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34 वर्षों से देवरही माता मंदिर पर ताशा बजा रहे पुपुन मियां
Updated Wed, 10 Oct 2018 10:12 PM IST
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नवरात्र के प्रथम दिन मां देवरही के दरबार में ढोल बजाते पुप्पून मिया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। शहर के देवरही मंदिर पर पिछले 34 वर्षों से पुपुन मियां धर्म और मजहब की दीवारों को तोड़ रहे हैं। मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के सिताबदिया गांव निवासी पुपुन मियां हर नवरात्र में मां के दरबार में आते हैं। नौ दिनों तक नियमित रूप से ताशा या ढोल बजाते हैं। देवी के प्रति उनकी भक्ति लोगों के लिए नजीर है। मजदूरी व ताशा बजाकर भरण पोषण करने वाले पुपुन मियां के मुताबिक पहली बार वर्ष 1984 में देवरिया आए थे। अमर ज्योति सिनेमा हाल के पास गीतांजलि समिति की प्रतिमा पर ढोल बजाया था। इसके बाद स्थानीय लोग उन्हें देवरही मंदिर ले गए। वहां मां के प्रति उनकी आस्था ऐसी प्रगाढ़ हुई कि हर साल दोनों नवरात्र में वह यहां आना नहीं भूलते। उनका कहना है कि यहां ताशा-ढोल बजाकर मन को सुकून मिलता है। अंतिम सांस तक वह इस परंपरा को नहीं छोड़ेंगे।
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