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जमुई वायरल वीडियो केस: पॉक्सो, एसआईटी जांच से एनसीडब्ल्यू तक, नाबालिगों से बदसलूकी मामले में अब तक क्या हुआ?
Mon, 21 Sep 2026 05:59 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 21 Sep 2026 05:59 PM IST
सार
Jamui Minor Harassment Case: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पॉक्सो की धाराएं लगाई गई हैं और SIT जांच कर रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर बिहार डीजीपी से कार्रवाई रिपोर्ट सात दिन में मांगी है।
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जमुई में हुई घटना की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के जमुई में 19 सितंबर की शाम कोचिंग से लौट रहे नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला अब पुलिस जांच से आगे बढ़कर राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
इसके साथ ही नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने पर 32 सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड किए गए हैं। इन सभी पर भी पॉक्सो में कार्रवाई करने की बात कही गई है।
19 सितंबर की शाम आखिर हुआ क्या था?
पुलिस के अनुसार, घटना जमुई टाउन थाना क्षेत्र से सटे सोनाई मड़वा इलाके के पास 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी स्कूटी रोक ली। दोनों को घेरकर पूछताछ की गई और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में छात्रा को जाने देने की अपील करते और कुछ लोगों को उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते देखा जा सकता है।
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वायरल वीडियो से खुला मामला
घटना के बाद बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे। वीडियो में कुछ लोग छात्र और छात्रा को घेरते नजर आते हैं। एक वीडियो में छात्र के साथ मारपीट और दूसरे हिस्से में छात्रा को पकड़ने तथा खींचने जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान शुरू की और वाहन के पंजीकरण नंबर समेत उपलब्ध सुरागों की मदद से पीड़ितों तक पहुंच बनाई। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि मीडिया रिपोर्टों द्वारा नहीं की गई है।
पॉक्सो क्यों लगा, एसआईटी क्या करेगी?
पुलिस ने जमुई थाने में मामला दर्ज कर बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई हैं। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। टीम वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, घटना की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
एनसीडब्ल्यू ने बिहार डीजीपी से क्या कहा?
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहतकर ने बिहार के डीजीपी को पत्र भेजकर मामले में तत्काल एफआईआर, सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने को भी कहा है। साथ ही आपत्तिजनक वीडियो के आगे प्रसार को रोकने के लिए जरूरी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एनसीडब्ल्यू ने बिहार पुलिस से सात दिन के भीतर कार्रवाई विवरण रिपोर्ट यानी एटीआर भी मांगी है।
यह भी पढ़ें: जमुई में लड़के-लड़की से अभद्रता पर पुलिस का एक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार; महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
अब जांच के तीन अहम पहलू
अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान कौन-कौन हैं, घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी और नाबालिग पीड़ितों के साथ वास्तव में कौन-कौन से अपराध हुए। पॉक्सो के तहत दर्ज धाराओं और अन्य कानूनी प्रावधानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, एनसीडब्ल्यू की ओर से मांगी गई सात दिन की रिपोर्ट के बाद मामले में पुलिस कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट होगी।
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इसके साथ ही नाबालिग का आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने पर 32 सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड किए गए हैं। इन सभी पर भी पॉक्सो में कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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19 सितंबर की शाम आखिर हुआ क्या था?
पुलिस के अनुसार, घटना जमुई टाउन थाना क्षेत्र से सटे सोनाई मड़वा इलाके के पास 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी स्कूटी रोक ली। दोनों को घेरकर पूछताछ की गई और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में छात्रा को जाने देने की अपील करते और कुछ लोगों को उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते देखा जा सकता है।
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वायरल वीडियो से खुला मामला
घटना के बाद बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगे। वीडियो में कुछ लोग छात्र और छात्रा को घेरते नजर आते हैं। एक वीडियो में छात्र के साथ मारपीट और दूसरे हिस्से में छात्रा को पकड़ने तथा खींचने जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान शुरू की और वाहन के पंजीकरण नंबर समेत उपलब्ध सुरागों की मदद से पीड़ितों तक पहुंच बनाई। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि मीडिया रिपोर्टों द्वारा नहीं की गई है।
पॉक्सो क्यों लगा, एसआईटी क्या करेगी?
पुलिस ने जमुई थाने में मामला दर्ज कर बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाई हैं। उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है। एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। टीम वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, घटना की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
एनसीडब्ल्यू ने बिहार डीजीपी से क्या कहा?
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लिया। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहतकर ने बिहार के डीजीपी को पत्र भेजकर मामले में तत्काल एफआईआर, सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने को भी कहा है। साथ ही आपत्तिजनक वीडियो के आगे प्रसार को रोकने के लिए जरूरी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एनसीडब्ल्यू ने बिहार पुलिस से सात दिन के भीतर कार्रवाई विवरण रिपोर्ट यानी एटीआर भी मांगी है।
यह भी पढ़ें: जमुई में लड़के-लड़की से अभद्रता पर पुलिस का एक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार; महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
अब जांच के तीन अहम पहलू
अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे सभी लोगों की पहचान कौन-कौन हैं, घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी और नाबालिग पीड़ितों के साथ वास्तव में कौन-कौन से अपराध हुए। पॉक्सो के तहत दर्ज धाराओं और अन्य कानूनी प्रावधानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। वहीं, एनसीडब्ल्यू की ओर से मांगी गई सात दिन की रिपोर्ट के बाद मामले में पुलिस कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट होगी।