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Deoria News: दो स्कूलों में आधे से भी कम बच्चे मिले, डीएम ने जताई नाराजगी
Thu, 17 Sep 2026 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 17 Sep 2026 12:02 AM IST
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देवरिया। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह आठ बजे बैतालपुर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। कंपोजिट विद्यालय बटुलही और उच्च प्राथमिक विद्यालय बटुलही में विद्यार्थियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से कम मिली। शिक्षकों की उपस्थिति भी अपेक्षाकृत कम रही। इस पर डीएम ने शिक्षकों की नियमित और समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा बच्चों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम मिली, हालांकि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ पढ़ाई को और प्रभावी बनाने को कहा। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां 100 छात्राओं में 91 उपस्थित मिलीं और सभी शिक्षक मौजूद थे। विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली।
डीएम ने बीईओ को विद्यालयों की लगातार निगरानी करने और शिक्षकों की उपस्थिति व पढ़ाई की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षण में संदर्शिका और टीएलएम का प्रभावी इस्तेमाल कर कक्षाओं को अधिक रुचिकर बनाया जाए।
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उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ उनके सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
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डीएम ने कंपोजिट विद्यालय तेंदुई का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम मिली, हालांकि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ पढ़ाई को और प्रभावी बनाने को कहा। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां 100 छात्राओं में 91 उपस्थित मिलीं और सभी शिक्षक मौजूद थे। विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता भी अच्छी मिली।
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डीएम ने बीईओ को विद्यालयों की लगातार निगरानी करने और शिक्षकों की उपस्थिति व पढ़ाई की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षण में संदर्शिका और टीएलएम का प्रभावी इस्तेमाल कर कक्षाओं को अधिक रुचिकर बनाया जाए।
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उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ उनके सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को कहा।