रकाश सिंह ने कुशल पैरवी किया। कुल 341 वारंट निर्गत हुए जिसके सापेक्ष 244 वारंट तामिल हुए। 212 गवाह उपस्थित हुए जिसमें 203 गवाह परीक्षित हुए तथा 9 गवाह अपरीक्षित हुए क्योंकि पीठासीन अधिकारी अवकाश पर रहे तथा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। कुल 49 जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुए जिसमें 3 जमानत स्वीकृत हुए तथा 46 जमानत प्रार्थना पत्र अस्वीकृत हुए। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तथा लोक अभियोजकों को निर्देश दिया गया कि रिहा हुए अभियुक्तों के वादों की पुनः विधिवत समीक्षा कर लें। अगर पुनः अपील किया जाना शासकीय हित में हो तो पुनः अपील का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करे। गंभीर धाराओं में अधिक से अधिक जमानत प्रार्थना पत्रों को अस्वीकृत कराया जाए। बैठक में अभियोजन के अधिकारी, कर्मचारी एवं शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) उपस्थित रहे।
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