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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:03 AM IST
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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
फतेहपुर। अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत नेनौ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के रुहल्लापुर गांव की प्रमिला देवी की शादी खागा कोतवाली के सूरा गांव निवासी संतराम के साथ 26 अप्रैल 2012 को हुई थी। शादी के बाद से ससुरालीजन पचास हजार रुपये नगद और सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 18 नवंबर 2012 को ससुरालीजनों ने प्रमिला देवी को जलाकर मार डाला था। घटना के बाद मृतका की मां जनक दुलारी ने पति, सास, ससुर और जेठानी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
हालांकि विवेचना में सास, ससुर और जेठानी का नाम हटा दिया गया। एडीजे कोर्ट नंबर दो शंभूनाथ सरोज ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता जय पाल वर्मा, आसिफ मकसूद ने हत्यारोपी पति के खिलाफ पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अधिवक्ता ने बताया कि पति पांच साल से जेल में है। जमानत नहीं हुई है।
- कोर्ट ने लगाया नौ हजार रुपये अर्थ दंड
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फतेहपुर। अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत नेनौ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के रुहल्लापुर गांव की प्रमिला देवी की शादी खागा कोतवाली के सूरा गांव निवासी संतराम के साथ 26 अप्रैल 2012 को हुई थी। शादी के बाद से ससुरालीजन पचास हजार रुपये नगद और सोने की जंजीर की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर 18 नवंबर 2012 को ससुरालीजनों ने प्रमिला देवी को जलाकर मार डाला था। घटना के बाद मृतका की मां जनक दुलारी ने पति, सास, ससुर और जेठानी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
हालांकि विवेचना में सास, ससुर और जेठानी का नाम हटा दिया गया। एडीजे कोर्ट नंबर दो शंभूनाथ सरोज ने मामले की सुनवाई की। सहायक शासकीय अधिवक्ता जय पाल वर्मा, आसिफ मकसूद ने हत्यारोपी पति के खिलाफ पर्याप्त सबूत और दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अधिवक्ता ने बताया कि पति पांच साल से जेल में है। जमानत नहीं हुई है।
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- कोर्ट ने लगाया नौ हजार रुपये अर्थ दंड