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तेजाब बिक्री पर पाबंदी की बात बातों तक
देवरिया
Updated Mon, 05 Dec 2016 11:01 PM IST
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देवरिया में इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे
- फोटो : अमर उजाला
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रविराय
देवरिया। बेटियों पर बढ़ते एसिड अटैक की हर घटना के बाद पुलिस टीमों की बढ़ने वाली सक्रियता हमलावरों की तलाश तक सीमित रह जाने से जहां एसिड की सहज उपलब्धता के ठिकानों पर कार्रवाई मुमकिन नहीं हो पाती वहीं कोर्ट और सरकार की तरफ से अलग-अलग मौके पर एसिड बिक्री की पाबंदी से जुड़े जो निर्देश जारी किए गए हैं, उन पर अमल की बात भी बातों तक सीमित रह जाती है।
यही वजह है कि कुछ समय के अंतराल पर तेजाबी हमलों की पुनरावृत्ति काबू नहीं हो पा रही है। खामपार थाना के बहरोवां गांव की रहने वाली राबिया खातून सोमवार की सुबह भी रोज की तरह11वीं की क्लास में शामिल होने के लिए बखरी के सर्वोदय इंटर कॉलेज के लिए निकली थी। सहेली शिल्पी के साथ साइकिल से जाते वक्त बाइक सवार तीन युवकों ने दो दफा ओवरटेकिंग के अंदाज में बाइक आगे-पीछे की।
सफर के दौरान इस तरह का वाकया सहज घटना मानकर दोनों जहां सामान्य तरीके से साइकिल का सफर आगे बढ़ाती रहीं, वहीं बाइक सवारों के चेहरों पर मफलर और शॉल के कवर ने किसी को पहचान पाने का मौका भी नहीं दिया। एसिड अटैक से ज्यादा झुलसी राबिया ने जिला अस्पताल में बताया कि आंखों तक पहुंची कुछ छींटों से जलन के बाद तेजाबी हमले की शंका हुई।
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समझ पाने से पहले त्वचा की जलन ने एसिड अटैक के शक को यकीन में बदल दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसकी हालत में सुधार बताया तो अस्पताल तक पहुंची मां और चाचा की भविष्य को लेकर चिंता कम हुई लेकिन अस्पताल से लेकर राबिया के स्कूल तक बिक्री की पाबंदी के बाद तेजाब की उपलब्धता का सवाल कई दफा उठा।
सीओ बैजनाथ का कहना है कि फोन नंबर बदलने के बाद भी राबिया को फोन पर धमकियां मिलने से कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस दोषियों तक पहुंच जाएगी। सही हमलावर पकड़ में आने के बाद तेजाब की बिक्री के माध्यम तक भी पहुंचा जाएगा। अवैध बिक्री वालों पर सख्ती भी की जाएगी। गांव में इस परिवार की दुश्मनी की संभावना का सच जानने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों के फोन कॉल डिटेल का भी अध्ययन किया जा रहा है।
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देवरिया। बेटियों पर बढ़ते एसिड अटैक की हर घटना के बाद पुलिस टीमों की बढ़ने वाली सक्रियता हमलावरों की तलाश तक सीमित रह जाने से जहां एसिड की सहज उपलब्धता के ठिकानों पर कार्रवाई मुमकिन नहीं हो पाती वहीं कोर्ट और सरकार की तरफ से अलग-अलग मौके पर एसिड बिक्री की पाबंदी से जुड़े जो निर्देश जारी किए गए हैं, उन पर अमल की बात भी बातों तक सीमित रह जाती है।
यही वजह है कि कुछ समय के अंतराल पर तेजाबी हमलों की पुनरावृत्ति काबू नहीं हो पा रही है। खामपार थाना के बहरोवां गांव की रहने वाली राबिया खातून सोमवार की सुबह भी रोज की तरह11वीं की क्लास में शामिल होने के लिए बखरी के सर्वोदय इंटर कॉलेज के लिए निकली थी। सहेली शिल्पी के साथ साइकिल से जाते वक्त बाइक सवार तीन युवकों ने दो दफा ओवरटेकिंग के अंदाज में बाइक आगे-पीछे की।
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सफर के दौरान इस तरह का वाकया सहज घटना मानकर दोनों जहां सामान्य तरीके से साइकिल का सफर आगे बढ़ाती रहीं, वहीं बाइक सवारों के चेहरों पर मफलर और शॉल के कवर ने किसी को पहचान पाने का मौका भी नहीं दिया। एसिड अटैक से ज्यादा झुलसी राबिया ने जिला अस्पताल में बताया कि आंखों तक पहुंची कुछ छींटों से जलन के बाद तेजाबी हमले की शंका हुई।
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समझ पाने से पहले त्वचा की जलन ने एसिड अटैक के शक को यकीन में बदल दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने उसकी हालत में सुधार बताया तो अस्पताल तक पहुंची मां और चाचा की भविष्य को लेकर चिंता कम हुई लेकिन अस्पताल से लेकर राबिया के स्कूल तक बिक्री की पाबंदी के बाद तेजाब की उपलब्धता का सवाल कई दफा उठा।
सीओ बैजनाथ का कहना है कि फोन नंबर बदलने के बाद भी राबिया को फोन पर धमकियां मिलने से कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस दोषियों तक पहुंच जाएगी। सही हमलावर पकड़ में आने के बाद तेजाब की बिक्री के माध्यम तक भी पहुंचा जाएगा। अवैध बिक्री वालों पर सख्ती भी की जाएगी। गांव में इस परिवार की दुश्मनी की संभावना का सच जानने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों के फोन कॉल डिटेल का भी अध्ययन किया जा रहा है।