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अब तो मिसेज वर्ल्ड, मिसेज एशिया का सपना
अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:58 PM IST
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परिवार के साथ खुशी मनाती मिसेज इंडिया गीतांजलि।
- फोटो : amar ujala
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मिसेज इंडिया क्वीन-2017 चुनी गईं गीतांजलि का मंगलवार को अपने घर पहुंचीं और परिवार के साथ खुशियां बांटीं। अमर उजाला से बातचीत में मिसेज इंडिया गीतांजलि सिंह ने कहा कि अब तो मिसेज वर्ल्ड और मिसेज एशिया खिताब चुनने का सपना है।
राजनीति के बारे में उन्होंने कहा कि मेरी तो राजनीति में रुचि नहीं है, लेकिन युवाओं को राजनीति में आना चाहिए जिससे देश आगे बढ़ सके। मौका मिला तो इस दिशा में सोचेंगी। महिलाओं को भी घर परिवार संभालने के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। गीतांजलि का कहना है कि उन्हें अपने परिवार से हमेशा सपोर्ट मिला। आरजे फैशन फिएस्टा और बालाजी मीडिया की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में चार चरण हुए थे। इसके बाद नई दिल्ली में हुए फ ाइनल में गीतांजलि ने देश भर से आई 20 प्रतिभागियों के बीच शीर्ष स्थान हासिल किया।
बेटी की कामयाबी पर परिवार खुश
गीतांजलि ने मिसेज इंडिया क्वीन 2017 के साथ ही स्टाइल आइकॉन 2017 का खिताब भी नाम किया है। इसके अलावा ग्लैडरैग्स मिसेज इंडिया के टॉप-10 में भी चुनी जा चुकी हैं। पिछले साल मिसेज यूपी 2016 भी रह चुकी हैं। बेटी की इस कामयाबी पर पिता राजा भदौरिया, मां पुष्पा और परिवार के अन्य सदस्य गदगद हैं। पिता का कहना है कि बेटी बचपन से ही होनहार थी। गीतांजलि के पति अरविंद कुमार सुल्तानपुर में व्यापारी हैं। कुछ अलग करने की ललक हमेशा से रही है, और शायद इसी का नतीजा रहा कि छोटे से जिले से निकालकर देश में नाम रोशन किया। अब गीतांजलि के पास कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर बनने के ऑफर आ रहे हैं।
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बड़ी बहन है नि:शक्त
गीतांजलि की बड़ी बहन वेदांजलि पैर से नि:शक्त हैं, वह सरकारी टीचर हैं। उनकी मानें तो छोटी बहन हमेशा ही उनसे कुछ बड़ा करने और माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही अपने पैरों पर खड़ा होने की बात करती थी। शायद इसी का नतीजा रहा कि फ तेहपुर में एक किड्स स्कूल भी चलाती हैं, जिसकी देखरेख खुद गीतांजलि करती हैं।
बखूबी निभाती हैं अपने बच्चों की जिम्मेदारी
गीतांजलि का विवाह 2002 में हुआ था। इनकी 14 साल की बेटी स्वस्ति है। पालन-पोषण का जिम्मा भी गीतांजलि बखूबी निभाती हैं। पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की गीतांजलि ने नौकरी करने की बजाय बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा उठाया। जिस काम को आज भी बखूबी अंजाम दे रही हैं। गीतांजलि की बेटी स्वस्ति ने बताया कि बड़ी होकर वह भी मिस इंडिया बनना चाहती हैं वैसे सिविल सर्विस की तैयारी करेंगी।
इस क्षेत्र में ऐसे करें इंट्री
मिसेज इंडिया बनने के लिए गूगल में जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्र्रेशन करना होता है। इसमें दिए गए फार्म को भरकर लोड करें। आवेदन के दौरान उम्र, लंबाई, वजन, शैक्षिक योग्यता व कई एंगल में फोटो भेजनी होती है। इसके बाद आडीशन, रैंप वाक, इंटरव्यू के जरिए कई चरणों में चयन होता है। इसमें चयन के लिए सौंदर्य के साथ सेल्फ कांफिडेंस और देश दुनिया के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। गीतांजलि ने कहा कि अब वह यहां लड़कियों और महिलाओं को आगे बढ़ने में वह मदद करेंगी।
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राजनीति के बारे में उन्होंने कहा कि मेरी तो राजनीति में रुचि नहीं है, लेकिन युवाओं को राजनीति में आना चाहिए जिससे देश आगे बढ़ सके। मौका मिला तो इस दिशा में सोचेंगी। महिलाओं को भी घर परिवार संभालने के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। गीतांजलि का कहना है कि उन्हें अपने परिवार से हमेशा सपोर्ट मिला। आरजे फैशन फिएस्टा और बालाजी मीडिया की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में चार चरण हुए थे। इसके बाद नई दिल्ली में हुए फ ाइनल में गीतांजलि ने देश भर से आई 20 प्रतिभागियों के बीच शीर्ष स्थान हासिल किया।
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बेटी की कामयाबी पर परिवार खुश
गीतांजलि ने मिसेज इंडिया क्वीन 2017 के साथ ही स्टाइल आइकॉन 2017 का खिताब भी नाम किया है। इसके अलावा ग्लैडरैग्स मिसेज इंडिया के टॉप-10 में भी चुनी जा चुकी हैं। पिछले साल मिसेज यूपी 2016 भी रह चुकी हैं। बेटी की इस कामयाबी पर पिता राजा भदौरिया, मां पुष्पा और परिवार के अन्य सदस्य गदगद हैं। पिता का कहना है कि बेटी बचपन से ही होनहार थी। गीतांजलि के पति अरविंद कुमार सुल्तानपुर में व्यापारी हैं। कुछ अलग करने की ललक हमेशा से रही है, और शायद इसी का नतीजा रहा कि छोटे से जिले से निकालकर देश में नाम रोशन किया। अब गीतांजलि के पास कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर बनने के ऑफर आ रहे हैं।
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बड़ी बहन है नि:शक्त
गीतांजलि की बड़ी बहन वेदांजलि पैर से नि:शक्त हैं, वह सरकारी टीचर हैं। उनकी मानें तो छोटी बहन हमेशा ही उनसे कुछ बड़ा करने और माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही अपने पैरों पर खड़ा होने की बात करती थी। शायद इसी का नतीजा रहा कि फ तेहपुर में एक किड्स स्कूल भी चलाती हैं, जिसकी देखरेख खुद गीतांजलि करती हैं।
बखूबी निभाती हैं अपने बच्चों की जिम्मेदारी
गीतांजलि का विवाह 2002 में हुआ था। इनकी 14 साल की बेटी स्वस्ति है। पालन-पोषण का जिम्मा भी गीतांजलि बखूबी निभाती हैं। पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की गीतांजलि ने नौकरी करने की बजाय बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा उठाया। जिस काम को आज भी बखूबी अंजाम दे रही हैं। गीतांजलि की बेटी स्वस्ति ने बताया कि बड़ी होकर वह भी मिस इंडिया बनना चाहती हैं वैसे सिविल सर्विस की तैयारी करेंगी।
इस क्षेत्र में ऐसे करें इंट्री
मिसेज इंडिया बनने के लिए गूगल में जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्र्रेशन करना होता है। इसमें दिए गए फार्म को भरकर लोड करें। आवेदन के दौरान उम्र, लंबाई, वजन, शैक्षिक योग्यता व कई एंगल में फोटो भेजनी होती है। इसके बाद आडीशन, रैंप वाक, इंटरव्यू के जरिए कई चरणों में चयन होता है। इसमें चयन के लिए सौंदर्य के साथ सेल्फ कांफिडेंस और देश दुनिया के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। गीतांजलि ने कहा कि अब वह यहां लड़कियों और महिलाओं को आगे बढ़ने में वह मदद करेंगी।