ट्रेन में स्कॉट ने रेल कर्मी को पीटा, बेटी बेहाश
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पुरानी दिल्ली से गुरुवार रात आजमगढ़ जा रही कैफियत एक्सप्रेस में रेलवे को शर्मशार कर देने वाली घटना घटी। ट्रेन में चल रहे पुलिस स्कॉट ने रेलवे के ही एक कर्मचारी के साथ मारपीट की। ये देख उसकी बीमार बेटी घबराकर बेहोश हो गई। यात्रियों द्वारा हेल्पलाइन नंबर पर दी गई सूचना पर ट्रेन के इटावा स्टेशन पहुंचते ही रेलवे के डाक्टर ने उसे उपचार दिया। इसके चलते ट्रेन आधा घंटा तक यहां रुकी रही। डाक्टर ने जब किशोरी से बातचीत कर मामला जाना तो ट्रेन में मौजूद स्कॉट को जमकर फटकार लगाई। उक्त मामले में जीआरपी और आरपीएफ थाने में किसी के विरुद्ध कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
रेल कर्मचारी राम अवध पुत्री खुशबू (18) और छोटी बेटी के साथ पुरानी दिल्ली से डाउन कैफियत एक्सप्रेस के कोच नंबर एस-12 की सीट 24 पर सवार होकर आजमगढ़ जा रहे थे। वह खुशबू का इलाज कराकर घर वापस जा रहा था। ट्रेन चलने के कुछ देर बाद ही ट्रेन में मौजूद स्कॉट के चार सिपाही उसके पास पहुंचे और टिकट मांगने लगे। इस पर उसने अपना पास नंबर 769949 सिपाहियों को दिखाया तो सिपाही उसे फर्जी बताने लगे।
जब उसकी बेटी ने सिपाहियों को बताना चाहा कि पास फर्जी नहीं है तो सिपाही उस पर भी आगबबूला हो गए। कुछ देर मामला शांत रहने के बाद सिपाही एक बार फिर से उसके पास आ धमके और उनपर अवैध रूप से ट्रेन में यात्रा करने का आरोप लगा पैसे की मांग करने लगे। जब रेल कर्मचारी ने उन्हें पैसे देने से इंकार कर दिया तो सिपाहियों ने उसके साथ धक्का मुक्की शुरू कर दी। खुशबू अपने पिता को बचाने के लिए बीच में आ गई तो सिपाहियों ने उसे भी दूर हटा दिया। यह देख खुशबू बुरी तरह से घबरा गई और चक्कर खाकर गिर पड़ी। खुशबू को बेहोश होता देख सिपाही कोच से खिसक लिए और आसपास मौजूद यात्रियों ने इसकी सूचना रेलवे हेल्पलाइन को दी। जब यह घटना हुई तब तक ट्रेन फिरोजाबाद स्टेशन पार कर चुकी थी। जिस पर कंट्रोल ने ट्रेन के इटावा स्टेशन पर रुकने पर किशोरी को उपचार दिए जाने के निर्देश दिए।
ट्रेन के रात 12 बजकर 13 मिनट पर इटावा पहुंचने पर मेन लाइन से हटाकर चार नंबर प्लेटफार्म पर रोका गया और रेलवे डाक्टर रफी अहमद ने मौके पर पहुंचकर खुशबू को उपचार दिया। जब खुशबू को होश आया तो डाक्टर ने उससे बातचीत की तो उसने उन्हें पूरा घटनाक्रम बताया। जिसपर डा रफी अहमद ने सिपाहियों की फटकार भी लगाई। इस मामले के चलते ट्रेन आधा घंटे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। उक्त मामले पर आरपीएफ एसआई डीपी सिंह का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। न ही किसी ने इसको लेकर थाने में कोई शिकायत दर्ज कराई है।