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वकील का अपहरण, छह घंटे बाद छोड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:30 PM IST
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खेत से वकील का अपहरण होने से गांव में सनसनी फैल गई। नौ घंटे बाद अपहरण
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करने वाले वकील को वापस छोड़ कर चले गए। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ता
किसी दूसरे का अपहरण करने आए थे। धोखे से वकील को ले गए थे। गलती का अहसास
होने पर छोड़ गए। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
गांव रमापुर जसू निवासी वकील रामरतन मंगलवार की रात करीब नौ बजे खेत पर गए थे। यहां तीन बदमाश मुंह पर कपड़ा बांध कर आए। इन्होंने तमंचे के बल पर वकील का अपहरण कर लिया। इसकी जानकारी होने पर गांव में सनसनी फैल गई। परिवार के लोगोें की सूचना पर थानाध्यक्ष प्रदीप यादव पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। अपहरण को लेकर पुलिस
रात भर परेशान रही। रात के अंतिम पहर करीब तीन बजे वकील सुरक्षित घर पहुंच गए। उनके लौटने की जानकारी पर पुलिस घर आई। वकील से घटना की जानकारी ली। वकील रामरतन ने बताया कि खेत पर उसके पीछे से तीन लोग आए। इन्हाेंने तमंचा लगा दिया। बदमाशों के कहने पर वह उनके साथ चल दिया। सड़क के मोड़ के पास सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी खड़ी थी।
इसमेें दो लोग पहले से बैठे थे। इसी में उसको भी बैठा लिया गया। करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद एक खेत के पास
बदमाशों ने गाड़ी रोकी। खेत मेें तीन चार लोग थे। इन लोगों ने उसको देखा और नाम पता पूछा। अपना और पिता का नाम बताने पर बदमाशों ने गलत व्यक्ति का अपहरण होने की आशंका जताई और करीब तीन बजे रमापुर व छछौनापुर मार्ग
पर छोड़कर चले गए। मोबाइल भी वापस कर दिया। मोबाइल से उन्होंने अपने परिवार के लोगों को जानकारी दी। परिवार के
लोग मौके पर पहुंचे और उनको घर लेकर आए। बताया कि बदमाश किसी और का अपहरण करने आए थे। गलती से उन्हें ले गए। थानाध्यक्ष प्रदीप यादव का कहना है कि अपहरण की घटना संदिग्ध है। फिर भी जांच की जा रही है।
गांव रमापुर जसू निवासी वकील रामरतन मंगलवार की रात करीब नौ बजे खेत पर गए थे। यहां तीन बदमाश मुंह पर कपड़ा बांध कर आए। इन्होंने तमंचे के बल पर वकील का अपहरण कर लिया। इसकी जानकारी होने पर गांव में सनसनी फैल गई। परिवार के लोगोें की सूचना पर थानाध्यक्ष प्रदीप यादव पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। अपहरण को लेकर पुलिस
रात भर परेशान रही। रात के अंतिम पहर करीब तीन बजे वकील सुरक्षित घर पहुंच गए। उनके लौटने की जानकारी पर पुलिस घर आई। वकील से घटना की जानकारी ली। वकील रामरतन ने बताया कि खेत पर उसके पीछे से तीन लोग आए। इन्हाेंने तमंचा लगा दिया। बदमाशों के कहने पर वह उनके साथ चल दिया। सड़क के मोड़ के पास सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी खड़ी थी।
इसमेें दो लोग पहले से बैठे थे। इसी में उसको भी बैठा लिया गया। करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद एक खेत के पास
बदमाशों ने गाड़ी रोकी। खेत मेें तीन चार लोग थे। इन लोगों ने उसको देखा और नाम पता पूछा। अपना और पिता का नाम बताने पर बदमाशों ने गलत व्यक्ति का अपहरण होने की आशंका जताई और करीब तीन बजे रमापुर व छछौनापुर मार्ग
पर छोड़कर चले गए। मोबाइल भी वापस कर दिया। मोबाइल से उन्होंने अपने परिवार के लोगों को जानकारी दी। परिवार के
लोग मौके पर पहुंचे और उनको घर लेकर आए। बताया कि बदमाश किसी और का अपहरण करने आए थे। गलती से उन्हें ले गए। थानाध्यक्ष प्रदीप यादव का कहना है कि अपहरण की घटना संदिग्ध है। फिर भी जांच की जा रही है।