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सुहाग नगरी में पहली बार 25 समवशरण विधान का आयोजन
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पीडी जैन मैदान में आयोजित मेला में विधान के दौरान मंचासीन वात्सल्ल्नाकर परम पूज्य आर्चाय भगवान ?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कोटला रोड स्थित जैन मेला स्थल पर ऐतिहासिक जैन मेला महोत्सव में जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ससंघ के सानिध्य में बुधवार से समवशरण विधान की शुरुआत हुई। सुहाग नगरी में यह विधान पहली बार आयोजित किया जा रहा है। मेला स्थल पर भव्य 25 समवशरण बनाए गए हैं। गाजेबाजे के साथ चक्रवर्ती, कुबेर और यज्ञ नायकों के साथ अन्य श्रद्धालुओं ने पूजन किया। नजारा पूरी तरह भक्तिमय रहा। रात तक मेला प्रांगण में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते रहे।
मेला प्रांगण में स्थापित 25 समवशरण विधान में सुबह सात बजे से पूजा अर्चना की गई। प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन शास्त्री और सहप्रतिष्ठाचार्य ने संजय जैन शास्त्री ने विधान की शुरुआत कराई। उच्चासन पर जैनाचार्य वसुनंगी ससंघ विराजमान रहे। समोशरण में मुख्य मंगलकलश की स्थापना जैनाचार्य के भक्त मोहल्ला गंज निवासी कुंवर विवेक जैन ने की। समवरण पर श्रद्धालुओं ने विधिविधान से अर्घ समर्पित किए। पारस अंबर एंड पार्टी के प्रस्तुत किए जा रहे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर हो झूमने लगे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ने प्रवचन दिए। उन्होंने समवशरण विधान के बारे में विस्तार से श्रद्धालुओं को बताया। दोपहर में दिगंबर जैन बाहुबलि संघ ने महोत्सव में नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें समाज के बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। विजेताओं को समिति की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। रात में महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें चक्रेश एंड पार्टी के कलाकारों ने चक्रवर्ती दरबार नृत्य नाटिका का मंचन किया। देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा।
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इस दौरान अध्यक्ष निमिष जैन, शैलेंद्र जैन शैली, सुनील जैन, रोहित जैन, ललितेश जैन, विनोद जैन मिलेनियम, अशोक जैन लाले, संजय जैन पीआरओ, कुलदीप मित्तल एडवोकेट, देवेंद्र रसूलपुर, आदीश जैन, अजय जैन बजाज, सौरभ जैन, जयप्रकाश जैन, पुष्पेंद्र जैन, विजय कुमार जैन, नीतेश जैन आदि मौजूद रहे।
25 समवशरण देखकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
फिरोजाबाद। पांडाल में 25 समवशरण की रचना एक साथ की गई है। नजारा देवलोक की भांति नजर आ रहा है। इस विधान में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं में अलग उत्साह है। सुबह से ही जैन समाज के लोग विधान में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
आज के कार्यक्रम
सुबह सात बजे जिनाभिषेक एवं विधान
सुबह नौ बजे। प्रवचन सभा
शाम छह बजे महाआरती
शाम 6.30 बजे। शास्त्र सभा
रात्रि सात बजे। जादू की प्रस्तुति विल्सन जैन केरला के द्वारा
आचार्य विद्यसागर हथकरघा प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
विधान में सौधर्म इंद्र अनिल जैन दिल्ली तथा अजय जैन एडवोकेट के द्वारा मुनिराज से कि गई जिज्ञासा कि है गुरुदेव श्रुति ज्ञान के द्वारा अपना कल्याण कैसे संभव है में मुनिश्री ने कहा कि है समवशरण कि दिव्य वाणी और सभी धार्मिक क्रियाओं में करने मात्र से ही आप अपना कल्याण कर सकते हैं। मेला प्रांगण में आचार्य विद्यसागर हथकरघा प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुईं है। इस प्रदर्शनी में आचार्य विद्यासागर खादी उद्योग द्वारा हाथ से निर्मित कपडे़ और भी अनेकों वस्तुएं उपलब्ध हैं। श्री दिगंबर जैन युवा संघर्ष समिति ने जैन बाल नृत्य प्रतियोगिता एवं रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता कार्यक्रम संपन कराया गया।
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मेला प्रांगण में स्थापित 25 समवशरण विधान में सुबह सात बजे से पूजा अर्चना की गई। प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन शास्त्री और सहप्रतिष्ठाचार्य ने संजय जैन शास्त्री ने विधान की शुरुआत कराई। उच्चासन पर जैनाचार्य वसुनंगी ससंघ विराजमान रहे। समोशरण में मुख्य मंगलकलश की स्थापना जैनाचार्य के भक्त मोहल्ला गंज निवासी कुंवर विवेक जैन ने की। समवरण पर श्रद्धालुओं ने विधिविधान से अर्घ समर्पित किए। पारस अंबर एंड पार्टी के प्रस्तुत किए जा रहे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर हो झूमने लगे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
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जैनाचार्य वसुनंदी महाराज ने प्रवचन दिए। उन्होंने समवशरण विधान के बारे में विस्तार से श्रद्धालुओं को बताया। दोपहर में दिगंबर जैन बाहुबलि संघ ने महोत्सव में नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें समाज के बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। विजेताओं को समिति की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। रात में महाआरती का आयोजन किया गया। इसमें चक्रेश एंड पार्टी के कलाकारों ने चक्रवर्ती दरबार नृत्य नाटिका का मंचन किया। देर रात तक कार्यक्रम चलता रहा।
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इस दौरान अध्यक्ष निमिष जैन, शैलेंद्र जैन शैली, सुनील जैन, रोहित जैन, ललितेश जैन, विनोद जैन मिलेनियम, अशोक जैन लाले, संजय जैन पीआरओ, कुलदीप मित्तल एडवोकेट, देवेंद्र रसूलपुर, आदीश जैन, अजय जैन बजाज, सौरभ जैन, जयप्रकाश जैन, पुष्पेंद्र जैन, विजय कुमार जैन, नीतेश जैन आदि मौजूद रहे।
25 समवशरण देखकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
फिरोजाबाद। पांडाल में 25 समवशरण की रचना एक साथ की गई है। नजारा देवलोक की भांति नजर आ रहा है। इस विधान में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं में अलग उत्साह है। सुबह से ही जैन समाज के लोग विधान में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
आज के कार्यक्रम
सुबह सात बजे जिनाभिषेक एवं विधान
सुबह नौ बजे। प्रवचन सभा
शाम छह बजे महाआरती
शाम 6.30 बजे। शास्त्र सभा
रात्रि सात बजे। जादू की प्रस्तुति विल्सन जैन केरला के द्वारा
आचार्य विद्यसागर हथकरघा प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
विधान में सौधर्म इंद्र अनिल जैन दिल्ली तथा अजय जैन एडवोकेट के द्वारा मुनिराज से कि गई जिज्ञासा कि है गुरुदेव श्रुति ज्ञान के द्वारा अपना कल्याण कैसे संभव है में मुनिश्री ने कहा कि है समवशरण कि दिव्य वाणी और सभी धार्मिक क्रियाओं में करने मात्र से ही आप अपना कल्याण कर सकते हैं। मेला प्रांगण में आचार्य विद्यसागर हथकरघा प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुईं है। इस प्रदर्शनी में आचार्य विद्यासागर खादी उद्योग द्वारा हाथ से निर्मित कपडे़ और भी अनेकों वस्तुएं उपलब्ध हैं। श्री दिगंबर जैन युवा संघर्ष समिति ने जैन बाल नृत्य प्रतियोगिता एवं रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिता कार्यक्रम संपन कराया गया।