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हाईस्पीड इंटरनेट सेवा से जुड़ेगा देवरिया-कुशीनगर का हर गांव
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:29 PM IST
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देवरिया। देवरिया-कुशीनगर का हर गांव जल्द ही हाईस्पीड इंटरनेट सेवा से जुड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया के तहत गांवों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। पहले चरण में आठ ब्लॉकों के 547 गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। अब जल्द दूसरे चरण के बाकी 22 ब्लॉकों में भी काम शुरू होगा। इस नेटवर्क के जरिए गांवों को न सिर्फ हाईस्पीड पर इंटरनेट सेवा मिलेगी, बल्कि ग्रामीण घर बैठे ही सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले सकेंगे।
बीएसएनएल के देवरिया मंडल अंतर्गत देवरिया-कुशीनगर जिले में कुल 2251 ग्राम इकाइयां हैं। संचार सेवाओं के लगातार विस्तार के बाद भी तमाम गांवों तक इंटरनेट सेवा नहीं पहुंच पाई है। जहां है, वहां भी सिर्फ टू-जी नेटवर्क ही मिल रहा है। कम स्पीड की इंटरनेट सेवा के चलते उपभोक्ता इसका व्यापक लाभ नहीं ले पाते। प्रधानमंत्री का सपना है कि सुदूर गांवों में बैठे लोग भी देश-दुनिया के हर कोने से सीधे जुड़ सकें। इसके लिए हाईस्पीड इंटरनेट सेवा जरूरी है। लिहाजा हर गांव को अत्याधुनिक नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू की गई है। पहले चरण में बीएसएनएल ने देवरिया के सात और कुशीनगर के एक ब्लॉक को इस योजना के तहत चुना था। इन ब्लॉकों के सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। वहां टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त तक इन गांवों में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी है। अब दूसरे चरण में शेष 22 ब्लॉकों को शामिल करते हुए केबल बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लगेंगे कैमरा और कंप्यूटर, होंगे सभी काम
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने के बाद राज्य सरकार के माध्यम से इन गांवों में ऐसी सुविधाएं भी विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के लिए तहसील-ब्लॉक का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसके लिए प्रत्येक गांव के पंचायत भवन या प्राथमिक विद्यालय पर कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, वेब कैमरा जैसी सुविधाएं दी जाएगी। इसके जरिए ग्रामीण गांव में बैठकर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन, जन्म-मृत्यु पंजीयन सहित अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। यही नहीं स्मार्ट क्लास का संचालन और वेब कैमरा के माध्यम देश-दुनिया के किसी भी कोने में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकेंगे।
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पहले चरण में यह ब्लॉक रहे शामिल
देवरिया में सदर, भटनी, भागलपुर, सलेमपुर, भलुअनी, भाटपाररानी, पथरदेवा और कुशीनगर का कप्तानगंज ब्लॉक पहले चरण में चिह्नित था। इन ब्लॉकों में बीएसएनएल ने ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य पूरा कर लिया है। अब सिर्फ भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) को यहां उपकरण लगाने हैं। दूसरे चरण में देवरिया के शेष नौ और कुशीनगर के 13 ब्लॉकों में काम कराया जाएगा।
डिजिटल इंडिया के तहत देवरिया मंडल के आठ ब्लाकों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब यहां सिर्फ बीबीएनएल की ओर से उपकरण लगाने हैं। यह कार्य अगस्त तक हर हाल में पूरा करना है। दूसरे चरण के ब्लाकों में केबल लगाने के लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। मार्च तक इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। योजना के तहत न्यूनतम 100 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।
-जीपी तिवारी, महाप्रबंधक दूरसंचार, देवरिया मंडल।
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बीएसएनएल के देवरिया मंडल अंतर्गत देवरिया-कुशीनगर जिले में कुल 2251 ग्राम इकाइयां हैं। संचार सेवाओं के लगातार विस्तार के बाद भी तमाम गांवों तक इंटरनेट सेवा नहीं पहुंच पाई है। जहां है, वहां भी सिर्फ टू-जी नेटवर्क ही मिल रहा है। कम स्पीड की इंटरनेट सेवा के चलते उपभोक्ता इसका व्यापक लाभ नहीं ले पाते। प्रधानमंत्री का सपना है कि सुदूर गांवों में बैठे लोग भी देश-दुनिया के हर कोने से सीधे जुड़ सकें। इसके लिए हाईस्पीड इंटरनेट सेवा जरूरी है। लिहाजा हर गांव को अत्याधुनिक नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की कवायद शुरू की गई है। पहले चरण में बीएसएनएल ने देवरिया के सात और कुशीनगर के एक ब्लॉक को इस योजना के तहत चुना था। इन ब्लॉकों के सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। वहां टेस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। अगस्त तक इन गांवों में हाईस्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी है। अब दूसरे चरण में शेष 22 ब्लॉकों को शामिल करते हुए केबल बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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लगेंगे कैमरा और कंप्यूटर, होंगे सभी काम
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने के बाद राज्य सरकार के माध्यम से इन गांवों में ऐसी सुविधाएं भी विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के लिए तहसील-ब्लॉक का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसके लिए प्रत्येक गांव के पंचायत भवन या प्राथमिक विद्यालय पर कम्प्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर, वेब कैमरा जैसी सुविधाएं दी जाएगी। इसके जरिए ग्रामीण गांव में बैठकर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन, जन्म-मृत्यु पंजीयन सहित अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। यही नहीं स्मार्ट क्लास का संचालन और वेब कैमरा के माध्यम देश-दुनिया के किसी भी कोने में वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकेंगे।
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पहले चरण में यह ब्लॉक रहे शामिल
देवरिया में सदर, भटनी, भागलपुर, सलेमपुर, भलुअनी, भाटपाररानी, पथरदेवा और कुशीनगर का कप्तानगंज ब्लॉक पहले चरण में चिह्नित था। इन ब्लॉकों में बीएसएनएल ने ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का कार्य पूरा कर लिया है। अब सिर्फ भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) को यहां उपकरण लगाने हैं। दूसरे चरण में देवरिया के शेष नौ और कुशीनगर के 13 ब्लॉकों में काम कराया जाएगा।
डिजिटल इंडिया के तहत देवरिया मंडल के आठ ब्लाकों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब यहां सिर्फ बीबीएनएल की ओर से उपकरण लगाने हैं। यह कार्य अगस्त तक हर हाल में पूरा करना है। दूसरे चरण के ब्लाकों में केबल लगाने के लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। मार्च तक इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। योजना के तहत न्यूनतम 100 एमबीपीएस की स्पीड मिलेगी।
-जीपी तिवारी, महाप्रबंधक दूरसंचार, देवरिया मंडल।