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रंगदारी को लेकर मजदूरों को पीटा

Thu, 30 Apr 2015 10:09 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट।
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट। Updated Thu, 30 Apr 2015 10:09 PM IST
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Rngdari about workers beaten

सड़क निर्माण में रंगदारी मांगने आए बदमाशों ने बुधवार की देर रात मजदूरों की जमकर पिटाई की और धमकी देकर चले गए। खेत ताक रहे एक किसान ने गिरोह के सदस्यों पर टार्च की रोशनी मार दी, जिस पर बदमाशों ने उसे जमकर पीटा। इस दौरान चार लोगों के अपहरण की अफवाह रही। एसपी ने बताया कि अभी स्पष्ट नहीं है।

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बदमाशों की संख्या के आधार पर बलखड़िया गिरोह के होने की संभावना है। मानिकपुर थाना के पाकदिलपुर गिदुरहा में बरदहा नदी पुल से गांव तक जिला पंचायत सड़क बनवा रही है।
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सड़क बनाने वाले मजदूर पंचायत भवन में टिके हैं। बुधवार रात लगभग 11 बजे एक चौपहिया वाहन से करीब एक दर्जन बदमाश आ धमके और निर्माण की साइट के पास आराम कर रहे मजदूरों को काम बंद करने की धमकी दी। कहा कि जब तक ठेकेदार पैसा नहीं देता, काम बंद रहेगा।
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इसके बाद बदमाशों ने मजदूरों की पिटाई कर वहां से भाग जाने को कहा। जाते समय खेत ताक रहे किसान अडगर पीटर (40) पुत्र पीटर जोसेफ ने टार्च से रोशनी मार दी, जिससे गुस्साए बदमाशों उसको जमकर पीटा। पीटर ने थाने में इसकी तहरीर दी है।

वहीं गांव में अफवाह फैली कि बदमाश चार ग्रामीणों का अपहरण कर ले गए हैं लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।  पता चला कि ग्रामीणों को रास्ता बताने के लिए बदमाश साथ में ले गए थे और छोड़ दिया। दहशत की वजह से कोई ग्रामीण मुंह खोलने को तैयार नहीं है।

प्रभारी निरीक्षक मानिकपुर ने किसान के साथ मारपीट की बात की पुष्टि की है। कहा कि अपहरण की बात गलत है। एसपी पवन कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि पैसे की मांग को लेकर बदमाशों ने मजदूरों को धमकाया है।

अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि किसने यह घटना की है।  जिस तरह डकैतों की संख्या और असलहों की संख्या बताई जा रही है, उससे यह बलखड़िया का ही काम लग रहा है। सीओ सिटी श्रीपाल यादव की अगुवाई में कांबिंग की जा रही है।

एसपी ने कहा कि गैंग की मदद करने या वाहन मुहैया कराने वाले को भी छोड़ा नहीं जाएगा। पता किया जा रहा है कि किसने गैंग को वाहन मुहैया कराया था। एक नाम सामने आया है।


एसपी ने कहा कि वह कुछ जरूरी कामों में उलझे थे और इस वजह से गैंग की गतिविधियों में ध्यान नहीं दे पाए थे। जितनी फोर्स की जरूरत है, उतना फोर्स जंगल में नहीं भेज पा रहे हैं। छोटी टुकड़ियों की कांबिंग का ज्यादा असर नहीं होता। 

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