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गोर्रा और राप्ती उफान पर, बाढ़ का खतरा
Updated Wed, 04 Jul 2018 10:43 PM IST
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रुद्रपुर इलाके के गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी
- फोटो : अमर उजाला
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एकौना/रुद्रपुर। पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कछार और दोआबा के लोगों में दहशत फैल गई है। जून बीतने के बाद भी बंधों के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होने पर दोआबा के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बुधवार की शाम गोर्रा नदी 67.10 मीटर और राप्ती नदी 66.75 मीटर पर बह रही थीं। लाल निशान 70.50 की तरफ तेजी से बढ़ रही नदियों के वेग को देख बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान कटे बंधों पर अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जमीदारी बांध पर मिट्टी फेंकने का कार्य अधूरा है। बाढ़ को लेकर सिंचाई विभाग की तैयारी भी अधूरी दिखी। पिड़रा और गायघाट स्थित बाढ़ चौकियों का ताला तक नहीं खुला है। गोर्रा नदी के जलस्तर से तटवर्ती गांव बहोरा दलतपपुर, नरायनपुर, भीमसेन माझा और राप्ती नदी के किनारे बसे करहकोल, हड़हा, माझा नरायन, नीबा, भेड़ी, सचौली पटवनिया, केवटलिया आदि गांवों के लोगों में कटान का खतरा मंडराने लगा है। एसडीएम सूर्यभान गिरी ने कहा कि सिंचाई विभाग को नदियों के जलस्तर को देखते हुए बंधों का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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बुधवार की शाम गोर्रा नदी 67.10 मीटर और राप्ती नदी 66.75 मीटर पर बह रही थीं। लाल निशान 70.50 की तरफ तेजी से बढ़ रही नदियों के वेग को देख बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान कटे बंधों पर अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जमीदारी बांध पर मिट्टी फेंकने का कार्य अधूरा है। बाढ़ को लेकर सिंचाई विभाग की तैयारी भी अधूरी दिखी। पिड़रा और गायघाट स्थित बाढ़ चौकियों का ताला तक नहीं खुला है। गोर्रा नदी के जलस्तर से तटवर्ती गांव बहोरा दलतपपुर, नरायनपुर, भीमसेन माझा और राप्ती नदी के किनारे बसे करहकोल, हड़हा, माझा नरायन, नीबा, भेड़ी, सचौली पटवनिया, केवटलिया आदि गांवों के लोगों में कटान का खतरा मंडराने लगा है। एसडीएम सूर्यभान गिरी ने कहा कि सिंचाई विभाग को नदियों के जलस्तर को देखते हुए बंधों का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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