{"_id":"5a89c7af4f1c1bef7b8b81c0","slug":"adarsh-railway-station-in-bad-condition","type":"story","status":"publish","title_hn":" ‘आदर्श’ का दर्जा मगर ढीला हर ‘पुर्जा’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘आदर्श’ का दर्जा मगर ढीला हर ‘पुर्जा’
deoria
Updated Mon, 19 Feb 2018 12:06 AM IST
विज्ञापन
देवरिया रेलवे स्टेशन।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया।
आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा पा चुके सदर रेलवे स्टेशन की हालत खस्ता है। नाम आदर्श का जरूर मिला है पर इसका हर पुर्जा ढीला ही लगता है। प्लेटफॉर्म पर गड्ढे, फुट ओवरब्रिज की छत की स्थिति ऐसी है कि आएदिन यात्री चोटिल होते हैं। सफाई को लेकर न तो यात्री सजग हैं और न ही जिम्मेदार। जिसे जहां समझ आया, वहीं कचरा डाल देता है। इससे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 86 मेल और आठ सवारी गाड़ियों का ठहराव होता है। आठ हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। रोजाना स्टेशन से रेलवे को आठ लाख 61 हजार 884 रुपये की आमदनी होती है। इतना होने के बावजूद यात्री सुविधाएं नदारद हैं।
अमर उजाला ने शनिवार को सदर रेलवे स्टेशन का हाल जाना। इस बीच तमाम दुर्व्यवस्थाएं दिखाई दीं। यात्री इन असुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन को सीधे जिम्मदार ठहरा रहे हैं। वाई-फाई और आरओ प्लांट जैसी एक-दो नई सुविधाओं को छोड़ दें, तो यात्रियों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में रेलवे फेल साबित हो रहा है। निर्माण कार्यों में मानक की अनदेखी परिसर में घुसते ही दिखाई देती है। सदर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से सटे रेल कर्मचारी तक सुरक्षित नहीं हैं। प्लेटफॉर्म-एक से तीन पर जाने वाला फुट ओवरब्रिज जर्जर है। यात्रियों की संख्या के साथ ही आमदनी बढ़ती गई लेकिन फुट ओवरब्रिज का विस्तार आज तक नहीं हो सका। दिव्यांग यात्रियों के आने-जाने के लिए कोई भी सुविधा नहीं है। सीढ़ी की हालत यह है कि छत टूटकर गिर रही है। इसके कारण कई बार यात्रियों के सिर तक फट चुके हैं। यही हाल रेलवे कर्मचारियों के आवासों का भी है। अंग्रेजों के जमाने में बने आवासों की छत किसी तरह टिकी हुई है। कुल छह आवास रेल कर्मियों के लिए बने हैं। लेकिन उनकी स्थिति बेहद दयनीय है। स्टेशन अधीक्षक परशुराम त्रिपाठी ने कहा कि यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कर्मचारियों की कमी है। मात्र एक टीसी की तैनाती है। उनकी ड्यूटी पूछताछ काउंटर पर भी रहती है। ट्रेन आने पर गेट पर टिकट भी चेक करते हैं।
इनसेट
यहां मिलीं दुश्वारियां
प्लेटफॉर्म एक पर पार्सल कार्यालय के गेट पर कचरा मिला। पान की पीक के अलावा इस्तेमाल दातून बिखरे पड़े थे। यात्री विश्रामालय का भी लगभग यही हाल है। पानी टंकी के पास प्लेटफॉर्म की फर्श टूटी है। प्लेटफॉर्म दो पर पूरब की ओर गड्ढे बन चुके हैं। एक-दूसरे प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाले पुल की छत टूटकर गिर रही है। अधिकांश टोटियों से पानी टपक रहा है। कई टोटियां टूटी पड़ी हैं। टिकट काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार यात्री बिना टिकट के ही यात्रा करते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
सही जानकारी नहीं मिल पाती
बिहार के गोपालगंज जिला निवासी शैलेष त्रिपाठी का कहना हैं कि यहां ट्रेनों के बारे जानकारी नहीं मिल पाती। पूछताछ पर गए तो कोई मिला ही नहीं। दुकानदारों से पूछने पर डांट मिलती हैं। पूछताछ में कोई बताने वाला रहता तो सुविधा होती।
इनसेट
खाने-पीने की व्यवस्था खराब
यात्री ज्ञानेंद्र कुशवाहा का कहना है कि स्टेशन पर खाने-पीने के सामान महंगे हैं। साथ ही क्वालिटी भी बदतर है। चाय के नाम पर चीनी-पानी गरम करके पिला देते हैं। रेलवे को चाहिए खान-पान की व्यवस्था को दुरुस्त करे।
इनसेट
साफ पानी मिलना मुश्किल
यात्री अजीत मौर्या का कहना है कि टोटियों की हौज डस्टबिन बने हुए हैं। पान-गुटकों का कचरा जमा है। कई टोटियों पर पीक के छींटें हैं। ऐसे में साफ पानी मिलना मुश्किल है। इसलिए यात्रियों को दुकानों का सहारा लेना पड़ता है।
इनसेट
सुरक्षा पर हो ध्यान
यात्री विनीता देवी का कहना है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। रात में अक्सर महिलाएं प्लेटफॉर्म पर चोर-उचक्कों की शिकार हो जाती हैं। सुरक्षा कड़ी होनी चाहिए।
सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर मिलेगा वाई-फाई
सलेमपुर और भटनी रेलवे स्टेशन पर अब वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। इससे रेल यात्री बिना इंटरनेट के भी अपने मोबाइल को नेट से कनेक्ट कर सकते हैं। इसके लिए स्टेशन पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही इसका लाभ यात्रियों के साथ वहां मौजूद अन्य लोग भी ले सकेंगे।
बी ग्रेड का आदर्श रेलवे स्टेशन सलेमपुर जल्द ही नई सुविधा से लैस होगा। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे कई कदम उठा रहा है। कुछ माह पूर्व रेलवे स्टेशन पर शुद्ध पेयजल के लिए आरओ लगाया गया। अब विभाग सलेमपुर और भटनी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए वाई-फाई लगाने जा रहा है। इसके लिए दो दिन पूर्व कार्य शुरू हो गया। प्लेटफॉर्म-एक पर बॉक्स लगाया गया है। काम पूरा होने के बाद यात्रियों को अगले महीने से रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई मिलनी शुरू हो जाएगी। रेल यात्रियों को ट्रेन विलंब होने पर समय काटना मुश्किल होता था। जब वाई-फाई की सविधा चालू हो जाएगी तो वे अपने स्मार्ट फोन को रेलवे के वाई-फाई रेल वायर से जोड़कर इंटरनेट चला सकेंगे। वाई-फाई का कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू होगा। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक मुंद्रिका प्रसाद चौरसिया ने बताया कि वाई-फाई लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे रेल यात्री अपने स्मार्ट फोन पर नेट चला सकेंगे।
विज्ञापन
आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा पा चुके सदर रेलवे स्टेशन की हालत खस्ता है। नाम आदर्श का जरूर मिला है पर इसका हर पुर्जा ढीला ही लगता है। प्लेटफॉर्म पर गड्ढे, फुट ओवरब्रिज की छत की स्थिति ऐसी है कि आएदिन यात्री चोटिल होते हैं। सफाई को लेकर न तो यात्री सजग हैं और न ही जिम्मेदार। जिसे जहां समझ आया, वहीं कचरा डाल देता है। इससे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 86 मेल और आठ सवारी गाड़ियों का ठहराव होता है। आठ हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते हैं। रोजाना स्टेशन से रेलवे को आठ लाख 61 हजार 884 रुपये की आमदनी होती है। इतना होने के बावजूद यात्री सुविधाएं नदारद हैं।
अमर उजाला ने शनिवार को सदर रेलवे स्टेशन का हाल जाना। इस बीच तमाम दुर्व्यवस्थाएं दिखाई दीं। यात्री इन असुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन को सीधे जिम्मदार ठहरा रहे हैं। वाई-फाई और आरओ प्लांट जैसी एक-दो नई सुविधाओं को छोड़ दें, तो यात्रियों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में रेलवे फेल साबित हो रहा है। निर्माण कार्यों में मानक की अनदेखी परिसर में घुसते ही दिखाई देती है। सदर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों से सटे रेल कर्मचारी तक सुरक्षित नहीं हैं। प्लेटफॉर्म-एक से तीन पर जाने वाला फुट ओवरब्रिज जर्जर है। यात्रियों की संख्या के साथ ही आमदनी बढ़ती गई लेकिन फुट ओवरब्रिज का विस्तार आज तक नहीं हो सका। दिव्यांग यात्रियों के आने-जाने के लिए कोई भी सुविधा नहीं है। सीढ़ी की हालत यह है कि छत टूटकर गिर रही है। इसके कारण कई बार यात्रियों के सिर तक फट चुके हैं। यही हाल रेलवे कर्मचारियों के आवासों का भी है। अंग्रेजों के जमाने में बने आवासों की छत किसी तरह टिकी हुई है। कुल छह आवास रेल कर्मियों के लिए बने हैं। लेकिन उनकी स्थिति बेहद दयनीय है। स्टेशन अधीक्षक परशुराम त्रिपाठी ने कहा कि यात्री सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है। कर्मचारियों की कमी है। मात्र एक टीसी की तैनाती है। उनकी ड्यूटी पूछताछ काउंटर पर भी रहती है। ट्रेन आने पर गेट पर टिकट भी चेक करते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
यहां मिलीं दुश्वारियां
प्लेटफॉर्म एक पर पार्सल कार्यालय के गेट पर कचरा मिला। पान की पीक के अलावा इस्तेमाल दातून बिखरे पड़े थे। यात्री विश्रामालय का भी लगभग यही हाल है। पानी टंकी के पास प्लेटफॉर्म की फर्श टूटी है। प्लेटफॉर्म दो पर पूरब की ओर गड्ढे बन चुके हैं। एक-दूसरे प्लेटफॉर्म को जोड़ने वाले पुल की छत टूटकर गिर रही है। अधिकांश टोटियों से पानी टपक रहा है। कई टोटियां टूटी पड़ी हैं। टिकट काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण कई बार यात्री बिना टिकट के ही यात्रा करते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
सही जानकारी नहीं मिल पाती
बिहार के गोपालगंज जिला निवासी शैलेष त्रिपाठी का कहना हैं कि यहां ट्रेनों के बारे जानकारी नहीं मिल पाती। पूछताछ पर गए तो कोई मिला ही नहीं। दुकानदारों से पूछने पर डांट मिलती हैं। पूछताछ में कोई बताने वाला रहता तो सुविधा होती।
इनसेट
खाने-पीने की व्यवस्था खराब
यात्री ज्ञानेंद्र कुशवाहा का कहना है कि स्टेशन पर खाने-पीने के सामान महंगे हैं। साथ ही क्वालिटी भी बदतर है। चाय के नाम पर चीनी-पानी गरम करके पिला देते हैं। रेलवे को चाहिए खान-पान की व्यवस्था को दुरुस्त करे।
इनसेट
साफ पानी मिलना मुश्किल
यात्री अजीत मौर्या का कहना है कि टोटियों की हौज डस्टबिन बने हुए हैं। पान-गुटकों का कचरा जमा है। कई टोटियों पर पीक के छींटें हैं। ऐसे में साफ पानी मिलना मुश्किल है। इसलिए यात्रियों को दुकानों का सहारा लेना पड़ता है।
इनसेट
सुरक्षा पर हो ध्यान
यात्री विनीता देवी का कहना है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। रात में अक्सर महिलाएं प्लेटफॉर्म पर चोर-उचक्कों की शिकार हो जाती हैं। सुरक्षा कड़ी होनी चाहिए।
सलेमपुर रेलवे स्टेशन पर मिलेगा वाई-फाई
सलेमपुर और भटनी रेलवे स्टेशन पर अब वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। इससे रेल यात्री बिना इंटरनेट के भी अपने मोबाइल को नेट से कनेक्ट कर सकते हैं। इसके लिए स्टेशन पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही इसका लाभ यात्रियों के साथ वहां मौजूद अन्य लोग भी ले सकेंगे।
बी ग्रेड का आदर्श रेलवे स्टेशन सलेमपुर जल्द ही नई सुविधा से लैस होगा। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे कई कदम उठा रहा है। कुछ माह पूर्व रेलवे स्टेशन पर शुद्ध पेयजल के लिए आरओ लगाया गया। अब विभाग सलेमपुर और भटनी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए वाई-फाई लगाने जा रहा है। इसके लिए दो दिन पूर्व कार्य शुरू हो गया। प्लेटफॉर्म-एक पर बॉक्स लगाया गया है। काम पूरा होने के बाद यात्रियों को अगले महीने से रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई मिलनी शुरू हो जाएगी। रेल यात्रियों को ट्रेन विलंब होने पर समय काटना मुश्किल होता था। जब वाई-फाई की सविधा चालू हो जाएगी तो वे अपने स्मार्ट फोन को रेलवे के वाई-फाई रेल वायर से जोड़कर इंटरनेट चला सकेंगे। वाई-फाई का कार्य पूरा होने के बाद स्टेशन पर सीसीटीवी लगाने का कार्य शुरू होगा। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक मुंद्रिका प्रसाद चौरसिया ने बताया कि वाई-फाई लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे रेल यात्री अपने स्मार्ट फोन पर नेट चला सकेंगे।