फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   कोर्ट ने खारिज की गिरिजा-कंचन की जमानत अर्जी

कोर्ट ने खारिज की गिरिजा-कंचन की जमानत अर्जी

Thu, 20 Sep 2018 10:29 PM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:29 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट ने खारिज की गिरिजा-कंचन की जमानत अर्जी
Deoria Shelter Home
देवरिया। बालिका गृह कांड में मुख्य आरोपी गिरिजा व अधीक्षिका कंचनलता त्रिपाठी की जमानत गुरुवार को खारिज हो गई। सुनवाई के बाद देर शाम सीजेएम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। पिछले 15 दिनों से लंबित जमानत अर्जी पर सुनवाई को लेकर कोर्ट में दिनभर गहमागहमी की स्थिति रही। एसआईटी के सदस्य घंटों कोर्ट में जमे रहे। मोहन त्रिपाठी की जमानत अर्जी पर सुनवाई 21 को होगी।
विज्ञापन

गिरिजा त्रिपाठी, पति मोहन त्रिपाठी और बेटी कंचनलता पिछले डेढ़ माह से जिला जेल में बंद हैं। बीते चार सितंबर को उन्होंने जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जहां से मोहन की अपील को पाक्सो कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। सीजेएम कोर्ट में गिरिजा व कंचनलता की अपील पर सुनवाई होनी थी। अधिवक्ताओं की हड़ताल से जमानत पर सुनवाई लगातार टलती जा रही थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान एसआईटी की ओर से जमानत खारिज करने के लिए कई तथ्य रखे गए। उनके अधिवक्ता ने कहा कि गिरिजा और कंचनलता का अपराध सामान्य नहीं है। दोनों ने शासन के निर्देशों की अवहेलना कर संस्था का संचालन जारी रखा। उच्चाधिकारियों केे आदेश पर संस्था बंद कराने पहुंचे अफसरों से अभद्रता करते हुए धमकी भी दी थी। वह प्रभावशाली महिलाएं हैं, उनके जेल से बाहर आने पर गवाहों-साक्ष्यों के प्रभावित होने का अंदेशा है। एसआईटी ने उनके विपक्ष में ठोस साक्ष्य होने की भी दलील दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। शाम पांच बजे के बाद जमानत अर्जी खारिज होने का आदेश दिया। इस दौरान पूरे दिन एसआईटी सदस्य कोर्ट परिसर में जमे रहे। मोहन त्रिपाठी की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पूर्व से ही 21 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है।
विज्ञापन

महिला सिपाहियों से एसआईटी ने की पूछताछ

एसआईटी के सवालों पर पसीना-पसीना हुईं महिला सिपाही
कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। एसआईटी ने बृहस्पतिवार को बाल गृह बालिका में छापेमारी करने वाली महिला सिपाहियों से पूछताछ की। एसआईटी के सवालों पर महिला सिपाही पसीना-पसीना हो गईं। बाहर निकलने के बाद वे कहने लगीं कि इनसे भगवान बचाएं। वहीं, इस संस्था में कार्य कर चुके तीन और लोगों से एसआईटी ने पूछताछ की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच अगस्त की रात को स्टेशन रोड स्थित बाल गृह बालिका में पुलिस ने छापेमारी की। वहां से 23 बच्चों को मुक्त कराया गया था। मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सेवा संस्थान की अध्यक्ष और बालगृह बालिका की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पति-पत्नी और बालगृह बालिका की संचालिका कंचनलता त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। तीनों जिला जेल में बंद हैं। मामले की जांच करने 10 अगस्त को एसआईटी आई। तभी से एसआईटी इस मामले की जांच में लगी है। बृहस्पतिवार को एसआईटी ने बालिका गृह पर छापेमारी करने गई महिला सिपाहियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। एसआईटी के सवालों पर महिला कर्मचारी उलझ गईं थीं। उनको पसीना आ गया। एक घंटा से अधिक समय तक वे एसआईटी के सवालों पर जूझती रहीं। जैसे ही वे बाहर निकलीं, पसीना पोछते हुए बोलीं कि भगवान इन लोगों से बचाए। उच्चाधिकारियों के आदेश पर छापेमारी करने गए थे, हम लोगों की इसमें कोई गलती नहीं है। इसके अलावा एसआईटी ने गिरिजा त्रिपाठी की संस्था में काम करने वाले दो लिपिकों से भी पूछताछ की। सलेमपुर इलाके की रहने वाली एक महिला कर्मचारी से भी पूछताछ कर जानकारी ली गई। इन सभी से संस्था में होने वाले क्रियाकलापों की जानकारी ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed