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Etah News: अहिंसा के रास्ते एटा में बढ़ाया आजादी का आंदोलन
Sun, 11 Aug 2024 11:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 11 Aug 2024 11:17 PM IST
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एटा। जंग-ए-आजादी में एटा के होतीलाल दास का नाम काफी बड़ा है। उन्होंने अहिंसा के रास्ते से जिले में आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाया था। कुशल नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचाना जाता था।
होतीलाल दास का जन्म 1902 में हुआ। युवा अवस्था में ही स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय हो गए। महात्मा गांधी को आदर्श मानकर अहिंसात्मक रूप से उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना योगदान शुरू किया। 1930 के नमक सत्याग्रह में हिस्सेदारी करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा। महात्मा गांधी के विचारों से इस कदर प्रभावित थे कि अंग्रेजों द्वारा पूछे जाने पर पिता का नाम महात्मा गांधी बताते थे। कई बार उन्हें सजा सुनाई गई। एटा से लेकर फर्रुखाबाद जेल में उन्होंने सजा काटी।
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होतीलाल दास का जन्म 1902 में हुआ। युवा अवस्था में ही स्वतंत्रता आंदोलनों में सक्रिय हो गए। महात्मा गांधी को आदर्श मानकर अहिंसात्मक रूप से उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना योगदान शुरू किया। 1930 के नमक सत्याग्रह में हिस्सेदारी करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा। महात्मा गांधी के विचारों से इस कदर प्रभावित थे कि अंग्रेजों द्वारा पूछे जाने पर पिता का नाम महात्मा गांधी बताते थे। कई बार उन्हें सजा सुनाई गई। एटा से लेकर फर्रुखाबाद जेल में उन्होंने सजा काटी।
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