फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   The secret of the five murders that opened with lashes

झोलों से खुल रहा पांच हत्याओं का रहस्य

Wed, 26 Apr 2017 11:00 PM IST
चित्रकूट
चित्रकूट Updated Wed, 26 Apr 2017 11:00 PM IST
विज्ञापन
The secret of the five murders that opened with lashes
Demo Pic - फोटो : google
चित्रकूट/राजापुर। दो दिन में चार बच्चों समेत पांच शव एक दशा में मिलने से जिले में ही नहीं, आस-पास के कई मंडलों में हड़कंप मचा है। इस निर्मम हत्याकांड की गुत्थी देर शाम को लगभग सुलझने के करीब पहुंच चुकी है।
विज्ञापन

घटनास्थल से लगभग 15 किलोमीटर दूर अर्जुनपुर-कंधवनिया मार्ग पर बुधवार को मिले दो झोले पुलिस के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन दोनों झोलों में मृतकों के नाप के ही कपड़े, खिलौने मिले हैं। उसी में एक पैन कार्ड की फोटो कापी मिली। यह कार्ड अवान गांव के अवधेश यादव का है। उसी कागज के पीछे गुजरात, बिहार, राजापुर व गांव के कई मोबाइल नंबर लिखे हैं। बस यहीं से पुलिस को सुराग मिला और जांच आगे बढ़ी। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि पांचों शव एक ही परिवार के होने की पूरी संभावना है। बरामद दो बैग से मिली सामग्री मृतकों की ही लगती है। किसी चार पहिया वाहन से ही यह पांचों शव एक रात में फेेंके गए इसके बाद अर्जुनपुर मार्ग से आते-जाते दोनों झोले गिर गए।  बैग में मिले पैन कार्ड की फोटो कापी के आधार पर जांच हो रही है। संभव है कि यह कार्ड जानबूझकर फेंका गया हो।
विज्ञापन




इनसेट
अवधेश यादव पर टिका है खुलासा
चित्रकूट। पूरी कहानी कुछ इस प्रकार सामने आ रही है। अवधेश यादव निवासी अवान शादीशुदा है। उसकी ससुराल सगवारा में है। उसके दस साल से कोई संतान नहीं है। वह गुजरात के किसी जिले में काम करता है। उधर, महिला बिहार की है। वह भी शादीशुदा है और अपने पति व बच्चों के साथ गुजरात में रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच दोस्ती होने पर महिला ने गांव चलने की जिद की। जिस पर वह 18 अप्रैल को महिला व बच्चों को लेकर गांव आया लेकिन गांव न जाकर वह राजापुर में किसी किराए के घर में रहा। इसी दौरान यह दर्दनाक घटना हुई है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि कहानी तो यही है लेकिन इसकी पुष्टि अवधेश के पकड़े जाने पर ही

होगी। अवधेश घर से गायब है उसके परिजनों ने बताया कि वह नहीं आया है। यहां तक कि वह गुजरात में भी नहीं है। ऐसे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। आशंका है कि किसी तीसरे चौथे ने मिलकर कहीं अवधेश को भी न रास्ते से हटाया हो। पूरे मामले में अवान के अवधेश के परिजन कोई जानकारी नहीं दे रहे। उनके घर के सदस्य कुुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। परिजनों ने इतना जरूर कहा कि जबतक वह नहीं मिल जाता तबतक कुछ भी कहना गलत है।  


 
इनसेट
मध्य वर्गीय परिवार की लग रही महिला
राजापुर। मृतका ने नई साड़ी पहनी थी। उसके गले में मंगलसूत्र, नाक व कान में पीली धातु के कंगन, चूड़ी आदि थी। जिससे लगा कि महिला किसी मध्यम वर्गीय परिवार की होगी। मृतका व एक दिन पहले मिले बच्चों के चेहरों मेें काफी समानता भी मिली।

इनसेट
बोरे में भरे गए पत्थर
राजापुर। घटनास्थल पर डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी  पहुंचे। इसके बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी भी पहुंची। दोनों ने तीनों घटनास्थल का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि मंगलवार को सिकरों व अवान गांव के पास से दो बोरों में चार बच्चों के शव मिले थे। बुधवार को अवान तालाब में महिला का बोरे मेें शव मिला। इसके बाद डीआईजी ने राजापुर थानाध्यक्ष को नियमित गश्त आदि में लापरवाही पर लाइन हाजिर कर दिया।


इनसेट
मंडलायुक्त व आईजी पहुंचे घटनास्थल
राजापुर। देर शाम को थानाक्षेत्र के घटनास्थल का मंडलायुक्त अजय शुक्ला और आईजी जोन केएस प्रताप ने निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने घटना का जल्द खुलासा करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed