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Chandauli News: असली में नकली नोट मिलाकर चलाने के आरोप में चार गिरफ्तार
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चहनिया। बलुआ पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले गिरोह के भंडाफोड़ का दावा किया है। पुलिस ने चार लोगों को नकली नोट की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से 200 रुपये के नकली नोट की 58 गडि्डयां बरामद हुई हैं। दो सौ रुपये के चार असली नोट मिले हैं। पुलिस के अनुसार नकली नोट चलाने पर 30 प्रतिशत कमीशन मिलता था। चारों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बलुआ थाने के प्रभारी निरीक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्र ने बताया कि नकली नोट चलने की शिकायत मिल रही थी। सोमवार की शाम सूचना मिली कि कुछ लोग नकली नोट लेकर इलाके में घूम रहे हैं। इस पर रमौली गांव में टेढ़ी पुलिया के पास पुलिस पहुंची। इस बीच दो बाइक आते हुए दिखी। रुकने का इशारा करने पर बाइक सवार भागने लगे। पीछा कर बाइक सवार अरविंद राजभर निवासी सराय थाना देवगांव, आजमगढ़, सरताज आलम निवासी धानापुर, चंदौली, पवन यादव निवासी सिपावां मुस्तफाबाद, थाना सैदपुर, गाजीपुर और अब्दुल बुरूज निवासी जे 14/119 काजी सहदुल्लापुर, थाना जैतपुरा वाराणसी को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 58 गड्डी 200 रुपये के नकली नोट, चार नोट असली दो सौ रुपये के, चार मोबाइल फोन और दो बाइक बरामद हुई। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया।
पकड़े गए चारो आरोपी खुद नकली नोट खपाते थे। साथ ही क्षेत्रीय लोगों को कमीशन का लालच देकर नकली नोट चलवाते थे। थानाध्यक्ष डॉ. आशीष मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे असली नोटों के बीच में नकली नोट लगाकर लोगों को दे देते हैं। कुछ लोगों को पहले असली नोट देते हैं और बताते हैं कि यह नकली नोट है। इसे आप मार्केट में आसानी से चला सकते हैं। इससे लोगों को विश्वास जम जाता है। इसका फायदा उठाकर वे असली की जगह नकली नोट देते हैं। वे लोग नोटों की जो गड्डी लोगों को देते हैं, उसके दोनों किनारों पर असली नोट लगे हैं। बीच में पूरी नोट चूरन वाली होती है। वे लोग पूरे बंडल को सफेद पारदर्शी टेप से बाइंडिंग कर देते हैं। इससे मौके पर लोग बंडल को खोल नहीं पाते हैं और उनको वहां से भागने का मौका मिल जाता है। काम हो जाने पर उनको 30 प्रतिशत कमीशन मिलता है।
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बलुआ थाने के प्रभारी निरीक्षक डॉ. आशीष कुमार मिश्र ने बताया कि नकली नोट चलने की शिकायत मिल रही थी। सोमवार की शाम सूचना मिली कि कुछ लोग नकली नोट लेकर इलाके में घूम रहे हैं। इस पर रमौली गांव में टेढ़ी पुलिया के पास पुलिस पहुंची। इस बीच दो बाइक आते हुए दिखी। रुकने का इशारा करने पर बाइक सवार भागने लगे। पीछा कर बाइक सवार अरविंद राजभर निवासी सराय थाना देवगांव, आजमगढ़, सरताज आलम निवासी धानापुर, चंदौली, पवन यादव निवासी सिपावां मुस्तफाबाद, थाना सैदपुर, गाजीपुर और अब्दुल बुरूज निवासी जे 14/119 काजी सहदुल्लापुर, थाना जैतपुरा वाराणसी को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से 58 गड्डी 200 रुपये के नकली नोट, चार नोट असली दो सौ रुपये के, चार मोबाइल फोन और दो बाइक बरामद हुई। उन्होंने बताया कि सभी आरोपियों का चालान कर दिया गया।
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पकड़े गए चारो आरोपी खुद नकली नोट खपाते थे। साथ ही क्षेत्रीय लोगों को कमीशन का लालच देकर नकली नोट चलवाते थे। थानाध्यक्ष डॉ. आशीष मिश्र ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे असली नोटों के बीच में नकली नोट लगाकर लोगों को दे देते हैं। कुछ लोगों को पहले असली नोट देते हैं और बताते हैं कि यह नकली नोट है। इसे आप मार्केट में आसानी से चला सकते हैं। इससे लोगों को विश्वास जम जाता है। इसका फायदा उठाकर वे असली की जगह नकली नोट देते हैं। वे लोग नोटों की जो गड्डी लोगों को देते हैं, उसके दोनों किनारों पर असली नोट लगे हैं। बीच में पूरी नोट चूरन वाली होती है। वे लोग पूरे बंडल को सफेद पारदर्शी टेप से बाइंडिंग कर देते हैं। इससे मौके पर लोग बंडल को खोल नहीं पाते हैं और उनको वहां से भागने का मौका मिल जाता है। काम हो जाने पर उनको 30 प्रतिशत कमीशन मिलता है।
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