पांच जूनियर डाक्टरों पर रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के पांच जूनियर डाक्टरों और 10-12 अन्य के खिलाफ थाना सैफई पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। रविवार को छुट्टी पर ज्यादातर डाक्टर रिम्स नहीं पहुंचे।
हालांकि अभी तक औपचारिक तौर पर उन्होंने हड़ताल खत्म होने की घोषणा नहीं की है। उधर लखनऊ से लौटने के बाद संस्थान के निदेशक डा. बिग्रेडियर टी प्रभाकर ने रविवार को सीनियर डाक्टरों से पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा की।
गौरतलब है कि दो दिन पहले रिम्स के जूनियर डाक्टरों तथा एंबुलेंस चालकों के बीच मारपीट हो गई थी। घटना के बाद से ही जूनियर डाक्टर हड़ताल पर चले गए थे और प्रदर्शन किया। जूनियर डाक्टरों की शिकायत पर एंबुलेंस चालक नीरज कुमार यादव निवासी सैफई तथा अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
शनिवार की देर रात एंबुलेंस चालक नीरज की तहरीर पर जूनियर डाक्टर डा. विशाल कसैनी, डा. विजय कुमार, डा. प्रवीण कुमार, डा. सनी, डा. विजय सिंह के अलावा 10-12 अन्य के खिलाफ सैफई थाना पुलिस ने बलवा, मारपीट, तोड़फोड़ करने की धाराआें में रिपोर्ट दर्ज कर प्रकरण को विवेचना में लिया है। रविवार को रिम्स परिसर में छुट्टी पर ओपीडी बंद रही।
सीनियर डाक्टरों ने वार्डों में राउंड लिए। जूनियर डाक्टरों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ज्यादातर जूनियर डाक्टर कैंपस में रहे लेकिन वे बाहर नहीं निकले। फिलहाल अभी तक हड़ताल खत्म होने की घोषणा नहीं हुई लेकिन जूनियर डाक्टरों के खिलाफ हुई रिपोर्ट के बाद विरोध तेज होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
सोमवार को ओपीडी खुलने पर जूनियर डाक्टर फिर हंगामा कर सकते हैं। उधर संस्थान के निदेशक डा. बिग्रेेडियर टी प्रभाकर ने बताया कि इस प्रकरण को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की है।
उन्होेंने बताया कि सीनियर डाक्टरों के साथ बैठक कर पूरे प्रकरण पर चर्चा हुई है। हड़ताल खत्म करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जूनियर डाक्टरों की सभी मांगाें को मान लिया गया है। दोनों ही मामलों में पुलिस विवेचना कर रही है।