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कालेज पर मुकदमे से छात्राएं परेशान
Firozabad
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। दाऊदयाल कालेज के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने से छात्राएं भी भविष्य को लेकर परेशान दिख रही हैं। कालेज के माहौल में सन्नाटा हो गया है।
एमए की छात्राएं बीएड छात्राओं की डिग्री फंसने के बाद अपने भविष्य को लेकर परेशान है। चिंता है कहीं बीएड छात्राओं के जैसा हाल उनका भी न हो। पार्ट टाइम शिक्षक छात्राओं को समझा रहे हैं कि वह किसी भी अफवाह पर ध्यान न दे। वहीं कालेज का स्टाफ भी अब भविष्य को लेकर परेशान दिखने लगा है। कालेज पर दो मुकदमे हो चुके है। इसमें से पहला मुकदमा एमए आटोनामस को लेकर छात्राओं ने करीब डेढ़ माह पहले दर्ज कराया था। अब बीएड छात्राओं ने भी कानून का सहारा लिया है।
कालेज ने धोखे में रखकर किया दाखिला
बीएड की छात्राओं का कहना है कि कालेज ने आटोनामस के तहत एडमीशन लेकर उनके भविष्य पर संकट ला दिया है। अगर भर्ती आती है तो वह उसमें फार्म भी नहीं भर सकती हैं। कालेज में बीएड के दौरान करीब 70 से 80 हजार रुपये खर्च हो गया। अब छात्राओं का भविष्य खराब न हो इसके लिये उन्होंने कालेज के फर्जीवाड़े का पता लगाने के लिये कानून का सहारा लिया है।
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एमए की छात्राएं बीएड छात्राओं की डिग्री फंसने के बाद अपने भविष्य को लेकर परेशान है। चिंता है कहीं बीएड छात्राओं के जैसा हाल उनका भी न हो। पार्ट टाइम शिक्षक छात्राओं को समझा रहे हैं कि वह किसी भी अफवाह पर ध्यान न दे। वहीं कालेज का स्टाफ भी अब भविष्य को लेकर परेशान दिखने लगा है। कालेज पर दो मुकदमे हो चुके है। इसमें से पहला मुकदमा एमए आटोनामस को लेकर छात्राओं ने करीब डेढ़ माह पहले दर्ज कराया था। अब बीएड छात्राओं ने भी कानून का सहारा लिया है।
कालेज ने धोखे में रखकर किया दाखिला
बीएड की छात्राओं का कहना है कि कालेज ने आटोनामस के तहत एडमीशन लेकर उनके भविष्य पर संकट ला दिया है। अगर भर्ती आती है तो वह उसमें फार्म भी नहीं भर सकती हैं। कालेज में बीएड के दौरान करीब 70 से 80 हजार रुपये खर्च हो गया। अब छात्राओं का भविष्य खराब न हो इसके लिये उन्होंने कालेज के फर्जीवाड़े का पता लगाने के लिये कानून का सहारा लिया है।
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