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जिला जेल में छापा, बंदियों ने की भूख हड़ताल

Sun, 02 Aug 2015 11:08 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sun, 02 Aug 2015 11:08 PM IST
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Featured in the district prison , the hunger strike by detainees
जिला जेल में बंदियों के पास मोबाइल होने की सूचना पर जेल अधीक्षक छापा मार
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कर बैरकों में  तलाशी लेने लगे। छापामारी में मोबाइल बरामद नहीं हुआ लेकिन बंदी भड़क गए। इनकी अधीक्षक से नोकझोंक हुई। इसके बाद इन्होंने भूख हड़ताल कर दी। उधर, जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदियों ने सुबह खाना नहीं खाया। शाम का खाना खिला दिया गया। जेल सूत्रों की मानें तो अधीक्षक के चाय फेंकने पर बंदी भड़क गए थे।

जिला जेल में आएदिन बंदियों के पास मोबाइल होने की सूचनाएं जिला प्रशासन के पास पहुंचती हैं। रविवार को जेल अधीक्षक राकेश कुमार को मुखबिरों ने सूचना दी कि बैरक नंबर दो में कुछ बंदियों के पास मोबाइल हैं। इस पर अधीक्षक ने बंदी रक्षकों के साथ वहां छापेमारी की । यहां पर मौजूद 225 बंदियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बंदी भड़क गए।

इनकी अधीक्षक से नोकझोंक हो गई। हंगामे की जानकारी अन्य बंदियों को हुई तो तनाव की स्थिति बन गई। फोर्स की कमी के कारण बंदी रक्षक और जेल अधीक्षक तलाशी लेकर लौट गए। तलाशी में किसी बंदी के पास मोबाइल न मिलने से आक्रोशित बंदी भूख हड़ताल कर हंगामा करने लगे। इसकी जानकारी अधीक्षक ने आलाधिकारियों को दी। अधीक्षक ने बताया

कि मोबाइल होने की सूचना मिली थी। इसलिए छापा मारा गया।  किसी के पास मोबाइल नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि 60 बंदियों को कुछ समय पहले सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। कुछ और बंदियों को वहां पर भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। इसकी भनक पर बंदियों ने दबाव बनाने के हड़ताल की। इन्होंने सुबह का खाना नहीं खाया। शाम

का खाना खिला दिया गया। उधर, जेल सूत्रों के अनुसार बैरक नंबर दो में बंदी चाय बना रहे थे। यह देखकर अधीक्षक वहां पर पहुंचे और चाय को फिंकवा दिया।  इसको लेकर बंदियों ने हड़ताल कर दी।

नहीं हो पाई मुलाकात
रविवार को बंदियों के परिजनों की इनसे मुलाकात नहीं हो पाई। परिजन मुलाकात के लिए सुबह से ही पहुंच गए थे। रविवार होने से खासी भीड़ थी। बंदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए जेल के अंदर भेज दिया गया। हंगामा बढडने पर यह बैरंग हो गए। वहीं जेल में हंगामा की सूचना पर पुलिस लाइन से पुलिस बल जाने की तैयारी करने लगा। मामला शांत होने पर इन्हें रोक दिया गया।
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