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बीटीसी अभ्यर्थियों को पता नहीं पीएम काम नाम
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:30 PM IST
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डायट परिसर में मूल्यांकन के दौरान उत्तर पुस्तिका से मिले नोट।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बीटीसी-2015 की उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थियों ने ऐसे ही जवाब लिखे हैं। देश का भविष्य संवारने वाले शिक्षक बनने की योग्यता हासिल करने की अभ्यर्थियों के जवाब चौंकाने वाले हैं। मूल्यांकन कर रहे परीक्षक भी इससे हैरान हैं। हाईस्कूल-इंटर की तरह की बीटीसी की उत्तर पुस्तिकाओं में 100-500 के नोट नत्थी कर अच्छे अंक देने की प्रार्थना की गई है।
डायट परिसर में दो जुलाई से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू है। करीब 26 हजार कॉपियों को जांचने के लिए 100 परीक्षक लगाए गए हैं। मूल्यांकन के दौरान अभ्यर्थियों के जवाब देख परीक्षक माथा पीट रहे हैं तो कई जवाब उन्हें हंसने का मौका भी दे रहे हैं। बुधवार को एक परीक्षक के हाथ आई बीटीसी तृतीय सेमेस्टर के प्रथम प्रश्न पत्र कर उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थी ने सुंदर हैंड राइटिंग में पूरी हनुमान चालीसा लिखकर अच्छे अंक देने की गुहार लगाई थी। एक अन्य कॉपी में प्रश्न संख्या-33 क्रियात्मक शोध का जवाब भी चौंकाने वाला था। हिंदी के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या-12 में वियोग शृंगार के उदाहरण के जवाब में लिखा मिला कि जब दुल्हन विवाह के दिन सज-धज के तैयार होती है और विदाई के वियोग में होती है तो ऐसी स्थिति वियोग शृंगार होती है। निबंधात्मक परीक्षा के प्रकार बताइये के उत्तर में लिखा था कि सत्रीय परीक्षा अगस्त में, मासिक परीक्षा सितंबर में, अर्द्धवार्षिक परीक्षा दिसंबर में और वार्षिक परीक्षा मार्च में। सामाजिक विषय में प्रश्न संख्या-25 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के और वर्तमान प्रधानमंत्री का नाम पूछा गया था। तो परीक्षार्थियों ने योगी आदित्यनाथ लिखा है।
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डायट परिसर में दो जुलाई से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू है। करीब 26 हजार कॉपियों को जांचने के लिए 100 परीक्षक लगाए गए हैं। मूल्यांकन के दौरान अभ्यर्थियों के जवाब देख परीक्षक माथा पीट रहे हैं तो कई जवाब उन्हें हंसने का मौका भी दे रहे हैं। बुधवार को एक परीक्षक के हाथ आई बीटीसी तृतीय सेमेस्टर के प्रथम प्रश्न पत्र कर उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थी ने सुंदर हैंड राइटिंग में पूरी हनुमान चालीसा लिखकर अच्छे अंक देने की गुहार लगाई थी। एक अन्य कॉपी में प्रश्न संख्या-33 क्रियात्मक शोध का जवाब भी चौंकाने वाला था। हिंदी के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या-12 में वियोग शृंगार के उदाहरण के जवाब में लिखा मिला कि जब दुल्हन विवाह के दिन सज-धज के तैयार होती है और विदाई के वियोग में होती है तो ऐसी स्थिति वियोग शृंगार होती है। निबंधात्मक परीक्षा के प्रकार बताइये के उत्तर में लिखा था कि सत्रीय परीक्षा अगस्त में, मासिक परीक्षा सितंबर में, अर्द्धवार्षिक परीक्षा दिसंबर में और वार्षिक परीक्षा मार्च में। सामाजिक विषय में प्रश्न संख्या-25 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के और वर्तमान प्रधानमंत्री का नाम पूछा गया था। तो परीक्षार्थियों ने योगी आदित्यनाथ लिखा है।
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