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Deoria News: एडेड स्कूलों के पटल का चार्ज नहीं लेना चाहते लिपिक
Tue, 10 Mar 2026 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:13 AM IST
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देवरिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिपिक एडेड स्कूलों के पटल का चार्ज नहीं लेना चाहते हैं। वह शिक्षक कृष्णमोहन सिंह के खुदकुशी मामले में जांच पूरी होने तक किसी भी तरह इस पटल से दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रहते थे। वह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी की सुबह उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। घटना के बाद पुलिस को उनके पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी वेतन बहाली नहीं की गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर 22 फरवरी को गुलरिहा थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा सीडीओ के नेतृत्व में गठित जांच समिति और शासन द्वारा संयुक्त शिक्षा निदेशक प्राइमरी के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने 23 फरवरी को जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दिया। इसके बाद शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। पटल सहायक संजीव सिंह को डीएम ने निलंबित कर दिया। वहीं पूर्व में पटल देख चुके और संजीव सिंह के निलंबित होने के बाद एडेड का पटल देख रहे तनुज श्रीवास्तव को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज सुरेंद्र कुमार तिवारी ने छह मार्च को निलंबित कर दिया। उन्हें निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के स्पष्टीकरण देने के बाद हाईकोर्ट के प्रकरण के निस्तारण में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया। इसके बाद एडेड स्कूलों के पटल का चार्ज किसी के पास नहीं है।
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सूत्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कोई भी लिपिक एडेड स्कूलों का पटल देखने को तैयार नहीं है। सभी लिपिक शासन द्वारा गठित जांच समिति की जांच और पुलिस कार्रवाई पूरी होने से पहले पटल का चार्ज लेने से बचना चाह रहे हैं। विभागीय जानकारों के मुताबिक जिले के एडेड स्कूलों में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर पहले एसटीएफ भी जांच कर चुकी है। वहीं जिले के कई स्कूलों में अलग अलग तरह के मुकदमों और वेतन भुगतान से जुड़े मामले लंबित हैं। यह मामले जटिल हो चुके हैं। इसके चलते एडेड स्कूलों के पटल का कार्य कोई अन्य बाबू देखना नहीं चाहता है। यह बात अलग है कि बीएसए अगर किसी को चार्ज लेने का आदेश कर देते हैं तो उसके लिए उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर पाना आसान नहीं होगा। इस मामले में बीएसए अनिल सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। उनका पक्ष आते ही प्रकाशित किया जाएगा।
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कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रहते थे। वह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी की सुबह उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। घटना के बाद पुलिस को उनके पास से चार पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और लगातार उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। सुसाइड नोट में यह भी लिखा था कि हाईकोर्ट के 13 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद उनकी वेतन बहाली नहीं की गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे। कृष्ण मोहन की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर 22 फरवरी को गुलरिहा थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
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इस मामले में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा सीडीओ के नेतृत्व में गठित जांच समिति और शासन द्वारा संयुक्त शिक्षा निदेशक प्राइमरी के नेतृत्व में गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने 23 फरवरी को जांच कर अपनी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दिया। इसके बाद शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया। पटल सहायक संजीव सिंह को डीएम ने निलंबित कर दिया। वहीं पूर्व में पटल देख चुके और संजीव सिंह के निलंबित होने के बाद एडेड का पटल देख रहे तनुज श्रीवास्तव को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज सुरेंद्र कुमार तिवारी ने छह मार्च को निलंबित कर दिया। उन्हें निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के स्पष्टीकरण देने के बाद हाईकोर्ट के प्रकरण के निस्तारण में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया। इसके बाद एडेड स्कूलों के पटल का चार्ज किसी के पास नहीं है।
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सूत्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कोई भी लिपिक एडेड स्कूलों का पटल देखने को तैयार नहीं है। सभी लिपिक शासन द्वारा गठित जांच समिति की जांच और पुलिस कार्रवाई पूरी होने से पहले पटल का चार्ज लेने से बचना चाह रहे हैं। विभागीय जानकारों के मुताबिक जिले के एडेड स्कूलों में हुई नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर पहले एसटीएफ भी जांच कर चुकी है। वहीं जिले के कई स्कूलों में अलग अलग तरह के मुकदमों और वेतन भुगतान से जुड़े मामले लंबित हैं। यह मामले जटिल हो चुके हैं। इसके चलते एडेड स्कूलों के पटल का कार्य कोई अन्य बाबू देखना नहीं चाहता है। यह बात अलग है कि बीएसए अगर किसी को चार्ज लेने का आदेश कर देते हैं तो उसके लिए उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना कर पाना आसान नहीं होगा। इस मामले में बीएसए अनिल सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। उनका पक्ष आते ही प्रकाशित किया जाएगा।