{"_id":"5ca262acbdec2213fe5d3375","slug":"21554145964-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब में डाला कीटनाशक, मर गई हजारों मछलियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तालाब में डाला कीटनाशक, मर गई हजारों मछलियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौडगरा। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के साईं गांव में तालाब में कुछ शरारती तत्वों ने कीटनाशक डाल दिया। इससे तालाब में पल रहीं हजारों की संख्या में मछलियां मर गईं। सोमवार सुबह मरी मछलियां पानी में उतराती मिलीं।
पट्टाधारक सुरेश ने एक साल पहले मत्स्य विभाग से मछली पालन के लिए तीन बीघे क्षेत्रफल का तालाब लिया था। इसके बाद मत्स्य अनुसंधान केंद्र लखनऊ से एक लाख इकतालीस हजार मछली का बीज 32 हजार रुपये में खरीदकर डाला था। आरोप है कि पालन के चार महीने बाद अराजकतत्वों ने तालाब के पानी में कीटनाशक मिला
दिया, जिससे काफी मछलियां मर गई थीं। इसके बाद पट्टाधारक ने दोबारा फतेहपुर से प्राइवेट बीज चितौरा फार्म से पंद्रह हजार में खरीदकर डाला लेकिन रविवार रात फिर किसी ने दवा डाल कर लगभग मछलियां मार दीं। पीड़ित ने बताया कि सुबह अचानक तालाब पर पहुंचने पर देखा कि हजारों की संख्या में मछलियां पानी के ऊपर उतरा
विज्ञापन
रहीं हैं। मरी मछलियां निकालने के लिए उन्नाव से आठ मछुआरे बुलाए गए हैं। वह जिंदा व मरी मछलियां निकालने के काम लगे हैं। मरी मछलियों को गड्ढे में दबाया जा रहा हैं। ठेकेदार सिराज अहमद ने बताया कि एक क्विंटल ही जिंदा मछलियां निकली हैं, जिनकी कीमत तीस से चालीस रुपये किलो ही मिल पा रहा है। प्रधान
प्रतिनिधि शीलू सिंह ने बताया कि जब से पट्टा हुआ है तब से दो बार ऐसी घटना हुई है। इस बार पुलिस से शिकायत कराकर कार्रवाई कराए जाएगी। भुक्तभोगी ने बताया कि गांव के कुछ लोग पट्टे का विरोध कर रहे थे। हो सकता है उन्हीं लोगों का हाथ हो, लेकिन अज्ञात के खिलाफ थाने में तहरीर दे रहे हैं। चौकी इंचार्ज चौडगरा प्रदीप कुमार ने बताया कि तहरीर आने पर उसी के मुताबिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
तालाब में डाला कीटनाशक, मर गई हजारों मछलियां
इससे पहले भी इसी तालाब में मारी जा चुकी हैं मछली
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पट्टाधारक सुरेश ने एक साल पहले मत्स्य विभाग से मछली पालन के लिए तीन बीघे क्षेत्रफल का तालाब लिया था। इसके बाद मत्स्य अनुसंधान केंद्र लखनऊ से एक लाख इकतालीस हजार मछली का बीज 32 हजार रुपये में खरीदकर डाला था। आरोप है कि पालन के चार महीने बाद अराजकतत्वों ने तालाब के पानी में कीटनाशक मिला
विज्ञापन
दिया, जिससे काफी मछलियां मर गई थीं। इसके बाद पट्टाधारक ने दोबारा फतेहपुर से प्राइवेट बीज चितौरा फार्म से पंद्रह हजार में खरीदकर डाला लेकिन रविवार रात फिर किसी ने दवा डाल कर लगभग मछलियां मार दीं। पीड़ित ने बताया कि सुबह अचानक तालाब पर पहुंचने पर देखा कि हजारों की संख्या में मछलियां पानी के ऊपर उतरा
विज्ञापन
रहीं हैं। मरी मछलियां निकालने के लिए उन्नाव से आठ मछुआरे बुलाए गए हैं। वह जिंदा व मरी मछलियां निकालने के काम लगे हैं। मरी मछलियों को गड्ढे में दबाया जा रहा हैं। ठेकेदार सिराज अहमद ने बताया कि एक क्विंटल ही जिंदा मछलियां निकली हैं, जिनकी कीमत तीस से चालीस रुपये किलो ही मिल पा रहा है। प्रधान
प्रतिनिधि शीलू सिंह ने बताया कि जब से पट्टा हुआ है तब से दो बार ऐसी घटना हुई है। इस बार पुलिस से शिकायत कराकर कार्रवाई कराए जाएगी। भुक्तभोगी ने बताया कि गांव के कुछ लोग पट्टे का विरोध कर रहे थे। हो सकता है उन्हीं लोगों का हाथ हो, लेकिन अज्ञात के खिलाफ थाने में तहरीर दे रहे हैं। चौकी इंचार्ज चौडगरा प्रदीप कुमार ने बताया कि तहरीर आने पर उसी के मुताबिक जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
तालाब में डाला कीटनाशक, मर गई हजारों मछलियां
इससे पहले भी इसी तालाब में मारी जा चुकी हैं मछली
अमर उजाला ब्यूरो