फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Fuel will not be available in Ghaziabad without a PUCC

बिना पीयूसीसी नहीं मिलेगा ईंधन: गाजियाबाद में 1 अक्तूबर से नियम सख्त, पंप के कर्मचारी खुद ऐसे कर सकेंगे जांच

Mon, 21 Sep 2026 06:07 PM IST
Akash Dubey संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद Published by: Akash Dubey Updated Mon, 21 Sep 2026 06:07 PM IST
सार

1 अक्तूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों पर यह व्यवस्था वायु प्रदूषण रोकने के लिए लागू होगी।

विज्ञापन
Fuel will not be available in Ghaziabad without a PUCC
बिना पीयूसी के नहीं मिलेगा तेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यदि आपके पास कोई भी वाहन है और उसका प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) नहीं बना है या उसकी समयसीमा समाप्त हो चुकी है, तो सावधान हो जाएं। आगामी 1 अक्तूबर से बिना वैध प्रमाणपत्र के किसी भी प्रकार के वाहन में पेट्रोल, डीजल अथवा प्राकृतिक गैस (सीएनजी) नहीं भरी जाएगी। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के सख्त निर्देशों का अनुपालन कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर धुएं से फैल रहे वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाना है।

विज्ञापन



पंप के कर्मचारी खुद ऐसे कर सकेंगे जांच
जिले भर में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सभी ईंधन वितरण केंद्रों और सीएनजी स्टेशनों पर तैनात कर्मचारियों के मोबाइल में एक विशेष अनुप्रयोग (एप) स्थापित कराया जा रहा है। इस तकनीकी व्यवस्था के अंतर्गत जैसे ही कोई वाहन ईंधन भरवाने पहुंचेगा, केंद्र के कर्मचारी उस वाहन की संख्या पट्टिका (नंबर प्लेट) का चित्र एप के माध्यम से लेंगे। चित्र लेते ही यह आधुनिक एप केंद्रीय डेटाबेस से जानकारी जुटाकर तुरंत स्पष्ट कर देगा कि वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र वैध है अथवा नहीं। यदि वाहन का प्रमाणपत्र अमान्य या समयसीमा पार पाया जाता है, तो कर्मचारी किसी भी परिस्थिति में ईंधन देने से साफ मना कर देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले जिले में ही इस समय 25,000 से अधिक ऐसे वाहन निर्बाध रूप से सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है। ये वाहन निरंतर जहरीला धुआं उगलकर वातावरण को दूषित कर रहे हैं और आम जनमानस के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने ऐसे नियमों का अवहेलना करने वाले वाहनों पर कठोर कार्रवाई करने और नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित कराने के कड़े आदेश दिए हैं।

विज्ञापन

इस पूरी व्यवस्था का धरातल पर निरीक्षण करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी स्वयं मैदान में उतरे। उन्होंने विभिन्न ईंधन केंद्रों का दौरा किया और कर्मचारियों के मोबाइल पर एप इंस्टॉल कराकर उसके संचालन की बारीकियों को समझाया।

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि 1 अक्तूबर से इस व्यवस्था को जिले में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने वाहनों का प्रदूषण परीक्षण अनिवार्य रूप से करा लें, ताकि भविष्य में ईंधन भरवाते समय किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed