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बैतालपुर चीनी मिल चलाने की मांग हुई बुलंद
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:32 PM IST
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देवरिया। बैतालपुर चीनी को चालू कराने का मामला तूल पकड़ने लगा है। चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति ने केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र को ज्ञापन देकर बंद मिल चालू कराने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
अध्यक्ष ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि कहा कि देवरिया में कभी 14 चीनी मिल हुआ करतीं थीं। 1933 में स्थापित बैतालपुर चीनी मिल निगम की सभी चीनी मिलों में सर्वाधिक अच्छी स्थिति में थी। पूर्ववर्ती सरकार ने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत इसे कम दाम पर बेच दिया। उन्होंने कहा है कि चीनी मिल को चलवाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव से पहले किया था, लेकिन आज तक बैतालपुर चीनी मिल चलाने के लिए ठोस प्रयास शुरू होता नहीं दिख रहा है। जबकि मुंडेरवा और पिपराइच चीनी मिल को चलाने का कार्य शुरू हो गया है। सठियांव की सहकारी चीनी मिल पिछले साल ही चल गई। पडरौना और बलिया जिले की रसडा चीनी मिल को भी चलाने की चर्चा है। देवरिया की बंद चीनी मिलों के बारे में आखिर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में राम प्रवेश सिंह, पप्पू चौहान, राजेश मणि, योगेंद्र यादव, अनवर आदि शामिल रहे।
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अध्यक्ष ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि कहा कि देवरिया में कभी 14 चीनी मिल हुआ करतीं थीं। 1933 में स्थापित बैतालपुर चीनी मिल निगम की सभी चीनी मिलों में सर्वाधिक अच्छी स्थिति में थी। पूर्ववर्ती सरकार ने इसे एक सोची-समझी साजिश के तहत इसे कम दाम पर बेच दिया। उन्होंने कहा है कि चीनी मिल को चलवाने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव से पहले किया था, लेकिन आज तक बैतालपुर चीनी मिल चलाने के लिए ठोस प्रयास शुरू होता नहीं दिख रहा है। जबकि मुंडेरवा और पिपराइच चीनी मिल को चलाने का कार्य शुरू हो गया है। सठियांव की सहकारी चीनी मिल पिछले साल ही चल गई। पडरौना और बलिया जिले की रसडा चीनी मिल को भी चलाने की चर्चा है। देवरिया की बंद चीनी मिलों के बारे में आखिर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में राम प्रवेश सिंह, पप्पू चौहान, राजेश मणि, योगेंद्र यादव, अनवर आदि शामिल रहे।
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