फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   सौ एकड़ खंड में किसानों की जमीन नाप चालू

सौ एकड़ खंड में किसानों की जमीन नाप चालू

Sat, 02 Feb 2019 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Feb 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
सौ एकड़ खंड में किसानों की जमीन नाप चालू
बहुआ(फतेहपुर)। कोर्रा कनक यमुना मौरंग भूखंड में बवाल के बाद शुक्रवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की भूखंड में फंसी जमीनों को बाहर किया।
विज्ञापन


बता दें कि मौरंग खदान में गुरुवार रात खदान संचालकों और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था। मामले में एक दूसरे पर आगजनी, फायरिंग, मारपीट के आरोप लगाए गए। खदान मुनीम जीत सिंह की ओर से पुलिस ने भीम सिंह, रोहित, राजकुमार समेत सात के खिलाफ शुक्रवार रात बंधक बनाकर गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की
विज्ञापन


एफआईआर दर्ज की। इधर, डीएम के निर्देश पर एसडीएम प्रेम प्रकाश तिवारी, जाफरगंज सीओ श्रीपाल यादव, खनन अधिकारी सौरभ गुप्ता शुक्रवार को पहुंचे। मौके पर ग्रामीण भी आ पहुंचे। खनन अधिकारी सौरभ गुप्ता ने बताया कि मौरंग खदान के भूखंड की नाप कराई जा रही है। बीच में कहीं किसान की जमीन है तो खदान के लिए
विज्ञापन
विज्ञापन


रास्ते को मोड़ा नहीं जा सकता है। मौरंग सरकारी खनिज संपदा है। जिसकी क्षतिपूर्ति किसानों को खदान संचालक की ओर से की जाएगी। राजस्व टीम मौके की नाप में जुटी हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
फोटो संख्या एवं परिचय
27- जलधारा में लोडिंग को खड़े ट्रक
28- मौरंग खनन करती पोकलैंड
29- चालीस फीट से खनन करने वाली मशीन
30- खदान में ग्रामीणों से बातचीत करते एसडीएम

किसानों की जमीनों की नापजोख शुरू
मनमाने तरीके से चलाई जा रही थी खदान
बवाल के बाद चेते अधिकारी, पहुंची टीम
अमर उजाला ब्यूरो



नदी की जलधारा से खनन होते मिला
- चालीस फीट गहराई से खनन करने वाली दो मशीनें सीज
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। संयुक्त टीम की जांच में कोर्रा कनक मौरंग घाट में नदी की जलधारा से खनन होना पाया गया है। प्रशासन अवैध खनन की रिपोर्ट तैयार करने में जुटा है।
करीब दो माह पहले कोर्रा मौरंग खदान का संचालन शुरू हुआ था। मौरंग घाट से कई बार पुलिस-प्रशासन को शिकायतें मिलीं। बवाल के बाद शुक्रवार दोपहर संयुक्त टीमें पहुंची। मौके पर नदी की जलधारा से ट्रकों में मौरंग लोडिंग का खेल होता मिला। एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ी मिलीं। जलधारा को मोड़ देने वाली दो मशीनें खड़ी थीं, जिनके संचालन की एनजीटी से अनुमति नहीं है। मशीनें करीब चालीस से पचास फीट की गहराई से मौरंग खींच लाती है। दोनों मशीनों को सीज किया गया। जबकि अधिक से अधिक पांच मीटर की गहराई में खनन की अनुमति है। ग्रामीणों ने टीम के सामने आरोप लगाया कि करीब 15 पोकलैंड मशीनें रात-दिन खनन में लगी हैं। एसडीएम प्रेमप्रकाश तिवारी ने बताया कि जांच में अनियमितता पाई गई है। दो बड़ी मशीनों को सीज कराया गया है। रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

खदान संचालक समेत 20 पर रिपोर्ट
सीओ ने बवाल प्रकरण की जांच की, ग्रामीणों ओर से बलवे, फायरिंग, आगजनी की रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बहुआ (फतेहपुर)। मौरंग खदान में बवाल, आगजनी, मारपीट, फायरिंग के प्रकरण में शुक्रवार को ग्रामीणों की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच करने पहुंचे सीओ ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने घटनास्थल के आसपास के ग्रामीणों से भी बातचीत की है।

ललौली थाना क्षेत्र के ओनई गांव निवासी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बुधवार की शाम बेटा राजकिशोर व गांव के रोहित, पुष्पेंद्र उर्फ भीम, राजकुमार खेत पर काम कर रहे थे। इस दौरान हाईवे पर ओवरलोड मौरंग लदे ट्रकों की चेकिंग शुरू थी। चेकिंग से बचने के लिए खेतों में आठ पोकलैंड मशीनें घुस आईं। फसल का नुकसान होने पर वह लोग पोकलैंड मशीनों के मालिकों के पास पहुंचे। विरोध पर ड्राइवर और गनर ने मारपीट की। इस दौरान खदान मालिक अतुल सिंह, संजय सिंह, नवल सिंह, जीत सिंह व दस अज्ञात लोग असलहों से लैस होकर पहुंचे। गालीगलौज कर हमला कर दिया। जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। वह लोग जान बचाकर भाग निकले। आरोप है कि खदान मालिक सहयोगियों के साथ रात को भीम सिंह के घर पहुंचे और मारपीट की। खदान वालों ने अपने बचाव के लिए झोपड़ी में खुद ही आग लगाई और आरोप उन पर लगा रहे हैं। एसओ राजेश मौर्या का कहना है कि विवेचना में ही स्थिति साफ हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed