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बबुली गैंग के तीन बदमाश दबोचे गए
अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:25 PM IST
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किसान ललित सिंह के अपहरण के मामले में मप्र पुलिस ने बबुली कोल गैंग के दो बदमाश और एक मददगार को कुंडरा जुड़वानी गांव से दबोचा है। एक बदमाश, किसान के साथ बंटाई पर खेती करता है और रुपयों के लालच में यह वारदात की है।
रीवा एसपी ललित शाक्यवार ने बताया कि 24 जनवरी की रात जिले की सीमा से सटे समेरिया (मप्र) के कटाई गांव में किसान ललित सिंह का अपहरण साढे़ पांच लाख रुपये के इनामी डाकू बबुली कोल और उसकी गैंग ने किया था। इस मामले में कटाई के पड़ोसी गांव कुंडरा जुड़वानी निवासी वीरू उर्फ दीपक कोल पुत्र गोरेलाल, रामू उर्फ रामचरन कोल पुत्र छेलीलाल और चित्रकूट के थाना मानिकपुर के नागर निवासी दादू लाल कोल पुत्र रामहित को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि वीरू, ललित सिंह के साथ बंटाई पर लेकर खेती कराता है।
रुपयों के लालच में उसने गांव के रामू और दादू कोल के साथ मिलकर ललित के अपहरण की साजिश रची। इन लोगों ने डाकू बबुली कोल और उसकी गैंग को भी इसमें शामिल किया। क्योंकि बबुली कोल गैंग की ये तीनों पहले भी मदद करते रहे हैं। 24 जनवरी की रात ये तीनों बबुली कोल गैंग के लवलेश कोल, पंजाबी उर्फ चंदई कोल के साथ ललित के घर पहुंचे। तीनों ने योजना के अनुसार ललित का अपहरण किया और उसे जंगल की ओर ले गए। जंगल पहुंचकर दादू लाल कोल वहीं रुक गया, जबकि रामू और वीरू गांव लौट आए। डाकुओं ने ललित के परिजनों से पचास लाख की फिरौती मांगी थी। पांच लाख में बात पक्की हुई। ललित के घर लौटने के बाद से पुलिस इन तीनों की तलाश में थी।
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सर्विलांस व मुखबिर से मिली जानकारी के बाद तीनों की रेकी की गई। मंगलवार को तीनों के कुंडरा जुड़वानी गांव के पास ही होने की सूचना पर पुलिस छापा मारा। फिर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के अनुसार पकड़े गए रामू और दीपू तो गैंग के अस्थायी सदस्य हैं, जबकि वीरू गैंग का मददगार था।
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रीवा एसपी ललित शाक्यवार ने बताया कि 24 जनवरी की रात जिले की सीमा से सटे समेरिया (मप्र) के कटाई गांव में किसान ललित सिंह का अपहरण साढे़ पांच लाख रुपये के इनामी डाकू बबुली कोल और उसकी गैंग ने किया था। इस मामले में कटाई के पड़ोसी गांव कुंडरा जुड़वानी निवासी वीरू उर्फ दीपक कोल पुत्र गोरेलाल, रामू उर्फ रामचरन कोल पुत्र छेलीलाल और चित्रकूट के थाना मानिकपुर के नागर निवासी दादू लाल कोल पुत्र रामहित को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि वीरू, ललित सिंह के साथ बंटाई पर लेकर खेती कराता है।
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रुपयों के लालच में उसने गांव के रामू और दादू कोल के साथ मिलकर ललित के अपहरण की साजिश रची। इन लोगों ने डाकू बबुली कोल और उसकी गैंग को भी इसमें शामिल किया। क्योंकि बबुली कोल गैंग की ये तीनों पहले भी मदद करते रहे हैं। 24 जनवरी की रात ये तीनों बबुली कोल गैंग के लवलेश कोल, पंजाबी उर्फ चंदई कोल के साथ ललित के घर पहुंचे। तीनों ने योजना के अनुसार ललित का अपहरण किया और उसे जंगल की ओर ले गए। जंगल पहुंचकर दादू लाल कोल वहीं रुक गया, जबकि रामू और वीरू गांव लौट आए। डाकुओं ने ललित के परिजनों से पचास लाख की फिरौती मांगी थी। पांच लाख में बात पक्की हुई। ललित के घर लौटने के बाद से पुलिस इन तीनों की तलाश में थी।
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सर्विलांस व मुखबिर से मिली जानकारी के बाद तीनों की रेकी की गई। मंगलवार को तीनों के कुंडरा जुड़वानी गांव के पास ही होने की सूचना पर पुलिस छापा मारा। फिर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के अनुसार पकड़े गए रामू और दीपू तो गैंग के अस्थायी सदस्य हैं, जबकि वीरू गैंग का मददगार था।