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पति के शव के इंतजार में पत्नी की आंखें पथराई
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:18 PM IST
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सउदी अरब से पति का शव मगाने की गुहार को लेकर गांव के लोगो को साथ कलेक्ट्रेट पहुंची नीतू।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। तीसरी बार सऊदी अरब कमाने गए रामनाथ को क्या पता था, यह उसकी गांव की अंतिम यात्रा होगी। 16 अक्टूबर को रामनाथ की दुर्घटना में मौत हो गई। परिजन तभी से शव आने की टकटकी लगाए हैं। पत्नी की आंखों से आंसू सूख गए हैं।
थाना मदनपुर के गांव अहिरौली के जीवधन यादव का 35 वर्षीय बेटा रामनाथ सऊदी अरब में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। दीपावली के तीन दिन पहले 16 अक्टूबर को रामनाथ की दुर्घटना में मौत हो गई। यह खबर जब उसके साथियों ने फोन से घरवालों को दी तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी नीतू का रो-रो कर बुरा हाल है। नीतू पथराई आंखों से पति के शव आने का इंतजार कर रही है। रामनाथ पत्नी से एक बरस बाद लौटने की बात कही थी, तो दो बेटियों और एक मासूम बेटे से ढेर सारे सामान लाने का वादा किया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। करीब एक महीने होने वाले हैं, न तो सऊदी अरब से शव आया है और न ही कोई संदेश। परिजन परेशान हो उठे। 18 अक्टूबर को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि डीएम ने शव मंगवाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक शव नहीं आया है। परेशान परिजन बुधवार को 11.30 बजे डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट आए। उनके साथ गांव की महिलाएं और पुरुष भी थे। डीएम की गैर मौजूदगी में परिजनों ने एडीएम से भेंट कर सऊदी अरब से शव मंगाने की गुहार लगाई। इस दौरान गोविंद निषाद, रामअशीष यादव, राममिलन भारती, मोहन जायसवाल भी मौजूद रहे।
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थाना मदनपुर के गांव अहिरौली के जीवधन यादव का 35 वर्षीय बेटा रामनाथ सऊदी अरब में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। दीपावली के तीन दिन पहले 16 अक्टूबर को रामनाथ की दुर्घटना में मौत हो गई। यह खबर जब उसके साथियों ने फोन से घरवालों को दी तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी नीतू का रो-रो कर बुरा हाल है। नीतू पथराई आंखों से पति के शव आने का इंतजार कर रही है। रामनाथ पत्नी से एक बरस बाद लौटने की बात कही थी, तो दो बेटियों और एक मासूम बेटे से ढेर सारे सामान लाने का वादा किया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। करीब एक महीने होने वाले हैं, न तो सऊदी अरब से शव आया है और न ही कोई संदेश। परिजन परेशान हो उठे। 18 अक्टूबर को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि डीएम ने शव मंगवाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक शव नहीं आया है। परेशान परिजन बुधवार को 11.30 बजे डीएम से मिलने कलेक्ट्रेट आए। उनके साथ गांव की महिलाएं और पुरुष भी थे। डीएम की गैर मौजूदगी में परिजनों ने एडीएम से भेंट कर सऊदी अरब से शव मंगाने की गुहार लगाई। इस दौरान गोविंद निषाद, रामअशीष यादव, राममिलन भारती, मोहन जायसवाल भी मौजूद रहे।
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