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बारिश- ओलावृष्टि गोशालाओं में तैयारियों की खोली पोल
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घुरेटनपुर गांव की गोशाला के निरीक्षण के दौरान प्रधान व सचिव को फटकार लगाते डीएम शेषमणि पांडेय।
- फोटो : CHITRAKUTT
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बारिश व ओलावृष्टि से ठंड बढ़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अस्थायी गोशालाओं में मवेशियों के ठंड से बचाव व अन्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। गोशालाओं में व्यवस्था दुरुस्त न होने से मवेशियों की जान जा रही है। गोशालाओं में दो दिन के अंदर 11 मवेशियों की मौत हो चुकी है। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने भी 11 मवेशियों की मौत की पुष्टि की है।
कई गोशालाओं में जलभराव के साथ कीचड़ भरा हुआ है। आरोप है कि मवेशियों की मौत के बाद शव आसपास के क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। इससे दुर्गंध से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, बारिश व ओलावृष्टि के बाद अस्थाई गोशालाएं, जहां टीनशेड नहीं बने हैं, वहां के मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
शुक्रवार को कई स्थानों की गोशालाओं में मवेशियों की मौत व बीमार होने की जानकारी के बाद शनिवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व सीडीओ डा. महेंद्र कुमार ने गोशालाओं का निरीक्षण किया। वहीं पशु विभाग के डाक्टर गोशाओं में बीमार पशुओं का इलाज किया।
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जिले के कर्वी मानिकपुर मऊ, पहाड़ी, और रामनगर ब्लाक अंतर्गत 270 पशु आश्रय केंद्र है, जिसमें 27 हजार 495 मवेशी रखे गए हैं। जिसकी व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व सीडीओ महेंद्र कुमार ने गोशालाओं का निरीक्षण कर जानकारी दी। अलाव जलाने के निर्देश भी दिए गए है।
मऊ क्षेत्र व बरगढ़ क्षेत्र के कई गोशालाओं जिसमें हरदी कला, लपाओ, गाहुर व अन्य स्थानों पर खुली गोशालाओं के मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुुंचाकर अलाव आदि जलाए गए। शनिवार को बरगढ़ गोशाला के पास एक और चितरा गोकुलपुर की गोशाला में एक मवेशी की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक बीमार हैं।
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कई गोशालाओं में जलभराव के साथ कीचड़ भरा हुआ है। आरोप है कि मवेशियों की मौत के बाद शव आसपास के क्षेत्र में फेंक दिया जाता है। इससे दुर्गंध से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, बारिश व ओलावृष्टि के बाद अस्थाई गोशालाएं, जहां टीनशेड नहीं बने हैं, वहां के मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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शुक्रवार को कई स्थानों की गोशालाओं में मवेशियों की मौत व बीमार होने की जानकारी के बाद शनिवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व सीडीओ डा. महेंद्र कुमार ने गोशालाओं का निरीक्षण किया। वहीं पशु विभाग के डाक्टर गोशाओं में बीमार पशुओं का इलाज किया।
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जिले के कर्वी मानिकपुर मऊ, पहाड़ी, और रामनगर ब्लाक अंतर्गत 270 पशु आश्रय केंद्र है, जिसमें 27 हजार 495 मवेशी रखे गए हैं। जिसकी व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व सीडीओ महेंद्र कुमार ने गोशालाओं का निरीक्षण कर जानकारी दी। अलाव जलाने के निर्देश भी दिए गए है।
मऊ क्षेत्र व बरगढ़ क्षेत्र के कई गोशालाओं जिसमें हरदी कला, लपाओ, गाहुर व अन्य स्थानों पर खुली गोशालाओं के मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुुंचाकर अलाव आदि जलाए गए। शनिवार को बरगढ़ गोशाला के पास एक और चितरा गोकुलपुर की गोशाला में एक मवेशी की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक बीमार हैं।