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मासूम भाई बहन ने मौत को मात दी
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:36 AM IST
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रामलीला मैदान से अपहृत मासूम भाई बहन पर जाको राखे
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साइयां मार सके न कोए की कहावत चरितार्थ हो गई। वह दोनों मौत के मंजर से
बाहर निकल कर आए हैं। कुछ और समय बच्चे गड्ढे में रह जाते तो शायद उनके साथ
अनहोनी हो जाती।
गौरतलब रहे कि आरोपी बेटू मिश्रा ने बच्चों को रात के करीब डेढ़ बजे रामलीला से अगवा कर लिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद करीब रात के ढाई बजे पानी भरे गड्ढे में फेक दिया था।
बीती रात को काफी ठंड भी थी। घटनास्थल लोधीगंज के आसपास जंगल है। यहां पर कोई समझदार भी इतनी रात को नहीं रुक सकता है। इन हालातों में दोनों बच्चे कीचड़ और पानी से भरे गड्ढे में डूबे रहे।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने भोर के करीब साढ़े पांच बजे बच्चों को बाहर निकाला। उनके पूरे शरीर में कीचड़ में था। वह ठंड से कंपकंपा रहे थे और अर्द्धबेहोशी की हालत में थे। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया।
जहां पर इलाज के बाद हालत में सुधार आया। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि दोनों बच्चे किस्मत वाले थे, अगर पुलिस कुछ और देर कर देती तो अनहोनी भी हो सकती थी।
गौरतलब रहे कि आरोपी बेटू मिश्रा ने बच्चों को रात के करीब डेढ़ बजे रामलीला से अगवा कर लिया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद करीब रात के ढाई बजे पानी भरे गड्ढे में फेक दिया था।
बीती रात को काफी ठंड भी थी। घटनास्थल लोधीगंज के आसपास जंगल है। यहां पर कोई समझदार भी इतनी रात को नहीं रुक सकता है। इन हालातों में दोनों बच्चे कीचड़ और पानी से भरे गड्ढे में डूबे रहे।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने भोर के करीब साढ़े पांच बजे बच्चों को बाहर निकाला। उनके पूरे शरीर में कीचड़ में था। वह ठंड से कंपकंपा रहे थे और अर्द्धबेहोशी की हालत में थे। उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया।
जहां पर इलाज के बाद हालत में सुधार आया। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि दोनों बच्चे किस्मत वाले थे, अगर पुलिस कुछ और देर कर देती तो अनहोनी भी हो सकती थी।