{"_id":"5f81fc768ebc3eefb700ae2b","slug":"arthritiesday-firozabad-news-agr4631285135","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिदिन 15 से 20 गठिया के मरीज आ रहे ओपीडी में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिदिन 15 से 20 गठिया के मरीज आ रहे ओपीडी में
विज्ञापन
फिरोजाबाद। 11 अक्तूबर यानी रविवार को अर्थराइटिस दिवस है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रति दिन 15 से 20 अर्थराइटिस (गठिया)के मरीज आते हैं। चिकित्सकों के अनुसार एक समय के बाद हर व्यक्ति के शरीर के तमाम जोड़ों में दर्द की शिकायत आने लगती है। अब लोगों की बदली दिनचर्या और सही खान-पान न होने के कारण लोग 40 की उम्र तक पहुंचते ही इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
चिकित्सकों की राय
अर्थराइटिस के विभिन्न प्रकार होते हैं। यह रोग ज्यादातर बुजुर्गों को होता है। क्योंकि उस उम्र में हड्डियों को नुकसान होता है और हड्डियां रिकवर नहीं कर पाते हैं, ऐसे में दर्द बढ़ जाता है। कम उम्र में यह रोग यूरिक एसिड बढ़ने के कारण होता है। इससे बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना चाहती है। भरपूर कैल्शियम और प्रोटीन वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। ओपीड़ी में 15 से 20नए मरीज आते हैं। इनमें ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो 40 तक की उम्र तक पहुंचते ही अर्थराइटिस का शिकार हो जाते हैं।
डॉ. गौरव दीक्षित, हड्डी रोग विशेषज्ञ
यह रोग किसी एक कारण से नहीं होता। विटामिन डी की कमी से मरीज की अंगुलियों, घुटने, गर्दन, कोहनी के जोड़ों में दर्द की शिकायत होने लगी है। इस बीमारी पर काबू पाने के लिए फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज रोजाना करनी चाहिए। इस रोग में दर्द बहुत ज्यादा असहनीय होता है जिसकी वजह से रोगी चल फिर भी नही पाता है। सबसे पहले गठिया का असर हमें पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग से पीड़ित रोगी को रात में जोड़ो में बहुत ही तेजी से दर्द होता और सुबह थकान महसूस होती है।
विज्ञापन
डॉ. वरुण शर्मा, चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
चिकित्सकों की राय
अर्थराइटिस के विभिन्न प्रकार होते हैं। यह रोग ज्यादातर बुजुर्गों को होता है। क्योंकि उस उम्र में हड्डियों को नुकसान होता है और हड्डियां रिकवर नहीं कर पाते हैं, ऐसे में दर्द बढ़ जाता है। कम उम्र में यह रोग यूरिक एसिड बढ़ने के कारण होता है। इससे बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करना चाहती है। भरपूर कैल्शियम और प्रोटीन वाले भोजन का सेवन करना चाहिए। ओपीड़ी में 15 से 20नए मरीज आते हैं। इनमें ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो 40 तक की उम्र तक पहुंचते ही अर्थराइटिस का शिकार हो जाते हैं।
विज्ञापन
डॉ. गौरव दीक्षित, हड्डी रोग विशेषज्ञ
यह रोग किसी एक कारण से नहीं होता। विटामिन डी की कमी से मरीज की अंगुलियों, घुटने, गर्दन, कोहनी के जोड़ों में दर्द की शिकायत होने लगी है। इस बीमारी पर काबू पाने के लिए फिजियोथेरेपी और एक्सरसाइज रोजाना करनी चाहिए। इस रोग में दर्द बहुत ज्यादा असहनीय होता है जिसकी वजह से रोगी चल फिर भी नही पाता है। सबसे पहले गठिया का असर हमें पैरों के अंगूठे में देखने को मिलता है। इस रोग से पीड़ित रोगी को रात में जोड़ो में बहुत ही तेजी से दर्द होता और सुबह थकान महसूस होती है।
विज्ञापन
डॉ. वरुण शर्मा, चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज