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पति को दस वर्ष की कैद
Thu, 14 Feb 2019 12:07 AM IST
gaurav gaurav
फतेहपुर
फतेहपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:07 AM IST
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चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
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पत्नी को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के मामले में अदालत ने पति को दोषी पाया और उसे दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गड़रियनपुरवा निवासी दयाराम ने अपनी बहन शोभा की शादी खागा कोतवाली के इस्कुरी निवासी दशरथ के साथ की थी। शादी के बाद कुछ दिन तो सब ठीक चला, फिर पति-पत्नी में विवाद होने लगा। 18 नवंबर 2010 को शोभा ने किसी बात से क्षुब्ध होकर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
घटना की सूचना पर उसके भाई दयाराम ने कोतवाली पहुंचकर बहन के पति के खिलाफ तहरीर देकर पीटने व आत्महत्या के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया। दयाराम ने पुलिस को बताया दशरथ उसकी बहन शोभा को अक्सर पीटता था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली।
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एडीजे कोर्ट नंबर छह नवनीति गिरि ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव ने आरोपी के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने महिला के पति को दोषी मानते हुए दस वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये अर्थ दंड सुनाया है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गड़रियनपुरवा निवासी दयाराम ने अपनी बहन शोभा की शादी खागा कोतवाली के इस्कुरी निवासी दशरथ के साथ की थी। शादी के बाद कुछ दिन तो सब ठीक चला, फिर पति-पत्नी में विवाद होने लगा। 18 नवंबर 2010 को शोभा ने किसी बात से क्षुब्ध होकर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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घटना की सूचना पर उसके भाई दयाराम ने कोतवाली पहुंचकर बहन के पति के खिलाफ तहरीर देकर पीटने व आत्महत्या के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया। दयाराम ने पुलिस को बताया दशरथ उसकी बहन शोभा को अक्सर पीटता था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली।
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एडीजे कोर्ट नंबर छह नवनीति गिरि ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता विवेक उमराव ने आरोपी के खिलाफ सबूत और दलीलें पेश की। कोर्ट ने महिला के पति को दोषी मानते हुए दस वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये अर्थ दंड सुनाया है।