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प्रतिबंध है, फिर भी रोजाना निकल रहा 100 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा
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फिरोजाबाद। टीटीजेड में शामिल सुहागनगरी जल और वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति से जूझ रही है। इसके बावजूद शहर व जिले में प्लास्टिक अपशिष्टों की भरमार है। नगर निगम क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 283 मीट्रिक टन कचरे में से 100 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर पड़ी सिंगल यूज प्लास्टिक की निष्प्रोज्य थैली, पानी के पाउच, प्लास्टिक की बोतल और कैरी बैग गैर जिम्मेदारना रवैये की हकीकत बयां करते हैं।
नगर निगम फिरोजाबाद में प्रतिदिन करीब 283 मीट्रिक टन से कचरा निकलता है। इसमें से 100 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट होते हैं। हालांकि टीटीजेड में प्लास्टिक निर्मित सिंगल यूज पॉलिथीन, प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, थर्माकॉल पैकिंग, प्लास्टिक निर्मित पैकिंग आइटम, प्लास्टिक रेपर के साथ ही प्लास्टिक झंडा व बैनर आदि पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद निगम क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले प्लास्टिक अपशिष्टों से प्रदूषण की रोकथाम को जिम्मेदार विभागों एवं शासनादेश के अनुपालन की सच्चाई बयां होती है।
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नियम तो बने, पर अनुपालन नहीं
पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विगत अक्तूबर को जारी निर्देशों के अनुसार विगत 30 सितंबर को सिंगल यूज पॉलिथीन एवं प्लास्टिक कैरीबैग के परिवहन, क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। हालांकि शहर के विभिन्न हिस्सों में प्लास्टिक की बिक्री की जाती है और लोग रोजमर्रा का सामान प्लास्टिक की थैली में ही लेकर आते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में अधिकांश प्लास्टिक अपशिष्टों की भरमार है।
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चरणबद्ध तरीके से प्लास्टिक कचरे से मुक्त होगी सुहागनगरी
जल एवं वायु प्रदूषण की मार से जूझ रही सुहागनगरी की दशा पर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय की ओर से जारी टाइमलाइन के अनुसार सुुहागनगरी को कचरा मुक्त कराने के लिये अंतिम समय सीमा एक जुलाई 2022 निर्धारित की गई है। इस आशय के निर्देश स्थानीय निगम प्रशासन व जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुके हैं।
इस बाबत पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मिलने दिशा-निर्देशों के अनुपालन को गत 11 अक्तूबर 2021 को अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान अंतिम मुहर लगाई जा चुकी है। इसके तहत 30 सितंबर 2021 तक प्लास्टिक कैरीबैग-सिंगल यूज पॉलीथिन पर पूूर्ण रोक लगाई जानी है। 31 दिसंबर 2021 तक मोटे प्लास्टिक वाले थैले, कपड़ों की पैकिंग में खपने वाली प्लास्टिक और एक जुलाई 2022 तक किसी भी प्रकार के प्लास्टिक पैकिंग आइटम अथवा रैपर, झंडा, प्लास्टिक स्टिक आदि पर पूर्ण रोक लगाई जानी है।
सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक उत्पादों पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जारी अनुमोदन के अनुसार हम आगामी जुलाई 2022 तक निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगाने के प्रयास में है। इससे पूर्व जागरूकता अभियान के सहारे लोगों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं कराने की सलाह दी जाएगी।
प्रेरणा शर्मा नगर आयुक्त
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नगर निगम फिरोजाबाद में प्रतिदिन करीब 283 मीट्रिक टन से कचरा निकलता है। इसमें से 100 मीट्रिक टन प्लास्टिक अपशिष्ट होते हैं। हालांकि टीटीजेड में प्लास्टिक निर्मित सिंगल यूज पॉलिथीन, प्लास्टिक स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, थर्माकॉल पैकिंग, प्लास्टिक निर्मित पैकिंग आइटम, प्लास्टिक रेपर के साथ ही प्लास्टिक झंडा व बैनर आदि पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद निगम क्षेत्र में प्रतिदिन निकलने वाले प्लास्टिक अपशिष्टों से प्रदूषण की रोकथाम को जिम्मेदार विभागों एवं शासनादेश के अनुपालन की सच्चाई बयां होती है।
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नियम तो बने, पर अनुपालन नहीं
पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा विगत अक्तूबर को जारी निर्देशों के अनुसार विगत 30 सितंबर को सिंगल यूज पॉलिथीन एवं प्लास्टिक कैरीबैग के परिवहन, क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। हालांकि शहर के विभिन्न हिस्सों में प्लास्टिक की बिक्री की जाती है और लोग रोजमर्रा का सामान प्लास्टिक की थैली में ही लेकर आते हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन निकलने वाले कचरे में अधिकांश प्लास्टिक अपशिष्टों की भरमार है।
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चरणबद्ध तरीके से प्लास्टिक कचरे से मुक्त होगी सुहागनगरी
जल एवं वायु प्रदूषण की मार से जूझ रही सुहागनगरी की दशा पर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय की ओर से जारी टाइमलाइन के अनुसार सुुहागनगरी को कचरा मुक्त कराने के लिये अंतिम समय सीमा एक जुलाई 2022 निर्धारित की गई है। इस आशय के निर्देश स्थानीय निगम प्रशासन व जिला प्रशासन को प्राप्त हो चुके हैं।
इस बाबत पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मिलने दिशा-निर्देशों के अनुपालन को गत 11 अक्तूबर 2021 को अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान अंतिम मुहर लगाई जा चुकी है। इसके तहत 30 सितंबर 2021 तक प्लास्टिक कैरीबैग-सिंगल यूज पॉलीथिन पर पूूर्ण रोक लगाई जानी है। 31 दिसंबर 2021 तक मोटे प्लास्टिक वाले थैले, कपड़ों की पैकिंग में खपने वाली प्लास्टिक और एक जुलाई 2022 तक किसी भी प्रकार के प्लास्टिक पैकिंग आइटम अथवा रैपर, झंडा, प्लास्टिक स्टिक आदि पर पूर्ण रोक लगाई जानी है।
सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक उत्पादों पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाई जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा जारी अनुमोदन के अनुसार हम आगामी जुलाई 2022 तक निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों पर रोक लगाने के प्रयास में है। इससे पूर्व जागरूकता अभियान के सहारे लोगों को भी सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं कराने की सलाह दी जाएगी।
प्रेरणा शर्मा नगर आयुक्त