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होलिका दहन के बाद शुरू हुआ होली का हुड़दंग
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फतेहपुर। जिलेभर में सोमवार को धूमधाम से होलिका दहन हुआ। आस्था से लोगों ने होलिका स्थल पर पूजा अर्चना की और परिक्रमा लगाकर परिवार के सुख शांति की प्रार्थना की। फिर होली की हुड़दंग शुरू हुआ। एक-दूसरे को होली बधाई देने का सिलसिला जारी हो गया।
होलिका दहन को लेकर शहर में गन्ना, हरा चना (होला) व गेहूं, जौ की बालियों को बेचने के लिए चौराहों और सड़क किनारे भीड़ रही। खरीदारी करने के लिए लोगों में सुबह से उत्साह दिखा और गन्ना के साथ, चना, गेहूं की बालियों को खरीद कर ले गए। फिर शाम को 6.28 से 8.00 बजे तक जिले के 2442 स्थानों पर होलिका दहन हुआ। इसके पहले श्रद्धालुओं ने होलिका स्थान में जाकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। होलिका दहन होते ही
लोगों ने परिक्रमा लगाई। शहर के शांति नगर, अरबपुर, पक्का तालाब, राधा नगर, पटेल नगर, वर्मा चौराहा, आबूनगर, कलक्टरगंज, देवीगंज में होलिका जलाई गई। इसके बाद से लोगों ने एक दूसरे को रंग, गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी और इसी के बाद से रंग खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम से ही चारों ओर होली की धूम दिखी। लोगों ने टोलियां बनाकर सड़कों पर मस्ती की और डीजे की धुन में नाच गाना हुआ। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस बल भी मुस्तैद रहा। पुलिस होलिका दहन वाले स्थलों पर होली जलने से पहले ही मुस्तैद हो गई।
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दुर्गा जागरण समिति ने होली में पर्यावरण को शुद्ध बनाने की पहल शुरू की है। गाय के गोबर से बने कंडे बाजार से खरीद कर होलिका बनाई। फिर, मुहल्लेवासियों ने भी गोबर के कंडे होलिका में डाले। होलिका दहन से पहले विधि विधान से पूजा की और फिर शाम को 6.30 बजे होलिका दहन हुआ। इसके बाद हर्बल गुलाल लगाकर एक-दूसरे के गले मिले। इस मौके पर दुर्गा जागरण समिति के डॉ. शिवप्रसाद त्रिपाठी, जयशंकर गुप्ता, विमल गुप्ता सभासद सुजीत त्रिपाठी मौजूद रहे।
होलिका पूजन के लिए गेहूं की बालियां व गोबर से बने बल्लों और गन्ने का प्रयोग होता है। पूजन की सामग्रियों में गेहूं की बालियां व गन्ने की बिक्री रविवार से ही शुरू हो गई थी। शहर के तमाम चौराहों पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने गेहूं की बालियां व गन्ने की दुकान लगाई। जहां गेहूं की बालियां 10 से लेकर 20 रुपये तक में बेची गईं।
होली के त्योहार पर रंगों की बरसात करने के लिए रंगों की जमकर खरीदारी की जा रही है। शहर में सजी रंगों की दुकान व ठेलों पर रंग बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा सुगंधित अबीर गुलाल भी बिक रहे हैं। इसके साथ ही रंगों की दुकान पर विभिन्न प्रकार की पिचकारियों की भी धूम मची है। होली के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। त्योहार के लिए नए कपड़े लेने से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीदारी की गई।
होली का सुरूर बच्चों पर एक दिन पहले से ही दिखने लगता है। बच्चों ने सोमवार सुबह से ही अबीर और गुलाल लेकर एक दूसरे को रंगना शुरू कर दिया। एक-दूसरे पर जमकर रंगों की बारिश की।
त्योहार को लेकर लोगों की आवश्यकता बढ़ने के बाद एटीएम पर रविवार से ही लोड पड़ना शुरू हो गया था। सोमवार को अधिकांश एटीएम ने दगा देना शुरू कर दिया। एटीएम पर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं।
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होलिका दहन को लेकर शहर में गन्ना, हरा चना (होला) व गेहूं, जौ की बालियों को बेचने के लिए चौराहों और सड़क किनारे भीड़ रही। खरीदारी करने के लिए लोगों में सुबह से उत्साह दिखा और गन्ना के साथ, चना, गेहूं की बालियों को खरीद कर ले गए। फिर शाम को 6.28 से 8.00 बजे तक जिले के 2442 स्थानों पर होलिका दहन हुआ। इसके पहले श्रद्धालुओं ने होलिका स्थान में जाकर विधि विधान से पूजा अर्चना की। होलिका दहन होते ही
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लोगों ने परिक्रमा लगाई। शहर के शांति नगर, अरबपुर, पक्का तालाब, राधा नगर, पटेल नगर, वर्मा चौराहा, आबूनगर, कलक्टरगंज, देवीगंज में होलिका जलाई गई। इसके बाद से लोगों ने एक दूसरे को रंग, गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी और इसी के बाद से रंग खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम से ही चारों ओर होली की धूम दिखी। लोगों ने टोलियां बनाकर सड़कों पर मस्ती की और डीजे की धुन में नाच गाना हुआ। वहीं सुरक्षा को लेकर पुलिस बल भी मुस्तैद रहा। पुलिस होलिका दहन वाले स्थलों पर होली जलने से पहले ही मुस्तैद हो गई।
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दुर्गा जागरण समिति ने होली में पर्यावरण को शुद्ध बनाने की पहल शुरू की है। गाय के गोबर से बने कंडे बाजार से खरीद कर होलिका बनाई। फिर, मुहल्लेवासियों ने भी गोबर के कंडे होलिका में डाले। होलिका दहन से पहले विधि विधान से पूजा की और फिर शाम को 6.30 बजे होलिका दहन हुआ। इसके बाद हर्बल गुलाल लगाकर एक-दूसरे के गले मिले। इस मौके पर दुर्गा जागरण समिति के डॉ. शिवप्रसाद त्रिपाठी, जयशंकर गुप्ता, विमल गुप्ता सभासद सुजीत त्रिपाठी मौजूद रहे।
होलिका पूजन के लिए गेहूं की बालियां व गोबर से बने बल्लों और गन्ने का प्रयोग होता है। पूजन की सामग्रियों में गेहूं की बालियां व गन्ने की बिक्री रविवार से ही शुरू हो गई थी। शहर के तमाम चौराहों पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने गेहूं की बालियां व गन्ने की दुकान लगाई। जहां गेहूं की बालियां 10 से लेकर 20 रुपये तक में बेची गईं।
होली के त्योहार पर रंगों की बरसात करने के लिए रंगों की जमकर खरीदारी की जा रही है। शहर में सजी रंगों की दुकान व ठेलों पर रंग बेचे जा रहे हैं। इसके अलावा सुगंधित अबीर गुलाल भी बिक रहे हैं। इसके साथ ही रंगों की दुकान पर विभिन्न प्रकार की पिचकारियों की भी धूम मची है। होली के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। त्योहार के लिए नए कपड़े लेने से लेकर अन्य वस्तुओं की खरीदारी की गई।
होली का सुरूर बच्चों पर एक दिन पहले से ही दिखने लगता है। बच्चों ने सोमवार सुबह से ही अबीर और गुलाल लेकर एक दूसरे को रंगना शुरू कर दिया। एक-दूसरे पर जमकर रंगों की बारिश की।
त्योहार को लेकर लोगों की आवश्यकता बढ़ने के बाद एटीएम पर रविवार से ही लोड पड़ना शुरू हो गया था। सोमवार को अधिकांश एटीएम ने दगा देना शुरू कर दिया। एटीएम पर लोगों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं।