{"_id":"600873ca8ebc3e30d2693986","slug":"pm-talks-to-the-beneficiary-woman-of-pm-awas-yojana-chitrakutt-news-knp6071727123","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम आवास योजना की लाभार्थी महिला से प्रधानमंत्री ने की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम आवास योजना की लाभार्थी महिला से प्रधानमंत्री ने की बात
विज्ञापन
प्रधानमंत्री से बातचीत करती आवास योजना की लाभार्थी खोह गांव निवासी राजकुमारी। उसके पास बैठा पत?
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। सदर विकास खंड के खोह गांव में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी महिला से बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वार्ता की। इस दौरान महिला ने प्रधानमंत्री के हर सवाल का बेबाकी से जवाब दिया। महिला ने कहा कि निजी आवास बनने से परिवार में खुशहाली आएगी और पानी टपकने की समस्या से भी निजात मिलेगी।
जिला मुख्यालय से सटे खोह गांव में बुधवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पीएम ने महिला लाभार्थी राजकुमारी पत्नी कल्लू से बात की। प्रधानमंत्री ने महिला से पहला सवाल किया कि आवास मिलने से क्या फायदा होगा, तो महिला ने कहा कि आवास बनने से बहुत अच्छा लगेगा। घर में पानी टपकने की समस्या से भी निजात मिलेगा और मेहमान आने पर भी अच्छा लगेगा।
प्रधानमंत्री ने दूसरा सवाल किया कि मकान बनाने के लिए कितनी धनराशि मिलेगी तो महिला ने बताया कि एक लाख 20 हजार रुपये मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने पूछा कि पूरे पैसे मिल जाएंगे या नहीं, इस पर महिला ने कहा कि उसे विश्वास है कि पूरे पैसे मिल जाएंगे। प्रधानमंत्री ने पेयजल के बारे में पूछा कि गांव में पानी की क्या स्थिति है पानी मिलता है या नहीं, तो महिला ने जवाब दिया कि गांव में पानी की बहुत कमी है। गांव में हैंडपंप भी नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
खोह गांव में पीएम आवास योजना की लाभार्थी राजकुमारी जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आवास योजना की प्रशंसा कर रही थी, उसी समय गांव की शकुंतला देवी रो-रोकर बता रहीं थीं कि वह डेढ़ साल से आवास पाने के लिए भटक रही हैं। दूसरी ओर डीएम शेषमणि पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के पांच हजार 728 लाभार्थियों में से 5044 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त में एक लाख 20 हजार रुपये व 18 हजार रुपये मनरेगा के तहत मजदूरी के लिए दिया जाएगा।
शकुंतला देवी पत्नी शिवबरन ने बताया कि उसका एक बार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में पात्रों की सूची में नाम भी आया था, लेकिन जांच अधिकारियों ने अज्ञात कारण वश उसका नाम काट दिया। उसका घर आज भी कच्चा बना हुआ है। बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर ही शकुंतला बेटी व बेटे के साथ डेढ़ साल के शिकायती पत्र, जांच पत्र और पात्रता सूची लेकर पहुंची। कार्यक्रम स्थल में मौजूद डीडीओ और पीडी को महिला ने सारे कागजात दिखाकर पक्के आवास की मांग की।
दूसरी ओर गांव की चुनकी पत्नी बाबूलाल, राजू मिश्रा व आनंद कुमार ने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। इकलौते हैंडपंप के सहारे पानी भरना पड़ता है, जहां घंटों लाइन लगानी पड़ती है। फूलकुमारी पत्नी केशकुमार, चुनकी पत्नी अरविंद ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार आवेदन कर चुके हैं। राजेश लाल व करन ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण के नाम पर घरों में बिजली के मीटर व उपकरण लगा दिए गए, लेकिन आज तक विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण पूरे गांव की गलियों में सफाई करा दी गई है। इसी तरह की सफाई हमेशा बनी रहे तो अच्छा रहेगा।
इस मौके पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आर के सिंह पटेल, उपजिलाधिकारी रामप्रकाश, जिला विकास अधिकारी आर के त्रिपाठी, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्र, डीडीसी मनरेगा दयाराम, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, डीआईओएस बलिराज राम व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से सटे खोह गांव में बुधवार को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पीएम ने महिला लाभार्थी राजकुमारी पत्नी कल्लू से बात की। प्रधानमंत्री ने महिला से पहला सवाल किया कि आवास मिलने से क्या फायदा होगा, तो महिला ने कहा कि आवास बनने से बहुत अच्छा लगेगा। घर में पानी टपकने की समस्या से भी निजात मिलेगा और मेहमान आने पर भी अच्छा लगेगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने दूसरा सवाल किया कि मकान बनाने के लिए कितनी धनराशि मिलेगी तो महिला ने बताया कि एक लाख 20 हजार रुपये मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने पूछा कि पूरे पैसे मिल जाएंगे या नहीं, इस पर महिला ने कहा कि उसे विश्वास है कि पूरे पैसे मिल जाएंगे। प्रधानमंत्री ने पेयजल के बारे में पूछा कि गांव में पानी की क्या स्थिति है पानी मिलता है या नहीं, तो महिला ने जवाब दिया कि गांव में पानी की बहुत कमी है। गांव में हैंडपंप भी नहीं लगे हैं।
विज्ञापन
खोह गांव में पीएम आवास योजना की लाभार्थी राजकुमारी जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आवास योजना की प्रशंसा कर रही थी, उसी समय गांव की शकुंतला देवी रो-रोकर बता रहीं थीं कि वह डेढ़ साल से आवास पाने के लिए भटक रही हैं। दूसरी ओर डीएम शेषमणि पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के पांच हजार 728 लाभार्थियों में से 5044 लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त में एक लाख 20 हजार रुपये व 18 हजार रुपये मनरेगा के तहत मजदूरी के लिए दिया जाएगा।
शकुंतला देवी पत्नी शिवबरन ने बताया कि उसका एक बार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में पात्रों की सूची में नाम भी आया था, लेकिन जांच अधिकारियों ने अज्ञात कारण वश उसका नाम काट दिया। उसका घर आज भी कच्चा बना हुआ है। बुधवार को कार्यक्रम स्थल पर ही शकुंतला बेटी व बेटे के साथ डेढ़ साल के शिकायती पत्र, जांच पत्र और पात्रता सूची लेकर पहुंची। कार्यक्रम स्थल में मौजूद डीडीओ और पीडी को महिला ने सारे कागजात दिखाकर पक्के आवास की मांग की।
दूसरी ओर गांव की चुनकी पत्नी बाबूलाल, राजू मिश्रा व आनंद कुमार ने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। इकलौते हैंडपंप के सहारे पानी भरना पड़ता है, जहां घंटों लाइन लगानी पड़ती है। फूलकुमारी पत्नी केशकुमार, चुनकी पत्नी अरविंद ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। कई बार आवेदन कर चुके हैं। राजेश लाल व करन ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण के नाम पर घरों में बिजली के मीटर व उपकरण लगा दिए गए, लेकिन आज तक विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण पूरे गांव की गलियों में सफाई करा दी गई है। इसी तरह की सफाई हमेशा बनी रहे तो अच्छा रहेगा।
इस मौके पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आर के सिंह पटेल, उपजिलाधिकारी रामप्रकाश, जिला विकास अधिकारी आर के त्रिपाठी, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्र, डीडीसी मनरेगा दयाराम, जिला पंचायत राज अधिकारी राजबहादुर, डीआईओएस बलिराज राम व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मनोज कुमार यादव मौजूद रहे।