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खड़े ट्रक में घुसी बाइक, तीन भाइयों की जान गई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:43 PM IST
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kin of deceased
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मार्ग दुर्घटना में तीन युवकों की मौत की सूचना तीन परिवारों पर गाज बनकर टूटी। लोहिया अस्पताल में परिवारीजनों के साथ ही नाते रिश्तेदार बी पहुंच गए। तीनों के शवों देखकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल रहा। मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
राजेपुर के गांव पश्चिमी गौटिया निवासी देवप्रताप उर्फ डब्लू और उसके मेमरे भाई सुमित और आकाश की हुई मौत के बाद शनिवार को तीनों के शव लोहिया अस्पताल में रखे हुए थे। यहां पर जैसे ही शवों को मुर्दाघर से निकाला गया तो घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महिलाओं के करुण क्रंदन से मौके पर मौजूद लोग खुद को रोक नहीं सके। देवप्रताप की मां सरोज देवी बेहोश हो गई। इसके साथ ही देवप्रताप की पत्नी रानी देवी शव को देखकर अचेत होकर गिर पड़ी। परिजनों ने बताया कि देवप्रताप की करीब डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। रानी के कोई बच्चा नहीं है। देवप्रताप की बड़ी बहन ज्योति और एक छोटा भाई टिंकू है। सुमित की मां सुनीतादेवी का भी बुरा हाल हो गया था। सुमित का एक बड़ा भाई अमित और छोटा भाई अंकित है। आकाश का बड़ा भाई रवि है। परिजनों ने बताया कि बाइक सुमित की थी। आकाश बाइक चला रहा था। आकाश हेलमेट नहीं पहना था। तीन मौतों की खबर पर राजेपुर क्षेत्र के काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। इसके साथ ही भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे।
प्रोजेक्ट मैनेजर था सुमित
फर्रुखाबाद। जिला शाहजहांपुर के थाना अल्हागंज के गांव नौगवां निवासी सुमित इटावा में बिजली विभाग में प्रोजेक्ट मैनेजर पद पर तैनात था। परिवारीजनों ने बताया कि रिश्तेदार में कई जगह शादी होनी है। इसी सिलसिले में वह घर आया था। मृतक देव प्रताप दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था और आकाश नौकरी की तलाश में लगा था।
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राजेपुर के गांव पश्चिमी गौटिया निवासी देवप्रताप उर्फ डब्लू और उसके मेमरे भाई सुमित और आकाश की हुई मौत के बाद शनिवार को तीनों के शव लोहिया अस्पताल में रखे हुए थे। यहां पर जैसे ही शवों को मुर्दाघर से निकाला गया तो घर की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महिलाओं के करुण क्रंदन से मौके पर मौजूद लोग खुद को रोक नहीं सके। देवप्रताप की मां सरोज देवी बेहोश हो गई। इसके साथ ही देवप्रताप की पत्नी रानी देवी शव को देखकर अचेत होकर गिर पड़ी। परिजनों ने बताया कि देवप्रताप की करीब डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। रानी के कोई बच्चा नहीं है। देवप्रताप की बड़ी बहन ज्योति और एक छोटा भाई टिंकू है। सुमित की मां सुनीतादेवी का भी बुरा हाल हो गया था। सुमित का एक बड़ा भाई अमित और छोटा भाई अंकित है। आकाश का बड़ा भाई रवि है। परिजनों ने बताया कि बाइक सुमित की थी। आकाश बाइक चला रहा था। आकाश हेलमेट नहीं पहना था। तीन मौतों की खबर पर राजेपुर क्षेत्र के काफी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। इसके साथ ही भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे।
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प्रोजेक्ट मैनेजर था सुमित
फर्रुखाबाद। जिला शाहजहांपुर के थाना अल्हागंज के गांव नौगवां निवासी सुमित इटावा में बिजली विभाग में प्रोजेक्ट मैनेजर पद पर तैनात था। परिवारीजनों ने बताया कि रिश्तेदार में कई जगह शादी होनी है। इसी सिलसिले में वह घर आया था। मृतक देव प्रताप दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था और आकाश नौकरी की तलाश में लगा था।
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