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Sant Kabir Nagar News: बिना एक्सपायरी डेट लिखे नमकीन बेच रहे धंधेबाज
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दुकान पर बिक्री के लिए रखा गया नमकीन। संवाद
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नमकीन की खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि धंधेबाज बिना एक्सपायरी डेट लिखे ही इसे बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बिना एक्सपायरी डेट लिखी 44 बोरी नमकीन सीज की है। इसके दो नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन की कोशिशों के बाद भी धंधेबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। बुधवार को सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-द्वितीय सतीश कुमार टीम के साथ खाद्य पदार्थों की जांच के लिए निकले थे। खलीलाबाद-मुखलिसपुर रोड पर एक पिकअप वाहन को टीम ने रोका।
जांच करने पर अंशिका नमकीन बस्ती के निर्माता की नमकीन लदी बोरियां मिलीं। जांच की गई तो बोरियों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी थी। इसके अलावा नमकीन की क्वालिटी भी ठीक नहीं लगी। इसके बाद टीम ने 44 बोरी नमकीन सीज कर दी और दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।
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इसकी अनुमानित कीमत 68,400 रुपये है। सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि नमकीन की बोरियों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी थी। इसके अलावा नमकीन बुरादा जैसा मिला, जिससे उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं प्रतीत हो रही थी। इस कारण बोरियों को सीज कर दिया गया और दो नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा टीम ने खलीलाबाद की एक दुकान से छेने के दो और एक बेसन तथा बूंदी के भी एक नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया। इनकी भी क्वालिटी ठीक नहीं थी।
बता दें कि इसके पहले भी टीम ने इसी साल 23 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्र में एक नमकीन उत्पादक इकाई पर छापा मारा था। वहां से नमकीन के दो नमूने लिए गए थे।
यहां टीम को साफ-सफाई ठीक नहीं मिली थी। इसके अलावा जून-2026 में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर दो विक्रेताओं को एक-एक दिन की जेल हुई थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने वर्ष 2017 में मेंहदावल की एक दुकान से हल्दी का नमूना लिया था। वर्ष 2021 में दुधारा क्षेत्र की एक दुकान से भी हल्दी का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में दोनों हल्दी के नमूनों में लेड क्रोनेट की मिलावट पाई गई थी। इसे सेहत के लिए असुरक्षित बताया गया था।
इस पर विभागीय ने दोनों विक्रेताओं के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने इन दोनों विक्रेताओं को एक-एक दिन की कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही इन पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।
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संतकबीरनगर। नमकीन की खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि धंधेबाज बिना एक्सपायरी डेट लिखे ही इसे बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने बिना एक्सपायरी डेट लिखी 44 बोरी नमकीन सीज की है। इसके दो नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन की कोशिशों के बाद भी धंधेबाज अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। बुधवार को सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-द्वितीय सतीश कुमार टीम के साथ खाद्य पदार्थों की जांच के लिए निकले थे। खलीलाबाद-मुखलिसपुर रोड पर एक पिकअप वाहन को टीम ने रोका।
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जांच करने पर अंशिका नमकीन बस्ती के निर्माता की नमकीन लदी बोरियां मिलीं। जांच की गई तो बोरियों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी थी। इसके अलावा नमकीन की क्वालिटी भी ठीक नहीं लगी। इसके बाद टीम ने 44 बोरी नमकीन सीज कर दी और दो नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।
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इसकी अनुमानित कीमत 68,400 रुपये है। सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार ने बताया कि नमकीन की बोरियों पर एक्सपायरी डेट नहीं लिखी थी। इसके अलावा नमकीन बुरादा जैसा मिला, जिससे उसकी क्वालिटी अच्छी नहीं प्रतीत हो रही थी। इस कारण बोरियों को सीज कर दिया गया और दो नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा टीम ने खलीलाबाद की एक दुकान से छेने के दो और एक बेसन तथा बूंदी के भी एक नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिया। इनकी भी क्वालिटी ठीक नहीं थी।
बता दें कि इसके पहले भी टीम ने इसी साल 23 फरवरी को औद्योगिक क्षेत्र में एक नमकीन उत्पादक इकाई पर छापा मारा था। वहां से नमकीन के दो नमूने लिए गए थे।
यहां टीम को साफ-सफाई ठीक नहीं मिली थी। इसके अलावा जून-2026 में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर दो विक्रेताओं को एक-एक दिन की जेल हुई थी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने वर्ष 2017 में मेंहदावल की एक दुकान से हल्दी का नमूना लिया था। वर्ष 2021 में दुधारा क्षेत्र की एक दुकान से भी हल्दी का नमूना लिया था। इसे जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला लखनऊ भेजा था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में दोनों हल्दी के नमूनों में लेड क्रोनेट की मिलावट पाई गई थी। इसे सेहत के लिए असुरक्षित बताया गया था।
इस पर विभागीय ने दोनों विक्रेताओं के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने इन दोनों विक्रेताओं को एक-एक दिन की कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही इन पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।