{"_id":"59c3f6ff4f1c1b24688b5c03","slug":"161506014975-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर पति-पत्नी में मारपीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर पति-पत्नी में मारपीट
Updated Thu, 21 Sep 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। दवा कराने जिला अस्पताल पहुंचे पति-पत्नी इमरजेंसी पर किसी बात को लेकर भिड़ गए। दोनों में आधे घंटे तक मारपीट होती रही, लोग तमाशबीन बने रहे। बाद में कुछ लोगों ने मामला शांत कराया। इसके बाद दोनों बिना इलाज कराए लौट गए।
सदर कोतवाली के बरियारपुर गांव के रहने वाले एक दंपती गुरुवार की दोपहर में दवा कराने के लिए जिला अस्पताल आए। यहां दोनों इमरजेंसी के सामने बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आपस में मारपीट करने लगे। कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें? लोगों को दोनों के संबंधों के बारे में भी जानकारी नहीं थी। इसके चलते मौजूद लोग तमाशा ही देखते रहे। आधे घंटे तक दोनों के बीच मारपीट होती रही। बाद में कुछ लोगों ने हिम्मत करके दोनों को अलग कर विवाद शांत कराया। इसके बाद दोनों बिना उपचार कराए ही घर के लिए चले गए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी के पास पुलिस बूथ बना हुआ है, लेकिन यहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यदि यहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मौजूद रहता तो शायद मामला जल्द ही शांत हो गया होता।
विज्ञापन
सदर कोतवाली के बरियारपुर गांव के रहने वाले एक दंपती गुरुवार की दोपहर में दवा कराने के लिए जिला अस्पताल आए। यहां दोनों इमरजेंसी के सामने बैठकर आपस में बातचीत कर रहे थे। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों आपस में मारपीट करने लगे। कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल हो गया। लोग कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें? लोगों को दोनों के संबंधों के बारे में भी जानकारी नहीं थी। इसके चलते मौजूद लोग तमाशा ही देखते रहे। आधे घंटे तक दोनों के बीच मारपीट होती रही। बाद में कुछ लोगों ने हिम्मत करके दोनों को अलग कर विवाद शांत कराया। इसके बाद दोनों बिना उपचार कराए ही घर के लिए चले गए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी के पास पुलिस बूथ बना हुआ है, लेकिन यहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। यदि यहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी मौजूद रहता तो शायद मामला जल्द ही शांत हो गया होता।
विज्ञापन