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शहर से बाहर चलने वाले टेंपो के चालक हड़ताल पर
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फतेहपुर। शहर सीमा से बाहर संचालित होने वाले टेंपो चालक शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए। चालकों ने टेंपो रामलीला मैदान में खड़ा कर प्रदर्शन किया। संचालन बंद होने से शहर से 40 किमी तक की यात्रा करने वालों को काफी दिक्कत हुई। उन्हें दूसरे वाहनों अधिक किराया देने को मजबूर होना पड़ा।
शहर से विभिन्न मार्गों पर 40 किमी दायरे तक के लिए टेंपो संचालित होते हैं। प्रशासन ने इन वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की है। आदेश जारी कर सड़क से 200 मीटर दूर तक खड़े पाए जाने पर चालान करने की व्यवस्था लागू की है। उपनिरीक्षक यातायात ने इस पर अमल शुरू भी कर दिया है। टेंपो सड़क फुटपाथ पर खड़ा कर सवारियां भरते हैं। ऐसे सवारियां भरते पकड़े जाने पर टेंपो चालक के खिलाफ कार्रवाई हो जाती है। इसी के विरोध में टेंपो चालक शुक्रवार को हड़ताल पर रहे।
हड़ताल से थरियांव, रसूलाबाद, मलवां, आदमपुर, शाह, बहुआ आदि जगहों की यात्रा करने वालों को दिक्कत हुई। हड़तालियों की अगुवाई कर रहे राजीव कुमार व सुशील ने बताया कि जिले से 40 किमी क्षेत्र (बाहरी) में चलने के लिए उन्हें करीब ढाई हजार टेंपो का परमिट मिला है। सभी के अलग-अलग रूट हैं। नियमित टैक्स की अदायगी करते हैं। इसके बावजूद उत्पीड़न हो रहा है। रामलीला मैदान में 21 जनवरी को खाली खड़े 38 टेंपो का चालान कर दिया गया, यह गलत है। उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो हड़ताल बेमियादी भी हो सकती है।
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शहर से विभिन्न मार्गों पर 40 किमी दायरे तक के लिए टेंपो संचालित होते हैं। प्रशासन ने इन वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की रणनीति तैयार की है। आदेश जारी कर सड़क से 200 मीटर दूर तक खड़े पाए जाने पर चालान करने की व्यवस्था लागू की है। उपनिरीक्षक यातायात ने इस पर अमल शुरू भी कर दिया है। टेंपो सड़क फुटपाथ पर खड़ा कर सवारियां भरते हैं। ऐसे सवारियां भरते पकड़े जाने पर टेंपो चालक के खिलाफ कार्रवाई हो जाती है। इसी के विरोध में टेंपो चालक शुक्रवार को हड़ताल पर रहे।
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हड़ताल से थरियांव, रसूलाबाद, मलवां, आदमपुर, शाह, बहुआ आदि जगहों की यात्रा करने वालों को दिक्कत हुई। हड़तालियों की अगुवाई कर रहे राजीव कुमार व सुशील ने बताया कि जिले से 40 किमी क्षेत्र (बाहरी) में चलने के लिए उन्हें करीब ढाई हजार टेंपो का परमिट मिला है। सभी के अलग-अलग रूट हैं। नियमित टैक्स की अदायगी करते हैं। इसके बावजूद उत्पीड़न हो रहा है। रामलीला मैदान में 21 जनवरी को खाली खड़े 38 टेंपो का चालान कर दिया गया, यह गलत है। उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो हड़ताल बेमियादी भी हो सकती है।
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