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िनवेशकों के ९० लाख ले भागी फाइनेंस कंपनी
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:23 PM IST
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रामपुर कारखाना के इसी मकान में कंपनी ने खोला था दफ्तर।
- फोटो : अमर उजाला
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रामपुर कारखाना (देवरिया)। रकम दोगुनी करने का झांसा देकर एक फाइनेंस कंपनी करीब 500 लोगों का 90 लाख रुपये लेकर फरार हो गई है। कंपनी के मालिक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ तहरीर मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस तत्काल शाखा प्रबंधक श्रीनाथ यादव की तलाश में रामपुर कारखाना स्थित उसके आवास पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। पूर्वांचल के कई जिलों में कंपनी की शाखाएं है। कंपनी का मालिक खजानी कुशवाहा कुशीनगर के रामकोला का रहने वाला है। महराजगंज में पहले से ही कंपनी के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज है।
करीब डेढ़ साल पहले देवरिया में रामपुर कारखाना थाने से 50 मीटर की दूरी पर गुडलक इंडिया माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा खुली। कंपनी ने चार साल में रकम दोगुनी करने की योजना शुरू की। लालच में आकर कंपनी की रोजाना, साप्ताहिक और मासिक योजनाओं में निवेश करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। कंपनी के एजेंट लोगों को सब्जबाग दिखाने लगे और लोग उन पर भरोसा करते चले गए। कुछ योजनाओं की मियाद पूरी होने पर जब लोग रकम वापसी के लिए शाखा का चक्कर लगाने लगे तब कपंनी ताला लगाकर फरार हो गई। वैसे तो शाखा में करीब दो माह से ताला लटका है, लेकिन मामला मंगलवार को पुलिस के पास पहुंचा। कंपनी के मालिक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ एजेंटों ने तहरीर दी है। दरअसल, वे लोगों को दो महीने तक टरकाते रहे, लेकिन जब दबाव काफी बढ़ गया तो उन्होंने पुलिस की मदद लेने में भलाई समझी।
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करीब डेढ़ साल पहले देवरिया में रामपुर कारखाना थाने से 50 मीटर की दूरी पर गुडलक इंडिया माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा खुली। कंपनी ने चार साल में रकम दोगुनी करने की योजना शुरू की। लालच में आकर कंपनी की रोजाना, साप्ताहिक और मासिक योजनाओं में निवेश करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। कंपनी के एजेंट लोगों को सब्जबाग दिखाने लगे और लोग उन पर भरोसा करते चले गए। कुछ योजनाओं की मियाद पूरी होने पर जब लोग रकम वापसी के लिए शाखा का चक्कर लगाने लगे तब कपंनी ताला लगाकर फरार हो गई। वैसे तो शाखा में करीब दो माह से ताला लटका है, लेकिन मामला मंगलवार को पुलिस के पास पहुंचा। कंपनी के मालिक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ एजेंटों ने तहरीर दी है। दरअसल, वे लोगों को दो महीने तक टरकाते रहे, लेकिन जब दबाव काफी बढ़ गया तो उन्होंने पुलिस की मदद लेने में भलाई समझी।
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