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ओपीडी में डॉक्टरों का टोटा,बिना इलाज लौटे मरीज
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:36 PM IST
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देवरिया। जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए रोगियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को लोगों को घंटों इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। अधिकांश लोग बिना इलाज कराए चले गए। पर्ची के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोगों की लंबी कतार लगी थी और दलाल हावी दिखे।
सुबह आठ बजे जिला अस्पताल खुला तो रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर महिलाओं और पुरुषों का अलग-अलग कतार लग गया। काउंटर के बाहर मौजूद दो दलाल रकम लेकर लोगों की पर्ची आसानी से बनवा दे रहे थे। यह देख कतार में लगे लोगों ने हंगामा मचाया, लेकिन वे आदत से बाज नहीं आए। ओपीडी में तीन डॉक्टरों की कुर्सी खाली थी और मरीजों की भीड़ रोज की अपेक्षा ज्यादा रही। लोग डॉक्टर के पास जाने के लिए एक दूसरे को धक्का दे रहे थे। डॉ. आरके श्रीवास्तव और रामसकल यादव के पास रोगियों की काफी भीड़ रही। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में इलाज कराना आसान नहीं है। दलालों के जरिए लोगों को यहां पर आसानी से इलाज मुहैया हो रहा है। दलालों की अस्पताल में सक्रियता की बात दबे जुबान कर्मचारियों ने भी कही। दो बजे के बाद डॉक्टर कक्ष से चले गए। इसके चलते 150 से अधिक रोगियों को बिना इलाज कराए जाना पड़ा। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि तीन डॉक्टरों की ड्यूटी कैंप में लग गया। इसके चलते ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर जो उपलब्ध थे, वह मरीजों का इलाज किए।
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सुबह आठ बजे जिला अस्पताल खुला तो रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची बनवाने के लिए काउंटर पर महिलाओं और पुरुषों का अलग-अलग कतार लग गया। काउंटर के बाहर मौजूद दो दलाल रकम लेकर लोगों की पर्ची आसानी से बनवा दे रहे थे। यह देख कतार में लगे लोगों ने हंगामा मचाया, लेकिन वे आदत से बाज नहीं आए। ओपीडी में तीन डॉक्टरों की कुर्सी खाली थी और मरीजों की भीड़ रोज की अपेक्षा ज्यादा रही। लोग डॉक्टर के पास जाने के लिए एक दूसरे को धक्का दे रहे थे। डॉ. आरके श्रीवास्तव और रामसकल यादव के पास रोगियों की काफी भीड़ रही। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में इलाज कराना आसान नहीं है। दलालों के जरिए लोगों को यहां पर आसानी से इलाज मुहैया हो रहा है। दलालों की अस्पताल में सक्रियता की बात दबे जुबान कर्मचारियों ने भी कही। दो बजे के बाद डॉक्टर कक्ष से चले गए। इसके चलते 150 से अधिक रोगियों को बिना इलाज कराए जाना पड़ा। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि तीन डॉक्टरों की ड्यूटी कैंप में लग गया। इसके चलते ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। डॉक्टर जो उपलब्ध थे, वह मरीजों का इलाज किए।
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