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कल परिजनों की बंदियों से नहीं होगी मुलाकात
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इटावा। जिला जेल में निरुद्ध बंदियों से रविवार 22 मार्च को उनके परिजन मुलाकात नहीं कर पाएंगे। जेल अधीक्षक राज किशोर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के जनता कर्फ्यू आह्वान पर यह निर्णय लिया गया है। शनिवार को पहले से ही मुलाकात बंदी दिवस निर्धारित है। लिहाजा इस सप्ताह दो दिन मुलाकात नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सभी मुलाकातियों से आग्रह किया जा रहा है कि वह मास्क लगाकर ही बंदियों से मिलने आएं। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाए रखने के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ कारागार प्रशासन के स्तर से जारी दिशा निर्देशों व जेल मैनुअल के तहत मुलाकातियों की संख्या तीन से घटाकर एक कर दी गई है। उन्होंने सभी मुलाकातियों से इसका पालन करने को कहा है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के अंदर कॉटन मास्क बनने शुरू हो गए हैं। कपड़ा खरीद कर उन महलिा बंदियों को उपलब्ध कराया गया है। जो जिला कारागार में सिलाई कढ़ाई का काम सीख रही हैं। फिलहाल महिला बंदियों ने मास्क बनाने शुरू किए हैं। जल्द ही पुरुष बंदी भी इसे शुरू करेंगे। यह मास्क बंदी रक्षकों व स्टाफ कर्मियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन बंदियों को भी मास्क दिए जाएंगे। जिनके लिए डाक्टर राय देंगे। यह मास्क धोने के बाद भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
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उन्होंने कहा कि सभी मुलाकातियों से आग्रह किया जा रहा है कि वह मास्क लगाकर ही बंदियों से मिलने आएं। जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाए रखने के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ कारागार प्रशासन के स्तर से जारी दिशा निर्देशों व जेल मैनुअल के तहत मुलाकातियों की संख्या तीन से घटाकर एक कर दी गई है। उन्होंने सभी मुलाकातियों से इसका पालन करने को कहा है।
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जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के अंदर कॉटन मास्क बनने शुरू हो गए हैं। कपड़ा खरीद कर उन महलिा बंदियों को उपलब्ध कराया गया है। जो जिला कारागार में सिलाई कढ़ाई का काम सीख रही हैं। फिलहाल महिला बंदियों ने मास्क बनाने शुरू किए हैं। जल्द ही पुरुष बंदी भी इसे शुरू करेंगे। यह मास्क बंदी रक्षकों व स्टाफ कर्मियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। उन बंदियों को भी मास्क दिए जाएंगे। जिनके लिए डाक्टर राय देंगे। यह मास्क धोने के बाद भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
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