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Fatehpur News: पर्चा बनवाने में 45 मिनट, इलाज के लिए तीन घंटे इंतजार
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फोटो-40- मरीजों से भरा मेडिकल कॉलेज। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
अल्लीपुर। बदलते मौसम के साथ मेडिकल कॉलेज में बुखार, वायरल और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। रोजाना 1000 से अधिक मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं। शनिवार को 960 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया।
मरीजों की बढ़ती संख्या का असर रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक दिखाई दे रहा है। पर्चा बनवाने में करीब 45 मिनट और इलाज के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सुबह नौ बजे से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगने लगती है। रजिस्ट्रेशन, जांच, कैश काउंटर और फार्मेसी पर भी लंबी कतारें लगी रहती हैं। खागा से आईं ऊषा देवी ने बताया कि बेटे को 104 डिग्री बुखार है। सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन अभी डॉक्टर को दिखाने का नंबर नहीं आया है।
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प्राचार्य प्रो. डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि मेडिसिन और बाल रोग वार्ड में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। इमरजेंसी में स्ट्रेचर की संख्या भी बढ़ाई गई है। ओपीडी और इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी दो शिफ्ट में की गई है। नर्सिंग स्टाफ भी बढ़ाया गया है।
उन्होंने बताया कि बुखार, उल्टी-दस्त और प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच 24 घंटे की जा रही है। भीड़ के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है लेकिन किसी को बिना इलाज लौटाया नहीं जाएगा।
बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 110 बीमार बच्चे आ रहे हैं। बच्चों को उबला पानी और ओआरएस दें। स्वयं से एंटीबायोटिक न दें। कूलर का पानी भी रोज बदलते रहें ताकि मच्छर न पनपने पाएं।
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मरीजों की बढ़ती संख्या का असर रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने तक दिखाई दे रहा है। पर्चा बनवाने में करीब 45 मिनट और इलाज के लिए तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
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सुबह नौ बजे से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगने लगती है। रजिस्ट्रेशन, जांच, कैश काउंटर और फार्मेसी पर भी लंबी कतारें लगी रहती हैं। खागा से आईं ऊषा देवी ने बताया कि बेटे को 104 डिग्री बुखार है। सुबह आठ बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन अभी डॉक्टर को दिखाने का नंबर नहीं आया है।
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प्राचार्य प्रो. डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि मेडिसिन और बाल रोग वार्ड में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। इमरजेंसी में स्ट्रेचर की संख्या भी बढ़ाई गई है। ओपीडी और इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी दो शिफ्ट में की गई है। नर्सिंग स्टाफ भी बढ़ाया गया है।
उन्होंने बताया कि बुखार, उल्टी-दस्त और प्लेटलेट्स बढ़ाने वाली दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच 24 घंटे की जा रही है। भीड़ के कारण मरीजों को असुविधा हो रही है लेकिन किसी को बिना इलाज लौटाया नहीं जाएगा।
बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में 110 बीमार बच्चे आ रहे हैं। बच्चों को उबला पानी और ओआरएस दें। स्वयं से एंटीबायोटिक न दें। कूलर का पानी भी रोज बदलते रहें ताकि मच्छर न पनपने पाएं।

फोटो-40- मरीजों से भरा मेडिकल कॉलेज। संवाद- फोटो : सांकेतिक