फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   भंवर में फंसी जिंदगी, फरिश्ता बने मछुआरे

भंवर में फंसी जिंदगी, फरिश्ता बने मछुआरे

Sat, 28 Apr 2018 11:36 PM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
भंवर में फंसी जिंदगी, फरिश्ता बने मछुआरे
बरहज घाघरा नदी में डूब रहे मुसाफिरों को बचाने में राम कृपाल और सरल भारती ने दिखाई दिलेरी - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। फरिश्ता बनकर पहुंचे रामकृपाल साहनी और सरल भारती ने मौत के भंवर में फंसी सात लोगों की जिंदगी बचाई। उनके चेहरे पर जान बचाने की खुशी कम और दो लोगों के डूबने का मलाल अधिक दिखा। जान पर खेलकर जीवनदान देने वाले मछुआरों की बहादुरी की लोग तारीफ कर रहे हैं।
विज्ञापन

कम दूरी तय कर देवार और मधुबन से लोगों को बरहज आने-जाने के लिए घाघरा नदी पर पीपा पुल पार करना पड़ता है लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सिर्फ नाव ही सहारा रह जाता है। प्रत्येक दिन 300-400 लोग बरहज में दूध बेचने समेत अन्य काम के लिए आते हैं। इधर से लोग देवार में पशुओं का चारा लाने के लिए जाते हैं। प्रशासन की ओर से सिर्फ एक नाव की व्यवस्था की गई है, जो लोगों के आने-जाने के हिसाब से मुफीद नही है। इसलिए स्थानीय मछुआरे खुद की छोटी नाव चलाकर रुपये कमाते हैं। शनिवार दोपहर में छोटी नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार होकर बरहज के लिए चले। शुरुआती दौर में नाव डगमगाई। लोगों ने नाविक को टोका भी लेकिन नाविक ने लोगों की बातों को हल्के में लिया। नतीजतन बीच मझधार में नाव पलट गई। नदी किनारे मछली का शिकार कर रहे आजाद नगर (बरहज) के रामकृपाल साहनी और पटेल नगर पूर्वी के सरल भारती जान पर खेलकर पानी में कूद गए और दस मिनट में डूब रहे सात लोगों की जान बचा ली। वहीं राधेश्याम मद्देशिया समेत दो लोगों को नहीं बचा सके। इसका उन्हें पछतावा है। नाविक तपसी मल्लाह अपनी जान बचाकर भाग गया। अमीर चंद्र और उनकी पत्नी शारदा देवी की जान अकेले सरल ने बचाई।
विज्ञापन


शादी में भोजन बनाने गए थे बावर्ची
बरियारपुर के रामछबीला और राधेश्याम बावर्ची हैं। शुक्रवार को मऊ के मधुबन में एक शादी में भोजन बनाने के लिए गए थे। शनिवार को दोनों घर के लिए लौट रहे थे कि घाघरा नदी में राधेश्याम डूब गया और उसके साथी रामछबीला की जान बच गई। इसकी खबर मिलते ही शाम को नदी घाट पर राधेश्याम के घरवाले पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने डेढ़ घंटे में नाविक को दबोचा
नाव पलटने के बाद नाविक तपसी मल्लाह अपनी जान बचाकर भाग निकला। शुरुआती दौर में दस लोगों के नदी में डूबने की बात सामने आई। इसको लेकर अफसर परेशान हो गए। डेढ़ घंटे की कोशिश में पुलिस ने बरहज के नाविक तपसी मल्लाह को खोज निकाला। मल्लाह के मुताबिक नाव पर छह साइकिल, चार बाल्टी दूध और नौ लोग सवार थे। जबकि लोग नाव पर 10 लोगों के सवार होने की बात कह रहे हैं।


क्षमता से अधिक नाव पर सवार थे लोग
जानकारों की मानें तो छोटी नाव पर चार से छह लोग बैठ सकते हैं लेकिन हादसे की शिकार हुई नाव पर दस लोगों के अलावा साइकिल व दूध का बाल्टी भी रखी गई थी। क्षमता से अधिक भार होने के कारण बीच में नदी में नाव पलट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed